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लुधियाना : प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने लॉन्च की जज संधू की किताब ‘महकदा गुलाब’

लुधियाना में प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने पंजाबी लोक गायक और लेखक जज संधू की किताब ‘महकदा गुलाब’ लॉन्च की। किताब फाजिल्का के कंध वाला हजार खान में बाबा बुल्ले शाह की यादगार और मेले के इतिहास पर आधारित है।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाबी लोक गायक और लेखक जज संधू की लिखी पुस्तक ‘महकदा गुलाब’ का लुधियाना में विमोचन पंजाबी लोक विरासत अकादमी के चेयरमैन प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने किया। पुस्तक फाजिल्का जिले के सीमावर्ती गांव कंध वाला हजार खान में बनी बाबा बुल्ले शाह की यादगार और वहां आयोजित होने वाले वार्षिक मेले के इतिहास एवं पृष्ठभूमि पर केंद्रित है।

किताब के विमोचन के अवसर पर प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने कहा कि बाबा बुल्ले शाह पंजाबी लोक विरासत की साझा पहचान और सबसे ऊंची मीनार हैं। उन्होंने कहा कि कंध वाला हजार खान में बाबा बुल्ले शाह की याद में बनी यादगार और वहां लगने वाला मेला दोनों देशों की सांझी पंजाबी विरासत को जोड़ने वाले मजबूत पुल की तरह हैं। उन्होंने कहा कि ‘महकदा गुलाब’ इस विरासत के इतिहास को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रो. गिल ने बताया कि उन्होंने फाजिल्का के सीमावर्ती गांव में लगने वाले बाबा बुल्ले शाह मेले के बारे में पहले सरदार जगदेव सिंह जस्सोवाल से सुना था, लेकिन इस पुस्तक के माध्यम से उन्हें मेले के इतिहास और इसके पीछे की कहानी के बारे में विस्तार से जानकारी मिली।

पुस्तक के लेखक जज संधू ने कहा कि इस विषय पर किताब लिखने की इच्छा उनके मन में बचपन से थी। उनके अनुसार, उनके दोस्त और युवा फिल्म निर्माता प्रीत सिंधु की प्रेरणा से यह काम पूरा हो सका।

किताब में दी गई जानकारी के अनुसार, 1947 में विस्थापन के बाद बाबा बुल्ले शाह से जुड़े गांव जिया बग्गा से आए बापू गुलाब सिंह संधू कई बार पंडो की में बाबा जी की समाधि पर गए। वर्ष 1970 में वह वहां से एक ईंट लेकर आए और गांव के सहयोग से कंध वाला हजार खान में बाबा बुल्ले शाह की यादगार का निर्माण करवाया। इसके अगले वर्ष से यहां वार्षिक बाबा बुल्ले शाह यादगार मेले की शुरुआत हुई।

बताया गया कि करीब तीन से चार एकड़ क्षेत्र में बनी इस यादगार में एक मंच और पक्का पंडाल मौजूद है। जज संधू ने कहा कि सरदार जगदेव सिंह जस्सोवाल पिछले करीब 10 से 15 वर्षों से लगातार इस मेले में पहुंच रहे हैं और इसकी सरपरस्ती करते आ रहे हैं। बापू गुलाब सिंह जिया बग्गा का परिवार और गांव के लोग मिलकर इस मेले का आयोजन करते हैं।

जज संधू ने बताया कि प्रसिद्ध लोक गायक उस्ताद लाल चंद यमला जट्ट ने भी इसी मेले में अपनी आखिरी गायन प्रस्तुति दी थी।

इस अवसर पर जज संधू के साथ पहुंचे उनके दोस्त और युवा फिल्म निर्माता प्रीत सिंधु ने बताया कि गांव कंध वाला हजार खान के लेखक सुरजीत सिंह संधू द्वारा लिखे दो गीत जज संधू की आवाज में और इमदाद अली के संगीत निर्देशन में रिलीज किए गए हैं। इन गीतों की फिल्मांकन भी प्रीत सिंधु ने किया है।

बहरीन की महिला को SGPC सराय में VIP ट्रीटमेंट? बलजिंदर कौर ने बादल से मांगा जवाब

बहरीन निवासी महिला के श्री आनंदपुर साहिब की SGPC सराय में लंबे समय तक ठहरने को लेकर AAP विधायक बलजिंदर कौर ने सुखबीर बादल और हरसिमरत बादल से सवाल किए। जानिए पूरा मामला।

लुधियाना / सत्ता संदेश

आम आदमी पार्टी पंजाब की चीफ व्हिप और विधायक प्रो. बलजिंदर कौर ने श्री आनंदपुर साहिब की SGPC सराय में बहरीन निवासी महिला के लंबे समय तक ठहरने को लेकर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल से सवाल किए हैं। उन्होंने पूछा कि महिला के रहने, वाहन, ड्राइवर और कथित विशेष सुविधाओं का इंतजाम किसने किया और SGPC तथा अकाली नेताओं के समक्ष शिकायतें रखे जाने के बावजूद उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

यह मामला उस FIR से जुड़ा है, जो 21 अगस्त को आनंदपुर साहिब पुलिस ने महिला की शिकायत पर पूर्व SGPC सदस्य और अकाली नेता अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज की थी। महिला ने अपनी शिकायत में दुष्कर्म, कथित बंधक बनाए जाने और धमकी के आरोप लगाए हैं। चावला ने आरोपों को खारिज किया है। मामले की जांच जारी है।

बलजिंदर कौर ने कहा कि SGPC सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं से गहराई से जुड़ी संस्था है। उन्होंने सवाल उठाया कि आम श्रद्धालुओं के लिए SGPC की सराय में ठहरने के नियमों के बीच एक महिला इतने लंबे समय तक वहां कैसे रही। उन्होंने पूछा कि उसके रहने का खर्च किसने उठाया, उसे आवास किसने उपलब्ध कराया, ड्राइवर और अन्य सुविधाएं किसने दीं और उसे कथित VIP ट्रीटमेंट क्यों मिला।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, FIR में महिला के SGPC की सराय में 27 फरवरी से 16 अगस्त 2026 तक रहने का उल्लेख है। SGPC ने इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति भी गठित की है, जिसे अपनी रिपोर्ट 15 दिनों में देने को कहा गया है।

बलजिंदर कौर ने सुखबीर सिंह बादल से सवाल करते हुए कहा कि यदि SGPC के कामकाज पर बादल परिवार के प्रभाव को लेकर इतने सवाल उठते रहे हैं, तो उन्हें सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए कि महिला को सराय में रहने की सुविधा किसने उपलब्ध कराई और इस पूरे मामले की जानकारी किन लोगों को थी।

उन्होंने हरसिमरत कौर बादल की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। बलजिंदर कौर ने कहा कि हरसिमरत बादल ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी सक्रियता की बात कही है, इसलिए इस मामले में भी उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला ने कई अकाली और SGPC नेताओं के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं। बलजिंदर कौर ने सवाल किया कि यदि शिकायतें पहले से सामने आई थीं, तो संबंधित संस्थाओं और पदाधिकारियों ने उस समय क्या कार्रवाई की।

इस बीच, SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने मामले की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। SGPC ने अतिरिक्त हेड ग्रंथी मलकीत सिंह की सेवाएं भी समाप्त की हैं और अमरजीत सिंह चावला का SGPC सदस्य के पद से इस्तीफा स्वीकार किया है।

बलजिंदर कौर ने मांग की कि इस पूरे मामले में महिला के लंबे समय तक SGPC परिसर में रहने, उसे उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और उसकी शिकायतों पर हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि सामने आ रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब मिल सके।