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Ludhiana Jail : NHRC स्पेशल मॉनिटर ने सेंट्रल, बोरस्टल और महिला जेल का किया दौरा

NHRC स्पेशल मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल ने लुधियाना की सेंट्रल, बोरस्टल और महिला जेल का दौरा किया। कैदियों की शिकायतों के लिए कंप्लेंट रजिस्टर और खाने की गुणवत्ता सुधारने का सुझाव दिया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) के स्पेशल मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल ने अपने निर्धारित दौरा कार्यक्रम के तहत लुधियाना की सेंट्रल जेल, बोरस्टल जेल और महिला जेल का दौरा किया। इस दौरान जिला सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर वरिंदर सिंह टिवाना, जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर रश्मि और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

दौरे के दौरान स्पेशल मॉनिटर ने तीनों जेलों में कैदियों के लिए उपलब्ध खाने-पीने की सुविधाओं का जायजा लिया और जेल सुपरिटेंडेंट के साथ बैठक कर कैदियों की समस्याओं और सुविधाओं को लेकर चर्चा की।

बाल कृष्ण गोयल ने जेल प्रशासन को जेलों में छोटे-छोटे सुधार लगातार करते रहने और खाने की गुणवत्ता को और बेहतर करने पर जोर दिया। उन्होंने बोरस्टल जेल में रह रहे बच्चों के लिए स्किल डेवलपमेंट कोर्स करवाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने महिला जेल में बंद महिलाओं के लिए अचार बनाने, मेहंदी लगाने सहित विभिन्न तरह की वोकेशनल ट्रेनिंग उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया, ताकि जेल से बाहर आने के बाद वे इन हुनरों के जरिए अपना काम शुरू कर सकें।

स्पेशल मॉनिटर ने कैदियों से मुलाकात और उनकी जमानत से संबंधित मामलों में होने वाली संभावित देरी को लेकर भी जानकारी ली। उन्होंने जेल प्रशासन को ऐसी छोटी-मोटी समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जेल प्रशासन को सुझाव दिया कि कैदियों की शिकायतों और समस्याओं को दर्ज करने के लिए हर महीने जेल में एक ‘कंप्लेंट रजिस्टर’ उपलब्ध करवाया जाए। कैदियों को अपनी शिकायतें और दिक्कतें इस रजिस्टर में दर्ज करवाने की सुविधा देने की बात कही गई।

दौरे के बाद बाल कृष्ण गोयल ने दोराहा स्थित चिल्ड्रन होम का भी दौरा किया और वहां बच्चों की काउंसलिंग की। इसके अलावा दोराहा के हेवनली पैलेस स्थित ओल्ड एज होम पहुंचकर बुजुर्गों का हालचाल जाना। उन्होंने स्थानीय स्टाफ से मुलाकात की और वहां उपलब्ध खाने-पीने की सुविधाओं का भी जायजा लिया।

MY Bharat ने देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम आयोजित किया

MY Bharat चंडीगढ़ ने देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम आयोजित किया। 212 युवाओं ने नशे से दूर रहने की शपथ ली।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

MY Bharat चंडीगढ़ की ओर से देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन, सेक्टर-45 में ‘नशा मुक्ति शपथ चक्र एवं हस्ताक्षर अभियान’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 212 युवा छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर नशे और मादक पदार्थों से दूर रहने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के MY Bharat द्वारा शुरू किए गए 100 सप्ताह लंबे ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान’ का हिस्सा था। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के खिलाफ राष्ट्रीय जागरूकता अभियान से जोड़ना और उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के सक्रिय दूत के रूप में तैयार करना है।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘नशा मुक्ति शपथ चक्र एवं हस्ताक्षर अभियान’ रहा। इसमें 212 युवाओं ने सामूहिक रूप से नशे से दूर रहने की शपथ ली और अभियान के समर्थन में हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी, चंडीगढ़ विनय कुमार ने कहा कि 100 सप्ताह लंबा ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान’ एक राष्ट्रव्यापी युवा-नेतृत्व वाला अभियान है। उन्होंने कहा कि अभियान का संदेश कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों और समुदायों तक पहुंचाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने साथियों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान युवा संवाद, नारा लेखन और अन्य जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे एवं मादक पदार्थों के दुरुपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका के बारे में जागरूक किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन के सहयोग से किया गया। इसमें कॉलेज के विद्यार्थियों, शिक्षकों और MY Bharat स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। आयोजकों के अनुसार, यह पहल युवाओं को स्वस्थ, जिम्मेदार और नशामुक्त समाज के निर्माण के सामूहिक संकल्प से जोड़ने की दिशा में एक प्रयास है।

पानी ही सभ्यता, समृद्दि और सामाजिक समानता और पर्यावरण के कल्याण का है आधार- अर्चना वर्मा

जल की कमी से जल के प्रति मज़बूती तक

– श्रीमती अर्चना वर्मा

पानी हमारी सभ्यता, समृद्धि, खाद्य सुरक्षा, सामाजिक समानता और पर्यावरण के कल्याण का आधार है। फिर भी, इस पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। जलवायु परिवर्तन बारिश के पैटर्न को बदल रहा है, बाढ़ और सूखे की स्थिति को गंभीर बना रहा है, ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार बढ़ा रहा है और अचानक बहुत ज़्यादा बारिश या सूखे जैसी चरम घटनाओं की आवृत्ति में भी इताफा कर रहा है। पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आई बाढ़, बादल फटने की घटनाओं और भूस्खलन इस बात का संकेत हैं कि पानी से जुड़े जोखिम अब दूर की बात नहीं रह गए हैं।

ऐसे में जब नई दिल्ली 22-26 सितंबर के दौरान “जलवायु अनुकूल जल प्रबंधन” थीम के तहत 9वें इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक (आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू-2026) की मेज़बानी करने की तैयारी कर रही है, तो सवाल यह नहीं है कि क्या जल प्रणालियों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने की ज़रूरत है। सवाल यह है कि वे कितनी तेज़ी से और कितनी व्यापक रूप से ऐसा कर सकती हैं।

भारत के लिए, विकसित भारत @2047 की यात्रा में जल सुरक्षा एक अहम हिस्सा है। अगर जल संसाधन कमज़ोर, प्रदूषित या खराब तरीके से प्रबंधित रहते हैं, तो समावेशी समृद्धि लंबे समय तक नहीं बनी रह सकती। इसके लिए एकीकृत प्रबंधन की ज़रूरत है, जलग्रहण क्षेत्र से लेकर उपभोक्ता तक और स्रोत से लेकर सुरक्षित पुनर्पयोग तक।

हमारे सामने चुनौतियां

भारत की जल संबंधी चुनौतियाँ आपस में जुड़ी हुई हैं। अनियमित बारिश से जल की कमी और विनाशकारी अधिकता दोनों उत्पन्न होती हैं और ऐसी घटनाएं कभी-कभी एक ही क्षेत्र में भी देखने को मिलती है। भूजल का स्तर घटने से कृषि और पेयजल आपूर्ति खतरे में हैं, तीव्र शहरीकरण से जल की मांग बढ़ती है, जबकि पुनर्भरण क्षेत्र कम होते जाते हैं और प्रदूषण से सुरक्षित रूप से उपयोग होने वाले योग्य जल की मात्रा घट जाती है। पुरानी अवसंरचना, प्रतिस्पर्धी मांगें और असमान क्षमता इस दबाव को और बढ़ा देती हैं।

कोई एक उपाय इस चुनौती का समाधान नहीं कर सकता। जल का प्रबंधन जलग्रहण क्षेत्रों, नदियों, जलभंडारों, जलाशयों, खेतों, शहरों, उद्योगों और समुदायों की एक समन्वित प्रणाली के रूप में किया जाना चाहिए। इसके लिए संरक्षण, संवर्धन, दक्षता, अवसंरचना, डेटा, विनियमन और जनभागीदारी को समन्वित करना बेहद ज़रुरी है।

भारत ने यह बदलाव पहले ही शुरू कर दिया है। जल संचय जन भागीदारी: कैच द रेन अभियान में समुदायों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल निकायों के पुनरुद्धार के केंद्र में रखा गया है। इसका संदेश- बारिश का पानी, जहां है, वहीं संचित करें और जब गिरे, तब संचित करें, यह मानता है कि जब नागरिक, स्थानीय निकाय, किसान और पंचायतें सरकार के साथ मिलकर काम करते हैं, तो जल सुरक्षा और मजबूत होती है।

इस प्रयास में कृषि मुख्य भूमिका निभाती है। पानी का सबसे बड़ा उपभोक्ता होने के नाते, कृषि क्षेत्र सूक्ष्म-सिंचाई, खेत पर बेहतर जल प्रबंधन और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत “हर खेत को पानी” और “हर बूंद पर अधिक फसल” जैसे व्यापक लक्ष्यों के ज़रिए अधिक कुशल और जलवायु-अनुकूल बन सकता है। इसी तरह, भूजल प्रबंधन में वैज्ञानिक मूल्यांकन, भूजल भंडार की समझ, मांग प्रबंधन और समुदाय-आधारित योजना को शामिल किया जा सकता है।

जल के लिए एक नया समझौता

भारत अपनी जल प्रणालियों की सुरक्षा, निगरानी और पारिस्थितिक स्वास्थ्य को भी मजबूत कर रहा है। बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 और बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना खासकर पुराने होते बुनियादी ढांचे, अनियमित जल प्रवाह और चरम मौसम की घटनाओं के बीच, बांधों की सुरक्षा और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए एक संस्थागत और इंजीनियरिंग ढांचा प्रदान करते हैं।

नेशनल हाइड्रोलॉजी प्रोजेक्ट, समय पर और भरोसेमंद जल-संसाधन डेटा और निर्णय लेने में मदद करने वाले टूल्स के ज़रिए जल प्रबंधन के डिजिटल आधार को मज़बूत कर रहा है। बेहतर डेटा से पूर्वानुमान लगाने, जलाशय के संचालन, बाढ़ प्रबंधन और बेसिन की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ नदियों को बहाल करने का काम भी होना चाहिए। ‘नमामि गंगे’ ने प्रदूषण कम करने के काम को गंगा के संरक्षण और पुनरुद्धार से जोड़ा है। हमारी भविष्य की कोशिशों में गंदे पानी के ट्रीटमेंट, इकोलॉजिकल फ्लो, सहायक नदियों, वेटलैंड्स, नॉन-पॉइंट प्रदूषण और नदी के प्राकृतिक कार्यों को बहाल करने पर लगातार ध्यान दिया जा सकता है।

भारत के पास चक्रीय जल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का भी मौका है। सही गुणवत्तापूर्ण मानकों और सुरक्षा उपायों के साथ, ट्रीट किए गए गंदे पानी का इस्तेमाल उद्योगों, खेती, बागवानी, निर्माण, लैंडस्केपिंग और म्युनिसिपल सेवाओं में पीने के अलावा दूसरे कामों के लिए किया जा सकता है। इससे ताज़े पानी की ज़रुरत पर दबाव कम हो सकता है, शहरों की क्षमता बेहतर हो सकती है और संसाधनों को फिर से हासिल किया जा सकता है।

जल प्रबंधन स्थानीय और प्रोजेक्ट-विशेष कार्यों से आगे बढ़कर, पूरे बेसिन के स्तर पर एकीकृत प्लानिंग की ओर बढ़ सकता है। सतह और भूजल में तालमेल का प्रबंधन, ऊपर और नीचे के इलाकों के बीच सहयोग, आधुनिक अवसंरचना, मांग संबंधी प्रबंधन और बेसिन के बीच सावधानी से किए गए कार्यों से मज़बूती, बराबरी और पर्यावरण की अखंडता को बढ़ावा मिल सकता है।

आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू-2026 से क्या उम्मीदें हैं

आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू -2026 एक अहम समय पर हो रहा है। यह नीतिनिर्माताओं, वैज्ञानिकों, काम करने वालों, नई सोच रखने वालों, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को एक साथ एक मंच पर लाएगा। इसके लिए अधिवेशनों, देश-स्तरीय फ़ोरम, तकनीकी सत्र, प्रदर्शनी और दूसरी अंतरराष्ट्रीय डब्ल्यूएएसएच कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। इसके एजेंडे में शहरों में बाढ़, डिजिटल तकनीक, भूजल, नदियों की मज़बूती और जलवायु के अनुसार ढलने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

यह कार्यक्रम साझेदारी, बड़े पैमाने पर लागू होने वाले समाधान और ऐसे वादे करने का मंच बन सकता है, जिन्हें मापा जा सके। तीन नतीजों पर खास ध्यान देने की ज़रूरत है।

पहला, यह हाइड्रोलॉजिकल फोरकास्टिंग यानी पानी से जुड़े पूर्वानुमान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्लेशियर झील के फटने से आने वाली बाढ़ की निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग, पानी की गुणवत्ता की बेहतर निगरानी और डिजिटल बेसिन मॉडलिंग के ज़िम्मेदार इस्तेमाल को बढ़ावा दे सकता है। तकनीक उस वक्त सबसे ज़्यादा काम की होती है, जब वह काबिल संस्थाओं और स्थानीय जानकारी के साथ मिलकर काम करती है।

दूसरा, यह चक्रीय वेस्टवॉटर प्रणाली और पानी के दोबारा इस्तेमाल के व्यावहारिक मॉडल को बड़े पैमाने पर लागू करने में मदद कर सकता है। इसके लिए सही मानक, भरोसेमंद कामकाज, साफ संस्थागत ज़िम्मेदारी और टिकाऊ फाइनेंसिंग की ज़रूरत होगी। इनके डेमो शहर, औद्योगिक क्लस्टर, खेत और ग्रामीण बस्तियों के लिए ऐसे मॉडल बन सकते हैं, जिन्हें दूसरी जगहों पर भी अपनाया जा सके।

तीसरा, आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू-2026 वैज्ञानिक संस्थाओं, बिज़नेस, सरकारी एजेंसियों और ग्राम पंचायतों के बीच की दूरी को कम कर सकता है। मिश्रित फाइनेंसिंग, नतीजों पर आधारित निवेश, निजी-सार्वजनिक साझेदारी और सामुदायिक स्वामित्व से नवाचार को लैब और पायलट प्रोजेक्ट से निकालकर रोज़मर्रा के कामकाज में शामिल करने में मदद मिल सकती है।

भारत में पानी से जुड़ी चुनौती का कोई एक समाधान नहीं है। कई स्थितियों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की अहमियत बनी रहेगी, जबकि स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण, एक्विफर को रिचार्ज करना, संरक्षण और व्यवहार में बदलाव भी उतने ही ज़रूरी हैं। कमज़ोर शासन की भरपाई तकनीक से नहीं हो सकती और सामुदायिक भागीदारी बेहतर इंजीनियरिंग की जगह नहीं ले सकती। असल विकास अवसरंचना, संस्थाओं, विज्ञान और जन-भागीदारी को एक साथ लाने में ही है।

जलवायु से जुड़ी चुनौतियां हमारे सामूहिक संकल्प की परीक्षा लेती है। फिर भी, वैज्ञानिक सटीकता, दूरदर्शी नीतियां, जवाबदेह संस्थाएं और समुदायों की सार्थक भागीदारी पानी को कमज़ोरी के स्रोत से बदलकर टिकाऊ समृद्धि का ज़रिया बना सकती हैं। आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू-2026 के ज़रिए भारत पूरी दुनिया से अपील करता है कि सब मिलकर सहयोग, नवाचार और साझा प्रयासों से एक ऐसे भविष्य का निर्माण करें, जो पानी के मामले में सुरक्षित हो, जलवायु के लिहाज़ से मज़बूत हो और सभी के लिए न्यायपूर्ण हो।

(लेखक जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग में सचिव हैं।)

फरीदाबाद : राष्ट्रीय रोजगार मेले की 20वीं कड़ी का आयोजन, 91 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

फरीदाबाद / सत्ता संदेश

राष्ट्रीय रोजगार मेले की 20वीं कड़ी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में नव-नियुक्त युवाओं को 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए। प्रधानमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से नव-नियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

फरीदाबाद में राष्ट्रीय रोजगार मेले का आयोजन सीजीएसटी आयुक्तालय, फरीदाबाद की ओर से राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी (NACIN), फरीदाबाद में किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर कृष्ण पाल गुर्जर ने सीबीडीटी (राजस्व विभाग), डाक विभाग, सीआईएसएफ, वित्तीय सेवा विभाग, एमओएसपीआई और ईपीएफओ सहित विभिन्न विभागों में चयनित 91 नव-नियुक्त उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

कार्यक्रम में फरीदाबाद जिले से हरियाणा विधानसभा के सदस्य, फरीदाबाद नगर निगम के महापौर एवं कमिश्नर, सीजीएसटी फरीदाबाद तथा विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए कृष्ण पाल गुर्जर ने नव-नियुक्त कर्मियों को बधाई दी और रोजगार सृजन, नवाचार, प्रौद्योगिकी तथा नागरिक-केंद्रित शासन पर सरकार के जोर को रेखांकित किया। उन्होंने युवाओं से अपने दायित्वों का निर्वहन समर्पण, सत्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना के साथ करने का आह्वान किया।

उन्होंने नव-नियुक्त कर्मचारियों को निरंतर सीखने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

NHRC Special Monitor Bal Krishna Goyal Ludhiana Visit: स्कूल ऑफ एमिनेंस, राशन डिपो और ऑब्जर्वेशन होम का निरीक्षण

NHRC के स्पेशल मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल ने लुधियाना में स्कूल ऑफ एमिनेंस, राशन डिपो और ऑब्जर्वेशन होम का निरीक्षण किया। बच्चों की काउंसलिंग कर उन्हें अच्छा नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) के स्पेशल मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल तीन दिवसीय दौरे पर लुधियाना पहुंचे। 19 से 21 सितंबर तक चलने वाले दौरे के दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी संस्थानों और सेवाओं का निरीक्षण किया तथा बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रबंधों की समीक्षा की।

दौरे के दौरान बाल कृष्ण गोयल ने लोकल मॉडल टाउन स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस का निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्कूल के RO सिस्टम में खराबी सामने आने पर उन्होंने इसे तुरंत ठीक करवाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

इसके बाद NHRC स्पेशल मॉनिटर ने पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत आने वाले राशन डिपो का भी निरीक्षण किया। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था की समीक्षा की और व्यवस्था पर संतोष जताया।

बाल कृष्ण गोयल ने ऑब्जर्वेशन होम का दौरा कर वहां रह रहे बच्चों से बातचीत की और उनकी काउंसलिंग की। उन्होंने बच्चों को शिक्षा और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने तथा एक अच्छा नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।

ऑब्जर्वेशन होम में बच्चों द्वारा की जा रही आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया गया। इसके अलावा, वहां रह रहे एक पाकिस्तानी बच्चे के संबंध में भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।

दौरे के दौरान बाल कृष्ण गोयल ने खन्ना पुलिस जिले का भी दौरा किया और SSP खन्ना दर्पण अहलूवालिया के साथ बैठक की। इस दौरान उनके अधीन आने वाले आठ पुलिस स्टेशनों के कामकाज और विभिन्न मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए।

NHRC स्पेशल मॉनिटर के तीन दिवसीय दौरे में राशन डिपो, पुलिस स्टेशन, सरकारी स्कूल एवं रेजिडेंशियल स्कूल, जिला अस्पताल, CHC, PHC, ऑब्जर्वेशन होम, आंगनवाड़ी सेंटर, वन स्टॉप सेंटर, जेल, CCI, प्लेस ऑफ सेफ्टी, SAA और ओल्ड एज होम सहित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण प्रस्तावित है। साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ भी बैठकें की जाएंगी।

बाल कृष्ण गोयल ने विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रबंधों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघन के मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने लोगों से भी अपील की कि यदि उनके मानवाधिकारों का किसी भी तरह उल्लंघन होता है तो वे इसके खिलाफ आवाज उठाएं और मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।

लुधियाना :आप का चुनावी अभियान शुरू, सीएम भगवंत मान ने जारी किया ऐलान; घर-घर पहुंचेंगे कार्यकर्ता
  • CM भगवंत सिंह मान ने चुनाव का पर्चा लॉन्च किया; AAP के लाखों कार्यकर्ता इसे घर-घर पहुँचाएंगे
  • कांग्रेस, अकाली दल या BJP को वोट देना हर परिवार के लिए खतरनाक होगा: CM भगवंत सिंह मान
  • अकाली-BJP गठबंधन 3 काले कृषि कानून लाने और पंजाब का पानी हरियाणा-राजस्थान को देने की शर्त पर बना है: CM भगवंत सिंह मान
  • BJP के सत्ता में आते ही केंद्र सरकार चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी पर कब्ज़ा कर लेगी: CM भगवंत सिंह मान
  • उनके सत्ता में आते ही पंजाब में फिर से ड्रग्स बिकने लगेंगे और बिना रिश्वत के सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी: CM भगवंत सिंह मान
  • ये पार्टियां किसानों को मुफ्त बिजली, नहर का पानी या दिन में बिजली नहीं देंगी: CM भगवंत सिंह मान
  • वे महिलाओं के लिए ₹1,000 की मदद, हेल्थ इंश्योरेंस, मोहल्ला क्लीनिक, बुजुर्गों के लिए तीर्थयात्रा और पेंशन बंद कर देंगे: CM भगवंत सिंह मान
  • हमने सरकारी स्कूलों को ठीक करने के लिए कड़ी मेहनत की, ये पार्टियां उन्हें फिर से बर्बाद कर देंगी: CM भगवंत सिंह मान
  • टोल प्लाज़ा वापस आ जाएंगे और वे SSF को बंद कर देंगे, जिसने पहले ही हजारों लोगों की जान बचाई है: CM भगवंत सिंह मान
  • उनकी सरकारों ने सरकारी कंपनियां बेचीं, जबकि हमने थर्मल पावर प्लांट खरीदे: CM भगवंत सिंह मान
  • भगवंत सिंह मान पंजाब के पहले बेदाग मुख्यमंत्री हैं
  • पंजाब का नारा: ‘फिर एक बार, भगवंत मान की ईमानदार सरकार’

लुधियाना / सत्ता संदेश

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को लुधियाना में AAP का चुनावी पर्चा लॉन्च किया। उन्होंने लोगों से पार्टी की निष्ठा से ऊपर उठकर सोचने और पंजाब के सामने मौजूद विकल्पों को परिवारों और राज्य के भविष्य पर उनके असर के आधार पर परखने की अपील की। ​​कांग्रेस, अकाली दल और BJP पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन पारंपरिक पार्टियों के सत्ता में लौटने से मुफ्त बिजली, किसानों के लिए नहर का पानी, दिन में बिजली की सप्लाई, बिना रिश्वत के सरकारी नौकरी, महिलाओं को आर्थिक मदद, हेल्थकेयर, सरकारी स्कूलों और सोशल सिक्योरिटी के क्षेत्र में हुई तरक्की खतरे में पड़ जाएगी। अपनी सरकार के 19 टोल प्लाज़ा बंद करने, सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) के ज़रिए 2,700 से ज़्यादा लोगों की जान बचाने और थर्मल पावर प्लांट खरीदने के रिकॉर्ड का ज़िक्र करते हुए, CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि AAP के लाखों कार्यकर्ता घर-घर जाकर यह पैम्फलेट बांटेंगे और उन्होंने पंजाब के लोगों से एक बार फिर ईमानदार सरकार का समर्थन करने की अपील की। ​​इस दौरान AAP के सीनियर नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, AAP पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा, कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और राज्य कार्यकारी अध्यक्ष अमनशेर सिंह शेरी कलसी भी मौजूद थे।

इस कार्यक्रम की कुछ झलकियां शेयर करते हुए, CM भगवंत सिंह मान ने X पर कहा: “आज लुधियाना में पैम्फलेट लॉन्च करते समय मैंने लोगों के साथ कुछ ज़रूरी बातें साझा कीं। हमारी सरकार ने 19 टोल प्लाज़ा बंद किए हैं, SSF के ज़रिए 2,700 से ज़्यादा लोगों की जान बचाई है और थर्मल पावर प्लांट खरीदने जैसी पहल की हैं, जिनका हमने अपनी गारंटियों में वादा भी नहीं किया था। पंजाब पर 75 साल तक राज करने वाली पारंपरिक पार्टियों ने राज्य को ड्रग्स और बेरोज़गारी के अलावा कुछ नहीं दिया। अगर ये लोग सत्ता में वापस आए, तो वे आपकी मुफ़्त बिजली, आम आदमी क्लीनिक, नहर का पानी और बिना रिश्वत के मिलने वाली सरकारी नौकरियां बंद कर देंगे। इसलिए, पार्टी को न देखें; उस चीज़ का साथ दें जो आपके परिवार के उज्ज्वल भविष्य के हित में हो। पंजाब का अब एक ही नारा है: एक बार फिर पूरी तरह ईमानदार सरकार। इंकलाब ज़िंदाबाद।”

एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए, CM भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग उन सरकारों का हिस्सा थे जिनके कार्यकाल में ड्रग्स की समस्या बढ़ी, वे अब खुद को इसका समाधान बताने की कोशिश कर रहे हैं। पंजाब के लोगों को अच्छी तरह याद है और वे राजनीतिक बयानबाज़ी और ज़मीनी स्तर पर हुए असली काम के बीच फ़र्क समझते हैं। जो लोग पंजाब में ड्रग्स लाए थे, वे अब नशा मुक्ति यात्रा निकाल रहे हैं।”

बीजेपी के रुख पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा, “बीजेपी यह दावा कैसे कर सकती है कि वह पंजाब को ड्रग्स से मुक्त कर देगी, जबकि वह उस सिस्टम का हिस्सा रही है जिसके तहत यह समस्या इतनी बढ़ गई?” बीजेपी पर और निशाना साधते हुए, उन्होंने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी का ज़िक्र किया और कहा, “ड्रग्स की समस्या को राजनीतिक ड्रामेबाज़ी से हल नहीं किया जा सकता। बीजेपी को पंजाब के लोगों को जवाब देना होगा कि मुंद्रा पोर्ट पर क्या हुआ था। वह पंजाब में यात्रा लेकर आकर यह उम्मीद नहीं कर सकती कि लोग सब कुछ भूल जाएंगे।”

इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आपकी भागीदारी एक ‘रंगला पंजाब’ (खुशहाल और जीवंत पंजाब) देखने की आपकी इच्छा को दर्शाती है। आप पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से एक ही सपने के साथ आए हैं – पंजाब को फिर से ‘रंगला’ बनाना। हमारे उठाए गए हर कदम से फ़र्क पड़ता है और हमें लोगों की और ज़्यादा जोश के साथ सेवा करने का आत्मविश्वास मिलता है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ज़ोर देकर कहा, “यह एक संगठनात्मक बैठक है, न कि कोई पारंपरिक राजनीतिक रैली। आम आदमी पार्टी के अनुशासन ने हमें ज़मीनी स्तर पर एक मज़बूत संगठन बनाने में मदद की है। अब हम अपने काम को सीधे लोगों तक ले जाएंगे और न केवल उन गारंटियों के बारे में बताएंगे जिन्हें हमने पूरा किया है, बल्कि उन पहलों के बारे में भी बताएंगे जो हमारे मूल चुनावी वादों में शामिल नहीं थीं। हम लोगों के पास जाएंगे और उन्हें बताएंगे कि हमने क्या किया है, हमने अपनी गारंटियों से हटकर क्या किया है, और फिर उनसे पूछेंगे कि वे हमसे और क्या करवाना चाहते हैं।”

लोगों के हित में कई पहलों का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने 19 टोल प्लाज़ा बंद किए हैं, जिससे पंजाब के लोगों की रोज़ाना लगभग ₹64 लाख की बचत हुई है। साथ ही, हमने चलने-लायक सड़कें बनाने और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया है।”

सड़क सुरक्षा बल (SSF) का ज़िक्र करते हुए भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “पंजाब में पहले हर साल सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 5,400 लोगों की मौत होती थी। बाद में ये मौतें घटकर लगभग 2,700 रह गई हैं।” SSF के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सड़क सुरक्षा बल (SSF) का गठन लोगों की भलाई के लिए लिया गया एक बड़ा फ़ैसला था। इस बल को 142 टोयोटा हिलक्स गाड़ियाँ दी गई हैं। SSF के कर्मचारियों ने दुर्घटना के शिकार लोगों की कीमती चीज़ें, जैसे गहने और नकद, सुरक्षित रखने और उन्हें वापस करने में भी मदद की है। वे पीड़ितों और उनके सामान का पूरा रिकॉर्ड रखते हैं ताकि उन्हें उनके परिवारों तक आसानी से पहुँचाया जा सके।”

किसान मेले में आने वाले लोगों से खेती के क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर ध्यान देने का आग्रह करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं किसान मेले में आने वाले सभी लोगों से अपील करता हूँ कि वे पंजाब की खेती में हो रहे बदलावों को ध्यान से देखें।”

भूजल के स्तर में कमी के मुद्दे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “भूजल पर बहुत ज़्यादा निर्भरता के कारण खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। नहरों से सिंचाई का दायरा बढ़ाकर इस स्थिति को बदला जा सकता है। नहर का पानी पंजाब की फ़सलों के लिए देसी घी जैसा है। अगर किसानों को नहर का पर्याप्त पानी मिले, तो पैदावार बढ़ेगी और खेती टिकाऊ बनेगी। वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने तेज़ी से कम हो रहे भूजल के नतीजों के बारे में चेतावनी दी है।”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गांवों से आ रही अच्छी खबरों का ज़िक्र करते हुए कहा, “नहर के पानी की पाइपलाइन बिछाने के बाद गांवों से भूजल स्तर बढ़ने की अच्छी खबरें मिल रही हैं। यह एक सकारात्मक संकेत है।”

उन्होंने आगे कहा, “पानी के वितरण के लिए लगभग 14,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। यह दूरी पंजाब और वैंकूवर के बीच की भौगोलिक दूरी के बराबर है। नहर से हज़ारों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और सरकार ‘सीचेवाल मॉडल’ से प्रेरित होकर जल संरक्षण के उपाय लागू कर रही है।”

2022 में AAP सरकार के कैबिनेट के पहले फैसले को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “2022 में AAP सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में पात्र परिवारों को 1 जुलाई 2022 से 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का फैसला किया गया था। इसके बाद हमने पंजाब के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत किया, जिसमें गोइंदवाल साहिब थर्मल पावर प्लांट का अधिग्रहण भी शामिल है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की कोयला आपूर्ति पर भी प्रकाश डालते हुए कहा, “झारखंड की पचवाड़ा कोयला खदान से कोयले की आपूर्ति की जा रही है। इन उपायों से पंजाब की बिजली व्यवस्था मज़बूत हुई है।”

रोज़गार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने लगभग 71,000 सरकारी नौकरियां दी हैं। भर्तियां पारदर्शी तरीके से और मेरिट के आधार पर की गई हैं। युवा कर्मचारी मुझसे व्यक्तिगत रूप से मिले हैं और बिना किसी को पैसे दिए सरकारी नौकरी मिलने पर उन्होंने खुशी ज़ाहिर की है। पहले सरकारी भर्तियां राजनीतिक प्रभाव और उस समय के नेताओं को रिश्वत देने से जुड़ी होती थीं।”

पंजाब की पहचान और विकास के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम नहीं चाहते कि पंजाब लंदन या कैलिफोर्निया की नकल करे। हम राज्य की अपनी आर्थिक, सांस्कृतिक और खेल संबंधी पहचान को बहाल करना चाहते हैं। पंजाब सरकार पंजाब को ऐसा राज्य बनाना चाहती है जहां लोग खेलें, ज़िंदगी का जश्न मनाएं और सम्मान के साथ जिएं।”

‘खेडन वतन पंजाब दियां’ का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “‘खेडन वतन पंजाब दियां’ ने अलग-अलग पीढ़ियों को एक साथ लाया है, जिसमें दादा-दादी, माता-पिता और पोते-पोतियां खेल गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।”

महिलाओं के कल्याणकारी कार्यक्रमों का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हालांकि पात्र महिलाओं को ₹1,000 देने का वादा किया गया था, लेकिन अनुसूचित जाति (SC) समुदायों की महिलाओं को लागू योजना के तहत ₹1,500 मिल रहे हैं।” कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “विपक्षी पार्टियों को राज्य सरकार की सिर्फ़ आलोचना करने के बजाय जनता के सामने अपने कार्यक्रम रखने चाहिए। क्या आपने कभी इन पार्टियों को पंजाब की भलाई और समस्याओं के बारे में बात करते देखा है? वे सिर्फ़ मुझे बुरा-भला कहना चाहते हैं, लेकिन उन्हें लोगों को यह बताना चाहिए कि वे पंजाब के लिए क्या करेंगे।”

एसएडी (SAD) नेता सुखबीर बादल की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें राज्य की भौगोलिक स्थिति की बुनियादी जानकारी भी नहीं है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने हजूर साहिब में सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “लोकतंत्र या समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।”

इसके बाद, घटना से जुड़े राजनीतिक बयानों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “राजनीतिक फायदे के लिए आस्था और राजनीति को नहीं मिलाना चाहिए। धार्मिक संस्थानों और भावनाओं का सम्मान हमेशा बना रहना चाहिए।”

पंजाब की समस्याओं का समाधान कर रही सरकार को न बदलने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अपनी बीमारी का इलाज कर रहे डॉक्टर को न बदलें। हमारी सरकार को अब प्रशासन का कई वर्षों का अनुभव हो गया है और हमने जन-सेवाएं देना सीख लिया है।”

इस उदाहरण को विस्तार से समझाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अगर कोई डॉक्टर आपकी बीमारी का इलाज कर रहा है, तो आप डॉक्टर को क्यों बदलेंगे?” उन्होंने शिक्षा में सुधारों का ज़िक्र किया और कहा कि पंजाब का प्रदर्शन पहले की तुलना में बहुत बेहतर हुआ है। उन्होंने ‘हीरो मेन्स एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026’ की मेज़बानी के लिए पंजाब की तैयारियों पर भी प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में आयोजित किया जाएगा; लीग-स्टेज के मैच जालंधर में और सेमी-फ़ाइनल व फ़ाइनल मोहाली में होंगे। इस टूर्नामेंट से पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी आएगी और युवा खिलाड़ियों को अपने घरेलू मैदान पर उच्च-स्तरीय मुक़ाबले देखने और उनका अनुभव करने का मौक़ा मिलेगा।”

लोगों को गुमराह करने वाले डिजिटल कंटेंट से सावधान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चेतावनी दी, “लोगों को गुमराह करने वाले वीडियो और सोशल-मीडिया कंटेंट के प्रति सतर्क रहना चाहिए। राजनीतिक अभियान अब फ़ेक वीडियो फैलाने के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का ज़्यादा इस्तेमाल करेंगे।”

AAP के राजनीतिक सफ़र को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब हमारी सरकार बनी थी तो कई लोगों ने कहा था कि हम नए हैं, इसके बावजूद हमने उल्लेखनीय काम किए। अब हम पंजाब में लगभग 5 साल से सत्ता में हैं। अब हम जानते हैं कि इसे नंबर 1 कैसे बनाना है। शिक्षा के क्षेत्र में हम इसे देश में 27वें स्थान से पहले स्थान पर ला चुके हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “AAP का संगठनात्मक सफ़र यह दिखाता है कि जब लोग किसी ज़मीनी राजनीतिक आंदोलन पर भरोसा करते हैं, तो वह आगे बढ़ सकता है। लोगों की इच्छा के अनुसार, ‘झाड़ू’ राज्य की राजनीतिक व्यवस्था की सफ़ाई करती रहेगी।” पूरे राज्य में चलाए जा रहे अभियान के अगले चरण के बारे में बताते हुए CM भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह राज्य-व्यापी अभियान अब सरकार के कामों को सीधे लोगों तक पहुंचाएगा और उनसे राय लेगा कि और क्या करने की ज़रूरत है। सरकार का मुख्य ध्यान पंजाब की खेती, युवाओं, शिक्षा, रोज़गार, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे, खेल और कल्याण पर रहेगा। पंजाब का भविष्य वहां के लोगों और उसकी अपनी ताकतों से तय होना चाहिए।”

अपनी बात खत्म करते हुए CM भगवंत सिंह मान ने ज़ोर देकर कहा, “पंजाब को सिर्फ़ नारों की ज़रूरत नहीं है; उसे काम, पारदर्शिता और एक साफ़ दिशा की ज़रूरत है। राज्य सरकार पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए काम करती रहेगी।”

इस बीच, AAP पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा, “हमें भगवंत मान को फिर से पंजाब का मुख्यमंत्री बनाना है। साढ़े चार साल तक भगवंत मान सरकार ने ज़बरदस्त काम किया, लेकिन BJP ने हमें रोकने के लिए ED, CBI और अपने पास मौजूद हर साधन का इस्तेमाल किया। इन सबके बावजूद, पंजाब आगे बढ़ा है। पंजाब को और आगे ले जाने के लिए, हमें AAP सरकार की सत्ता में वापसी की ज़रूरत है।”

मनीष सिसोदिया ने आगे कहा, “पंजाब के लोग उस बुरे दौर को भूले नहीं हैं। वे उस पिछली सरकार को नहीं भूले हैं जिसके समय में ‘बेअदबी’ हुई थी और उस सरकार को भी नहीं जिसके राज में ड्रग्स की समस्या पनपी थी।”

उन्होंने कहा, “लोग कह रहे हैं कि भगवंत मान सरकार एक ‘गारंटी-प्लस सरकार’ है। सरकार न सिर्फ़ लोगों से की गई गारंटियों को पूरा कर रही है, बल्कि वादे से कहीं ज़्यादा काम भी कर रही है।”

मनीष सिसोदिया ने आगे कहा, “पंजाब में AAP संगठन मज़बूत है। हर कार्यकर्ता, नेता और MLA घर-घर जाकर भगवंत मान को एक बार फिर पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम करेगा।”

वहीं, AAP पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा, “पहले सरकारें ऐसी स्थिति में पहुँच जाती थीं कि कुछ सालों बाद लोग नेताओं को अपने इलाकों में घुसने तक नहीं देते थे। लेकिन भगवंत मान सरकार ने इतना काम किया है कि लोग अब भगवंत मान को फिर से मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “पिछले 15 सालों में सत्ता में रही हर सरकार अब पंजाब के सामने नाटक कर रही है। लोग उनसे एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि जब वे सत्ता में थे, तभी तो ‘चिट्टा’ लोगों के घरों तक पहुँचा था।”

अमन अरोड़ा ने ज़ोर देकर कहा, “लेकिन AAP सरकार ने लोगों के हित में कई बेहतरीन नीतियां लागू की हैं, जिनमें मुफ़्त बिजली, सरकारी नौकरियां वगैरह शामिल हैं। जब से भगवंत मान सरकार सत्ता में आई है, पंजाब के हर परिवार को हर महीने ₹15,000 का फ़ायदा मिल रहा है।”

CM भगवंत सिंह मान ने पैम्फलेट जारी किया

क्या आप कांग्रेस, अकाली दल या BJP को वोट देने के बारे में सोच रहे हैं? गलती से भी उन्हें वोट न दें। उन्हें वोट देना आपके और आपके परिवार के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। अगर ये पार्टियां सत्ता में आती हैं:

  1. वे आपकी मुफ्त बिजली बंद कर देंगी। आपको फिर से हजारों रुपये के बिल भरने होंगे।
  2. अकाली और BJP सरकार के मंत्री नशा बेचते थे। अगर वे वापस आते हैं, तो पंजाब में फिर से खुलेआम नशा बिकेगा।
  3. वे सभी आम आदमी क्लीनिक बंद कर देंगी।
  4. वे हमारी माताओं और बहनों के उन खातों को बंद कर देंगी जिनमें हर तीन महीने में ₹3,000 या ₹4,500 आते हैं।
  5. CM भगवंत मान आपके खेतों तक नहर का पानी लाए। ये पार्टियां उस नहर के पानी को राजस्थान और हरियाणा को बेच देंगी।
  6. CM भगवंत मान ने खेती के लिए दिन में बिजली देना शुरू किया। अगर आप उन्हें वोट नहीं देते हैं, तो आपको बिजली के इंतजार में फिर से पूरी रात जागना पड़ेगा।
  7. वे उस कार्ड को बंद कर देंगी जिससे प्राइवेट अस्पतालों में ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
  8. वे बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा और पेंशन बंद कर देंगी।
  9. भगवंत मान ने सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। ये पार्टियां सभी स्कूलों को फिर से बर्बाद कर देंगी।
  10. अगर ये पार्टियां सत्ता में आती हैं, तो आपको सरकारी नौकरियों के लिए फिर से रिश्वत देनी होगी। भगवंत मान ने बड़ी मुश्किल से सरकारी नौकरियों के लिए रिश्वतखोरी खत्म की थी।

हर पार्टी के मुख्यमंत्रियों पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं, लेकिन CM भगवंत मान पर एक भी आरोप नहीं लगा है। भगवंत मान पूरी तरह ईमानदार हैं। इस बार पार्टी को न देखें; अपने परिवार को देखें। भगवंत मान को वोट दें और उन्हें मुख्यमंत्री बनाएं। ‘फिर एक बार, भगवंत मान की ईमानदार सरकार’।

बीजेपी और अकाली दल के बीच गठबंधन हुआ है। सूत्रों का कहना है कि यह गठबंधन इन शर्तों पर हुआ है: बीजेपी संसद में खेती से जुड़े उन तीन “काले” कानूनों को फिर से लाएगी और इस बार अकाली दल उनका समर्थन करेगा। पंजाब का पानी हरियाणा और राजस्थान को दिया जाएगा। बीजेपी की केंद्र सरकार चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेगी।

इन पार्टियों ने 75 सालों में क्या किया? उन्होंने पंजाब को आतंकवाद, ड्रग्स, सूखे खेत, गरीबी, बेरोजगारी, टूटे-फूटे स्कूल और खराब हालत वाले अस्पताल दिए। उनके नेताओं ने अपने बच्चों को लंदन और कनाडा में पढ़ाया, जबकि आपके बच्चों को टूटे-फूटे स्कूलों में भेजा। उन्होंने अपना इलाज अमेरिका में करवाया, जबकि आपके अस्पतालों में दवाइयों और डॉक्टरों की कमी रही। रेत, शराब, केबल और ट्रांसपोर्ट समेत हर कारोबार पर उनका पूरा कब्ज़ा है। पंजाब के लोगों का पैसा सीधे उनकी जेब में गया।