ब्रेकिंग न्यूज़
NHRC Human Rights Quiz 2026: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने घोषित किए 10 विजेता, ₹15,000 का प्रथम पुरस्कार

NHRC ने मानवाधिकार क्विज-2026 के 10 विजेताओं की घोषणा की। आरती महाजन को ₹15,000, रितिका को ₹10,000 और तूबा बेनज़ीर को ₹5,000 का पुरस्कार मिला।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश
: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने अपने ऑनलाइन ‘मानवाधिकार क्विज-2026: जीवन, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा का उत्सव’ के 10 विजेताओं की घोषणा कर दी है। आयोग के 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस क्विज में देशभर के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। यह प्रतियोगिता 1 सितंबर से 10 अक्टूबर, 2026 तक मायगॉव (MyGov) के सहयोग से आयोजित की गई थी।

इस क्विज का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को मानवाधिकारों, मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 (PHRA) तथा देश में मानवाधिकारों की रक्षा और संवर्धन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की भूमिका, शक्तियों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था।

आरती महाजन को पहला पुरस्कार, रितिका दूसरे स्थान पर

प्रतियोगिता में आरती महाजन ने प्रथम स्थान हासिल करते हुए 15,000 रुपये का पुरस्कार जीता। वहीं, रितिका को दूसरे स्थान के लिए 10,000 रुपये और तूबा बेनज़ीर को तीसरे स्थान के लिए 5,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया।

इसके अलावा सात प्रतिभागियों को 2,000 रुपये प्रत्येक के सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया। इनमें आदित्य गुप्ता, तरुण, रानी मंडल, बसंत कुमार महतो, लिख्त कुमार ए और दीपिका मदासु के नाम शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी में सात सांत्वना पुरस्कारों के लिए छह नाम ही दिए गए हैं।

26,459 लोगों ने लिया क्विज में हिस्सा

NHRC के अनुसार, इस ऑनलाइन क्विज को 1,67,127 लोगों ने देखा, जबकि 26,459 प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लोगों ने भागीदारी की। प्रतिभागियों में सबसे बड़ी संख्या 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की रही। राज्यवार भागीदारी के मामले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सबसे आगे रहे।

5,753 प्रतिभागियों ने हासिल किए पूरे अंक

क्विज में 5,753 प्रतिभागियों ने 15 में से 15 अंक प्राप्त किए। इनमें से 10 विजेताओं का चयन मायगॉव की टीम ने प्रतियोगिता के नियमों और शर्तों के अनुसार लॉटरी के माध्यम से किया। प्रतिभागियों को 300 सेकंड यानी पांच मिनट के भीतर अधिकतम 15 प्रश्नों के उत्तर देने थे।

इस पहल के माध्यम से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं, को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करने और जीवन, स्वतंत्रता, समानता तथा गरिमा जैसे मूलभूत मूल्यों की समझ को मजबूत करने का प्रयास किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *