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Guru Ramdas Ji Parkash Purab: अमृतसर एयरपोर्ट पर फूलों की सेवा शुरू, देश-विदेश से आने वाली संगतों का होगा भव्य स्वागत

श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर अमृतसर एयरपोर्ट में फूलों की सेवा शुरू हुई। 25 से 30 प्रकार के फूलों से सजावट और संगतों के भव्य स्वागत की तैयारी।

अमृतसर / सत्ता संदेश

चौथे पातशाह साहिब श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व को समर्पित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फूलों की सेवा शुरू कर दी गई है। इस विशेष अवसर पर हवाई अड्डे को 25 से 30 प्रकार के खूबसूरत फूलों से सजाया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से अमृतसर पहुंचने वाली संगतों और यात्रियों का भव्य स्वागत किया जा सके।

गुरु साहिब के चरणों में अरदास करने के बाद फूलों की सजावट की सेवा आरंभ की गई। सेवादारों के अनुसार, हवाई अड्डे के अराइवल और डिपार्चर एरिया के साथ-साथ इमिग्रेशन काउंटरों तथा अन्य प्रमुख स्थानों को भी फूलों से सजाया जा रहा है।

हवाई अड्डे पर गुरु साहिबान के स्वरूप और सचखंड श्री हरमंदिर साहिब का विशाल मॉडल भी स्थापित किया गया है, जो यहां पहुंचने वाली संगतों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।

दिल्ली और कोलकाता से आए कारीगर भी सेवा में जुटे

इस सेवा में देश-विदेश से लाए गए 25 से 30 प्रकार के फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सेवादारों, श्रद्धालुओं और दिल्ली व कोलकाता से आए कारीगरों के सहयोग से सजावट का कार्य किया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य अमृतसर पहुंचने वाली संगतों का फूलों की खुशबू और सुंदर सजावट के बीच स्वागत करना तथा उन्हें श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व की खुशियों से जोड़ना है।

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी होगी फूलों की सेवा

सेवादारों ने बताया कि फूलों की सेवा केवल श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीमित नहीं रहेगी। अमृतसर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में भी यह सेवा जारी रहेगी।

प्रकाश पर्व के अवसर पर होने वाले कीर्तन और मुख्य धार्मिक कार्यक्रमों तक इस सेवा को जारी रखने की योजना है। इस तरह अमृतसर पहुंचने वाली संगतों का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया जाएगा।

श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व को समर्पित यह पहल श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना को दर्शाती है। फूलों से सजा हवाई अड्डा गुरु नगरी अमृतसर पहुंचने वाली संगतों के स्वागत को विशेष और यादगार बनाने का प्रयास है।

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