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जालंधर में सीएम भगवंत मान: पासिंग आउट परेड में हुए शामिल, बोले- पंजाब पुलिस की ट्रेनिंग का दुनिया में बज रहा डंका

पंजाब डेस्क : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बुधवार (25 फरवरी, 2026) को जालंधर पहुंचे, जहां उन्होंने पंजाब पुलिस अकादमी में आयोजित एक भव्य पासिंग आउट परेड में शिरकत की। इस विशेष अवसर पर राज्य के डीजीपी गौरव यादव भी उनके साथ मौजूद रहे और दोनों ने परेड की सलामी ली।

ट्रेनिंग सेंटरों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग: परेड को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि पंजाब के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, जैसे कि फिल्लौर और पीएपी कपूरथला, की कार्यकुशलता और ट्रेनिंग का स्तर इतना उत्कृष्ट है कि अन्य राज्यों के साथ-साथ पड़ोसी देशों से भी वहां प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव आ रहे हैं। हालांकि, सीएम मान ने यह भी साझा किया कि पंजाब में वर्तमान में चल रही बड़े स्तर की भर्तियों के कारण फिलहाल बाहरी राज्यों को ट्रेनिंग देना संभव नहीं हो पा रहा है, जो कि राज्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

पुलिस अधिकारियों को सेवा और संवेदनशीलता का संदेश: नवनियुक्त पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को हमेशा गरीब और कमजोर वर्ग की दुआएं कमाने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि पीड़ित को समय पर न्याय दिलाना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है।

शांति और खुशहाली का लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-शांति पर जोर देते हुए कहा, “हमें चूल्हों की आग जलानी है और श्मशानों की आग बुझानी है”। उन्होंने पुलिस जवानों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मुस्तैदी के कारण ही प्रदेश की जनता चैन की नींद सो पाती है। मुख्यमंत्री का यह दौरा जालंधर और दोआबा क्षेत्र के प्रति सरकार की प्राथमिकताओं और पंजाब को अपराध मुक्त बनाने के उनके विजन को दर्शाता है।

CM भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए: जत्थेदार को सफाई दी; कहा- “मेरे पास अकाल तख्त को चुनौती देने का अधिकार नहीं है”

पंजाब डेस्क: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज (15 जनवरी, 2026) अमृतसर में सिखों की सबसे बड़ी संस्था श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए। मुख्यमंत्री ने सेक्रेटेरिएट में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज से मुलाकात की और सिखों के अलग-अलग मुद्दों पर अपनी लिखी हुई सफाई दी।

एक विनम्र सिख के तौर पर पेश हुए: अकाल तख्त पर पेश होने से पहले CM मान ने नंगे पैर श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। उसके बाद, वे सबूतों से भरे दो काले बैग लेकर अकाल तख्त सेक्रेटेरिएट पहुंचे। मुख्यमंत्री करीब 45 मिनट तक अंदर रहे और जत्थेदार से बहुत गर्मजोशी भरे माहौल में बात की।

सफाई में क्या कहा? मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए भगवंत मान ने कहा कि उनमें न तो श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने की हिम्मत है और न ही अधिकार। उन्होंने साफ किया कि सोशल मीडिया पर एक झूठी कहानी बनाई जा रही है कि वह संस्था को चुनौती दे रहे हैं, जबकि वह हमेशा अकाल तख्त के सामने सिर झुकाते हैं। उन्होंने अकाल तख्त को सिखों की ‘मिनी पार्लियामेंट’ और सबसे ऊंची संस्था बताया।

पेश होने का कारण और आगे की कार्रवाई: मुख्यमंत्री को जत्थेदार ने 5 जनवरी को एक आपत्तिजनक वीडियो, गोलक पर दिए गए बयान और दूसरे सिख मुद्दों को लेकर तलब किया था। चूंकि मुख्यमंत्री अमृतधारी सिख नहीं हैं, इसलिए वह अकाल तख्त की फसील के बजाय सेक्रेटेरिएट में पेश हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जत्थेदार अब उनके जवाबों और डॉक्यूमेंट्स की जांच करेंगे और जो भी फैसला होगा, वह उसे बिना किसी शर्त के मानेंगे।