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IIT रोपड़ और आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज में MoU, सेना अधिकारियों को मिलेगी डिफेंस टेक्नोलॉजी में MTech डिग्री

रोपड़ / सत्ता संदेश

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ (IIT Ropar) और आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज, गोपालपुर के बीच भारतीय सेना के अधिकारियों को डिफेंस टेक्नोलॉजी में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (MTech) की डिग्री प्रदान करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते से लॉन्ग एयर डिफेंस कोर्स कर रहे सेना अधिकारियों को उच्च तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान का अवसर मिलेगा।

समझौते पर आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा और आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज, गोपालपुर के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अमित राव ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल सुरिंदर सिंह महल, प्रबंध निदेशक, आईआईटी रोपड़ डिफेंस रिसर्च एंड इनोवेशन फाउंडेशन और ब्रिगेडियर रोहित दास भी उपस्थित रहे।

इस समझौते का समन्वय आईआईटी रोपड़ के डीन (पीजी एंड रिसर्च) डॉ. सारंग गुमफेकर और डीआरआईएफ के निदेशक वीरभद्र सिंह रावत ने किया।

समझौते के तहत आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज, गोपालपुर में लॉन्ग एयर डिफेंस कोर्स कर रहे अधिकारियों को आईआईटी रोपड़ के एमटेक कार्यक्रम के माध्यम से डिफेंस टेक्नोलॉजी में औपचारिक शैक्षणिक मान्यता प्रदान की जाएगी। आईआईटी रोपड़ के संकाय सदस्य अधिकारियों के शोध प्रबंध और अनुसंधान परियोजनाओं के लिए मेंटर के रूप में मार्गदर्शन करेंगे।

इसके अलावा, पूर्व अनुमति के अधीन सेना अधिकारियों को आईआईटी रोपड़ की प्रयोगशालाओं और अन्य बुनियादी ढांचे का उपयोग करने का अवसर भी मिलेगा। संस्थान के विशेषज्ञों की ओर से ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से सेमिनार और व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे।

दोनों संस्थानों ने आपसी हित वाले क्षेत्रों में तकनीकी ज्ञान और अनुसंधान को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इससे भारतीय सेना और आईआईटी रोपड़ के बीच शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

दिसंबर 2022 के समझौते पर आधारित है नई साझेदारी

यह नया समझौता दिसंबर 2022 में आर्मी ट्रेनिंग कमांड, इंटीग्रेटेड हेडक्वार्टर्स ऑफ मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (आर्मी) और आईआईटी रोपड़ के बीच हुए शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग के समझौता ज्ञापन की नींव पर आधारित है।

आईआईटी रोपड़ के अनुसार, दिसंबर 2022 में हुए समझौते के बाद से संस्थान भारतीय सेना के साथ शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार सहयोग कर रहा है। आईआईटी रोपड़ का डिफेंस रिसर्च एंड इनोवेशन फाउंडेशन (DRIF) इस साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

राष्ट्रीय रक्षा से जुड़े अधिकारियों की तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

समझौते पर हस्ताक्षर के अवसर पर आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने कहा कि यह समझौता भारतीय सेना के साथ संस्थान के निरंतर जुड़ाव में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आईआईटी रोपड़ के संकाय और बुनियादी ढांचे अब सीधे उन अधिकारियों की तकनीकी शिक्षा में योगदान दे रहे हैं जो देश की राष्ट्रीय रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने आने वाले वर्षों में इस सहयोग को और व्यापक तथा मजबूत बनाने की उम्मीद जताई।

इस पहल से सेना के अधिकारियों को रक्षा प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। साथ ही आईआईटी रोपड़ और भारतीय सेना के बीच तकनीकी विशेषज्ञता एवं अनुसंधान के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद 2027: हरियाणा के युवाओं के लिए बड़ा मौका, 30 सितंबर तक करें आवेदन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

विकसित भारत के निर्माण में हरियाणा के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद-2027 को लेकर चंडीगढ़ के प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान ‘मेरा युवा भारत’, हरियाणा के संयुक्त निदेशक आकर्ष दीक्षित और सहायक निदेशक ईशा गुप्ता ने कार्यक्रम के उद्देश्य, पात्रता, चयन प्रक्रिया और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी दी।

संयुक्त निदेशक आकर्ष दीक्षित ने प्रदेश के युवाओं से mybharat.gov.in पर पंजीकरण कर विकसित भारत प्रश्नोत्तरी में भाग लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्रश्नोत्तरी इस चयन प्रक्रिया का पहला चरण है और इसमें 30 सितंबर 2026 तक भाग लिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद-2027 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपने विचार, नवाचार और नेतृत्व क्षमता प्रस्तुत करने का अवसर देने वाला मंच है। प्रश्नोत्तरी में बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को आगे निबंध, जिला स्तरीय प्रतियोगिता, राज्य स्तरीय संवाद और राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

जनवरी 2027 में नई दिल्ली में राष्ट्रीय संवाद

विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद-2027 का राष्ट्रीय आयोजन 10 से 12 जनवरी 2027 तक नई दिल्ली में प्रस्तावित है। चयनित युवा इस राष्ट्रीय मंच पर विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को लेकर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार और युवा नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे लाना है।

पांच चरणों में होगा युवाओं का चयन

कार्यक्रम की चयन प्रक्रिया को पांच प्रमुख चरणों में बांटा गया है—

प्रश्नोत्तरी → निबंध → जिला चैंपियनशिप → राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद → राष्ट्रीय स्तर का संवाद

पहले चरण में डिजिटल विकसित भारत प्रश्नोत्तरी आयोजित की जा रही है। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 10 प्रतिशत प्रतिभागियों को अगले चरण के लिए चुना जाएगा। देशभर में अधिकतम 4 लाख युवा निबंध चरण के लिए पात्र होंगे।

इसके बाद चयनित प्रतिभागियों को 500 शब्दों का निबंध प्रस्तुत करना होगा। प्रत्येक जिले से शीर्ष 50 निबंधों का चयन किया जाएगा। जिला स्तर पर विचार प्रस्तुत करने के बाद प्रत्येक जिले से शीर्ष दो युवाओं को राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

चयन प्रक्रिया में विषय विशेषज्ञों और स्वतंत्र निर्णायक मंडल की भूमिका होगी तथा प्रक्रिया को योग्यता और प्रतिभा आधारित रखा गया है।

हरियाणा के युवाओं के लिए सुशासन और शहरी विकास मुख्य विषय

हरियाणा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र क्लस्टर में शामिल किया गया है। इस क्षेत्र के लिए मुख्य विषय “भविष्य का सुशासन, शहरी परिवर्तन एवं नागरिक सेवाएं” निर्धारित किया गया है।

इस विषय के माध्यम से युवा वर्ष 2047 तक भारत में अधिक प्रभावी, पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था विकसित करने को लेकर अपने विचार और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत कर सकेंगे।

युवा इस विषय को हरियाणा की स्थानीय जरूरतों, शहरी विकास, नागरिक सुविधाओं, तकनीक, प्रशासनिक व्यवस्था और आम नागरिकों से जुड़ी समस्याओं के संदर्भ में देखते हुए अपने अभिनव सुझाव दे सकते हैं।

सांस्कृतिक गतिविधियों से लेकर युवा उद्यमिता तक अवसर

सहायक निदेशक ईशा गुप्ता ने बताया कि यह अभियान केवल प्रश्नोत्तरी तक सीमित नहीं है। युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए भी मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित भारत चैलेंज, सांस्कृतिक गतिविधियां, भारत के लिए डिजाइन, सामाजिक सरोकारों के लिए नवाचार, युवा उद्यमिता चुनौती और युवा संसद जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

सांस्कृतिक क्षेत्र में लोक नृत्य, लोक गीत, चित्रकला, भाषण और कविता जैसी गतिविधियों के माध्यम से भी युवा अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सकेंगे।

15 से 29 वर्ष के युवा ले सकते हैं भाग

प्रेस वार्ता में बताया गया कि 15 से 29 वर्ष की आयु के युवा इस प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र हैं। ‘मेरा युवा भारत’ पोर्टल पर पहले से पंजीकृत युवाओं को दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। वे सीधे विकसित भारत प्रश्नोत्तरी में भाग ले सकते हैं।

आकर्ष दीक्षित ने बताया कि वर्ष 2025 में राष्ट्रीय युवा महोत्सव को विकसित भारत@2047 के संकल्प के अनुरूप पुनर्गठित करते हुए विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद का स्वरूप दिया गया था। पिछले संस्करण में देशभर से 50 लाख से अधिक युवाओं ने प्रश्नोत्तरी में हिस्सा लिया था और करीब 3,000 युवाओं का राष्ट्रीय संवाद के लिए चयन किया गया था।

उन्होंने हरियाणा के युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों और अन्य संबंधित हितधारकों से अभियान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पात्र युवा 30 सितंबर 2026 तक mybharat.gov.in के माध्यम से विकसित भारत प्रश्नोत्तरी में भाग लेकर राष्ट्रीय स्तर के युवा नेतृत्व मंच तक पहुंचने का अवसर हासिल कर सकते हैं।

प्रेस वार्ता के अंत में कहा गया कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवा शक्ति की सामूहिक भागीदारी से पूरा होने वाला राष्ट्रीय संकल्प है। हरियाणा के युवा अपनी प्रतिभा, विचार, नवाचार और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से इस संकल्प को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पंजाब के युवाओं के लिए प्रधानमंत्री तक पहुंच का मौका, 30 सितंबर तक खुला ‘विकसित भारत क्विज़’

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के युवाओं के लिए प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी प्रतिभा और विचार प्रस्तुत करने का अवसर सामने आया है। माय भारत पंजाब ने युवाओं से ‘विकसित भारत क्विज़’ में भाग लेने की अपील की है। यह क्विज़ विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2027 का पहला चरण है और इसमें 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन भाग लिया जा सकता है।

प्रेस क्लब, चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित करते हुए माय भारत पंजाब की राज्य निदेशक (प्रभारी) रश्मीत कौर ने बताया कि क्विज़ पांच चरणों वाली पूरी तरह योग्यता-आधारित चयन प्रक्रिया का प्रवेश द्वार है। चयनित युवाओं को जनवरी 2027 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय संवाद में केंद्रीय मंत्रियों, सचिवों और प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा।

VBYLD 2027 का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है, जबकि माय भारत इसकी कार्यकारी एजेंसी है। वर्ष 1995 से आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव को वर्ष 2025 में विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप पुनर्गठित कर विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का रूप दिया गया था। पिछले संस्करण में देशभर से 50 लाख से अधिक युवाओं ने क्विज़ में हिस्सा लिया था और करीब 3,000 युवाओं का चयन राष्ट्रीय संवाद के लिए हुआ था।

कौन ले सकता है हिस्सा?

17 अगस्त 2026 को 15 से 29 वर्ष की आयु वाला कोई भी युवा इस अभियान में भाग ले सकता है। पंजीकरण और सभी डिजिटल चरण पूरी तरह निःशुल्क हैं तथा माय भारत पोर्टल पर कई भाषाओं में उपलब्ध हैं। जो युवा पहले से माय भारत पोर्टल पर पंजीकृत हैं, उन्हें दोबारा पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी और वे सीधे क्विज़ में हिस्सा ले सकते हैं।

पंजाब के युवाओं के लिए क्या है थीम?

VBYLD 2027 में राष्ट्रीय विषयों के बजाय देश को 10 क्षेत्रीय समूहों में बांटा गया है। पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (नीति नगर) समूह में रखा गया है।

इस समूह की थीम “भविष्य का सुशासन, शहरी रूपांतरण एवं नागरिक सेवाएं” है। प्रतिभागियों के सामने यह विचार रखने की चुनौती होगी कि भारत वर्ष 2047 तक दुनिया की सबसे कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था कैसे विकसित कर सकता है। जिला स्तर के विषयों में इसी थीम को पंजाब की स्थानीय परिस्थितियों से जोड़कर आगे बढ़ाया जाएगा।

पांच चरणों में होगा चयन

  • विकसित भारत क्विज़: माय भारत पोर्टल पर 30 सितंबर 2026 तक
  • विकसित भारत निबंध: चयनित प्रतिभागियों द्वारा 500 शब्दों का निबंध
  • जिला चैंपियनशिप: नवंबर 2026 में; प्रत्येक जिले के शीर्ष 50 प्रतिभागी प्रस्तुति देंगे
  • राज्य VBYLD: नवंबर-दिसंबर 2026 में राज्य मुख्यालय पर
  • राष्ट्रीय संवाद: 10 से 12 जनवरी 2027 तक नई दिल्ली में

VBYLD 2027 में केवल विकसित भारत चैलेंज ट्रैक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, डिजाइन फॉर भारत, हैक फॉर सोशल कॉज़ और यूथ सहित अन्य ट्रैक भी शामिल किए गए हैं। सांस्कृतिक ट्रैक में लोक नृत्य, लोक गीत, चित्रकला, वक्तृत्व और कविता लेखन जैसी विधाओं को शामिल किया गया है।

रश्मीत कौर ने युवाओं से समय सीमा से पहले इसमें भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल प्रतिभा प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि देश के भविष्य के नेतृत्व की खोज का अभियान है। उनके मुताबिक, 2047 में देश की संस्थाओं को नेतृत्व देने वाले युवा आज पंजाब के हर जिले में मौजूद हैं और जरूरत है कि कोई भी युवा इस अवसर से वंचित न रह जाए।

पंजीकरण: mybharat.gov.in

लुधियाना : फूड सेफ्टी विभाग की बड़ी कार्रवाई, कई क्विंटल मुरब्बा-चटनी और सिरका सील

लुधियाना / सत्ता संदेश

जालंधर बाईपास के नजदीक फूड सेफ्टी विभाग ने खाद्य पदार्थों की पैकिंग कर बाजार में सप्लाई करने वाली एक फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की। विभाग की टीम ने फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में सिरका, मुरब्बा और चटनी बरामद कर सील कर दी।

जांच के दौरान अधिकारियों को फैक्ट्री परिसर में कई बड़े ड्रमों में दूसरे राज्यों से मंगवाया गया खाद्य पदार्थ मिला। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ सामग्री पर एक्सपायरी डेट का उल्लेख नहीं था, जबकि कुछ खाद्य सामग्री एक्सपायर हो चुकी थी। टीम को कुछ सामग्री से बदबू आने की भी शिकायत मिली।

फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध और खराब खाद्य सामग्री को नियमानुसार मौके पर नष्ट किया जाएगा। वहीं, अन्य सामग्री को सील कर उसके सैंपल लिए जाएंगे। सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आशीष चावला ने लोगों से अपील की कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट, पैकिंग और गुणवत्ता जरूर जांचें। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध या खराब खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।

BYTE — आशीष चावला, जिला स्वास्थ्य विभाग अधिकारी

वहीं, फैक्ट्री मालिक ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि विभाग की टीम किस कारण से उनके परिसर में जांच के लिए पहुंची है। मालिक के मुताबिक, वह करीब डेढ़ साल से यह काम कर रहे हैं और उनके पास खाद्य कारोबार से संबंधित लाइसेंस भी मौजूद है।

लुधियाना : मेले के कॉन्ट्रैक्ट को लेकर हंगामा, ठेकेदारों ने लगाए मिलीभगत के आरोप

लुधियाना / सत्ता संदेश

दशहरे के मौके पर सरकारी कॉलेज में लगने वाले बड़े मेले के कॉन्ट्रैक्ट को लेकर शुक्रवार को लुधियाना में जमकर हंगामा हुआ। अलग-अलग शहरों और जिलों से पहुंचे करीब 15 कॉन्ट्रैक्टरों ने आरोप लगाया कि मेले के कॉन्ट्रैक्ट की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और पिछले तीन वर्षों से एक ही व्यक्ति को बार-बार मेला दिया जा रहा है।

कॉन्ट्रैक्टरों का आरोप है कि वे मेला लेने के लिए बोली में हिस्सा लेना चाहते हैं और इसके लिए करीब 30 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट भी तैयार कर चुके हैं। उनका कहना है कि इसके बावजूद SDM कार्यालय की ओर से उनके दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जा रहे। विरोध में कॉन्ट्रैक्टरों ने SDM कार्यालय के बाहर नारेबाजी भी की।

प्रदर्शन कर रहे कॉन्ट्रैक्टरों ने आरोप लगाया कि मेले के कॉन्ट्रैक्ट को लेकर एक पार्टी को कथित तौर पर सपोर्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सभी इच्छुक कॉन्ट्रैक्टरों को बोली में हिस्सा लेने का मौका दिया जाए तो सरकारी खजाने को अधिक राजस्व मिल सकता है। कॉन्ट्रैक्टरों का दावा है कि वे मेले का कॉन्ट्रैक्ट 1.5 करोड़ रुपये तक देने को तैयार हैं।

मामला सामने आने के बाद मीडिया ने SDM कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से पक्ष जाना। SDM कुलदीप बावा ने कॉन्ट्रैक्टरों के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि दस्तावेज जमा करवाने की अंतिम तारीख 9 सितंबर दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दो अखबारों में विज्ञापन भी प्रकाशित करवाया गया था और संबंधित लोगों को प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई थी।

SDM ने कहा कि अब मेले के आयोजक कार्यालय पहुंचे हैं और उनसे भी पत्र लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई के लिए उनकी ओर से जरूरी सिफारिश की जाएगी।

कुलदीप बावा के मुताबिक, इस बार मेले के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 90 लाख रुपये रखी गई है और इसके लिए 30 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ एक पत्र जारी किए जाने की जानकारी है और दो पत्र जारी होने की बात उनके संज्ञान में नहीं है।

SDM ने यह भी स्पष्ट किया कि मेले की वास्तविक कीमत बोली शुरू होने के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल बोली की शुरुआत 90 लाख रुपये से करने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार रेट पहले ही बढ़ाया गया है।

मीडिया के हस्तक्षेप के बाद कॉन्ट्रैक्टरों ने राहत जताई। उन्होंने कहा कि अब उनसे पत्र लिया जा रहा है और उनकी मुख्य मांग यही है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो। कॉन्ट्रैक्टरों ने मांग की कि सभी इच्छुक लोगों के दस्तावेज स्वीकार किए जाएं और उसके बाद खुली बोली कराई जाए। उनका कहना है कि जो कॉन्ट्रैक्टर सबसे अधिक बोली लगाए, उसी को नियमों के तहत मेले का कॉन्ट्रैक्ट दिया जाना चाहिए।

फिलहाल मेले के कॉन्ट्रैक्ट को लेकर लगाए गए आरोपों और प्रशासन की सफाई के बीच मामला चर्चा में है। आगे की प्रक्रिया में यह स्पष्ट होगा कि बोली में कितने कॉन्ट्रैक्टर हिस्सा लेते हैं और मेले का कॉन्ट्रैक्ट कितनी राशि में तय होता है।

पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव जीतने के बाद अंकित बिडान ने गुरु मंदिर में टेका माथा, बोले- सभी वादे 100% पूरे करेंगे

अमृतसर: पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव में जीत हासिल करने के बाद नवनिर्वाचित प्रेसिडेंट अंकित बिडान ने पूर्व प्रेसिडेंट गौरवबीर सिंह सोहल और BJP नेता अक्षय शर्मा के साथ सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। इस दौरान उन्होंने गुरु घर में अरदास कर सभी की भलाई की कामना की और चुनाव में मिले समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया।

अंकित बिडान ने कहा कि चुनाव जीतने से पहले ही उन्होंने मन बना लिया था कि जीत के बाद सबसे पहले श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकेंगे। उन्होंने कहा कि आज दरबार साहिब पहुंचकर गुरु घर का शुक्रिया अदा करने की उनकी इच्छा पूरी हुई है।

यूनिवर्सिटी में किए गए वादों को लेकर अंकित बिडान ने कहा कि उनके मैनिफेस्टो में शामिल स्कॉलरशिप, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर समेत सभी वादों को 100 प्रतिशत पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। हिंदू-सिख एकता को लेकर उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी चुनाव में दोनों समुदायों के सहयोग से एक मिसाल कायम हुई है और वह सभी को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।

पूर्व प्रेसिडेंट गौरवबीर सिंह सोहल ने कहा कि वह गुरु नगरी पहुंचकर बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि गुरु घर से मिले आशीर्वाद के लिए शुक्रिया अदा करने और सभी की भलाई के लिए अरदास करने के लिए वह श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स ने जिस तरह उन पर भरोसा जताया है, वह अरदास करते हैं कि यह भरोसा आगे भी कायम रहे और वह छात्रों से किए गए वादों को पूरा कर सकें।

वहीं BJP नेता अक्षय शर्मा ने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब से हमेशा आशीर्वाद मिलता है और वह चुनाव में मिली जीत के लिए गुरु घर का शुक्रिया अदा करने पहुंचे हैं। उन्होंने छात्रों का भी आभार जताया और कहा कि छात्रों ने एक बार फिर उन पर भरोसा दिखाया है।

2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में BJP और शिरोमणि अकाली दल के संभावित गठबंधन के असर के सवाल पर अक्षय शर्मा ने कहा कि यूनिवर्सिटी में हिंदू-सिख एकता की जो मिसाल बनी है, वह क्लासरूम से शुरू हुई है और जल्द ही सड़कों तक पहुंचने की बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छात्रों से किए गए वादों को पूरा करने की कोशिश की जाएगी।

ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली में जुटेंगे दिग्गज नेता, पुतिन-शी जिनपिंग समेत कई राष्ट्राध्यक्ष होंगे शामिल

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत की मेजबानी में 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के साथ नए सदस्य देशों के शीर्ष नेता भी हिस्सा लेंगे। सम्मेलन से पहले दुनिया के प्रमुख नेताओं का भारत पहुंचना शुरू हो गया है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसऊद पेज़ेशकियन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के भी सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी विशेष अतिथि के तौर पर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

भारत की अध्यक्षता में इस बार ब्रिक्स सम्मेलन का मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास रखा गया है। बैठक में ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने से लेकर वैश्विक व्यापार, सुरक्षा, डिजिटल तकनीक और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

सम्मेलन में सीमा पार भुगतान और आपसी व्यापार को बढ़ावा देने तथा स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन के लिए सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा पश्चिम एशिया और यूक्रेन में जारी संघर्षों से पैदा हुए ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़े संकट भी प्रमुख एजेंडे में रहेंगे।

आतंकवाद और सुरक्षा के मुद्दे पर सीमा पार आतंकवाद, टेरर फंडिंग और साइबर खतरों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। वहीं डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल पेमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर साझा ढांचे पर भी चर्चा संभावित है।

जलवायु परिवर्तन के बीच क्लाइमेट एक्शन और ग्रीन फाइनेंस भी सम्मेलन का महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा। विकासशील देशों के लिए स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं में वित्तीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है।

ब्रिक्स सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। खास तौर पर प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात पर नजर रहेगी। दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच रक्षा, ऊर्जा और निवेश समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

ब्रिक्स सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर व्यापार, युद्ध, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। ऐसे में भारत की अध्यक्षता में होने वाले इस सम्मेलन को वैश्विक दक्षिण और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए अहम मंच के तौर पर देखा जा रहा है।

नाभा : महिला की मौत के बाद सनसनी, अंतिम संस्कार की राख में मिले लोहे के टुकड़े; डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप

नाभा / सत्ता संदेश

नाभा के गांव मेंहास में 42 वर्षीय महिला की मौत के बाद उस समय सनसनी फैल गई, जब अंतिम संस्कार के बाद फूल चुनने पहुंचे परिवार को राख और जली हुई हड्डियों के बीच लोहे के कुछ टुकड़े मिले। मृतका के परिवार ने इन टुकड़ों को महिला के ऑपरेशन से जोड़ते हुए डॉक्टर पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, संबंधित डॉक्टर ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए परिवार पर जानबूझकर लोहे के टुकड़े रखने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।

जानकारी के अनुसार, गांव मेंहास निवासी बलजीत कौर का 27 अगस्त को डॉ. श्याम सिंह के क्लिनिक में ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के कुछ दिनों बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लेकिन परिवार के अनुसार उसकी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं हुई। इसके चलते परिवार को कई बार उसका चेकअप करवाना पड़ा।

परिवार के मुताबिक, 6 सितंबर को महिला की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके बच्चे विदेश में होने के कारण 8 सितंबर को गांव में महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शुक्रवार सुबह परिवार के सदस्य जब श्मशान घाट में फूल चुनने पहुंचे तो उन्हें फूलों के बीच लोहे के कुछ टुकड़े दिखाई दिए।

इसके बाद परिवार ने मामले की जानकारी मीडिया और सदर पुलिस को दी। परिवार का कहना है कि जब अंतिम संस्कार के बाद बची राख और जली हुई हड्डियों की जांच की गई तो उसमें लोहे के तीन और टुकड़े मिले। परिवार ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर के औजार या अन्य धातु के टुकड़े महिला के पेट में रह गए थे और इसके कारण महिला को संक्रमण हुआ, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

मृतका के पति साहिब सिंह और गांव के लोगों ने पुलिस प्रशासन से मामले में केस दर्ज कर गंभीरता से जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर डॉक्टर की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। परिवार ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

दूसरी तरफ, डॉ. श्याम सिंह ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है। डॉक्टर ने बताया कि महिला का ऑपरेशन उन्होंने ही किया था, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार की ओर से महिला का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया गया। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि परिवार ने जानबूझकर लोहे की पत्तियां या टुकड़े वहां रखे हैं ताकि उन्हें परेशान किया जा सके।

मामले की जांच कर रहे DSP नाभा गुरिंदर सिंह बल ने बताया कि पीड़ित परिवार की ओर से लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत में अंतिम संस्कार के बाद फूलों के बीच चार लोहे के औजार/पत्तियां मिलने और इसे डॉक्टर की कथित लापरवाही से जोड़कर जांच की मांग की गई है।

DSP के मुताबिक, डॉ. श्याम सिंह और शहर के कुछ अन्य डॉक्टर भी उनके सामने पेश हुए और दोनों पक्षों की बात सुनी गई है। पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी। जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मामला जांच के अधीन है और यह स्पष्ट होना बाकी है कि मिले लोहे के टुकड़ों का महिला के ऑपरेशन अथवा उसकी मौत से वास्तव में कोई संबंध था या नहीं।

अजनाला : हेल्थ डिपार्टमेंट की चेकिंग, दूध-देसी घी समेत 5 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए

अजनाला / सत्ता संदेश

अजनाला इलाके में लोगों को साफ-सुथरा और मिलावट रहित खाद्य सामान उपलब्ध करवाने के मकसद से हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से विशेष इंस्पेक्शन कैंपेन चलाया गया। इस दौरान विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग करते हुए दो डेयरियों और एक दुकान का निरीक्षण किया। टीम ने दूध, दही, देसी घी, आइसक्रीम और बर्फी समेत करीब पांच खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए हैं।

हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से लिए गए सभी सैंपल क्वालिटी टेस्टिंग के लिए स्टेट लैब भेजे जाएंगे। लैब से रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए DHO मनजीत सिंह ने बताया कि विभाग की टीम ने अजनाला क्षेत्र में दो डेयरियों और एक दुकान की जांच की। इस दौरान आइसक्रीम, बर्फी, दूध, देसी घी और दही के सैंपल लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी सैंपल की लैब में जांच करवाई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।

DHO मनजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि हेल्थ डिपार्टमेंट किसी भी कीमत पर खाद्य पदार्थों में मिलावट बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर जांच के दौरान किसी भी खाद्य वस्तु की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदार, डेयरी या संस्था के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अजनाला क्षेत्र से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर मिलने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। विभाग की टीम अगले सप्ताह दोबारा इलाके में जांच करेगी। जहां साफ-सफाई या खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में कमी पाई जाएगी, वहां सैंपल लेने के साथ-साथ नियमों के तहत चालान भी किए जा सकते हैं।

DHO ने दुकानदारों और डेयरी संचालकों से अपील की कि वे लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता न करें और केवल अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद ही बेचें। उन्होंने कहा कि थोड़े मुनाफे के लिए घटिया या मिलावटी सामान बेचना लोगों की सेहत के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है।

उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि खाद्य सामान खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकिंग और साफ-सफाई का ध्यान रखें। जहां साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक न हो, वहां से खाने-पीने का सामान खरीदने से बचें। साथ ही उन्होंने लोगों को घर पर बना साफ और पौष्टिक भोजन प्राथमिकता देने की सलाह दी।

हेल्थ डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी दुकान, डेयरी या अन्य स्थान पर मिलावटी, घटिया या मानकों के विपरीत खाद्य सामान बेचा जा रहा है तो इसकी जानकारी विभाग को दें, ताकि समय रहते जांच कर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सके।