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लुधियाना में माइनिंग साइट्स पर सख्ती, बिना कंप्लायंस सर्टिफिकेट नहीं होगी माइनिंग

लुधियाना में माइनिंग साइट्स के लिए कंप्लायंस सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया। अवैध माइनिंग, ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई।

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना में अवैध माइनिंग, ओवरलोडिंग और माइनिंग मटीरियल के परिवहन में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। डिप्टी कमिश्नर-कम-डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट लुधियाना ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि माइनिंग डिपार्टमेंट से कंप्लायंस सर्टिफिकेट जारी होने के बाद ही किसी साइट पर माइनिंग की अनुमति दी जाएगी। बिना सर्टिफिकेट के माइनिंग करने या माइनिंग मटीरियल का परिवहन करने पर पूरी तरह रोक रहेगी।

30 अक्टूबर को डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में माइनिंग से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की गई। इसमें अवैध माइनिंग, वाहनों की ओवरलोडिंग और माइनिंग मटीरियल के परिवहन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए।

बैठक में कहा गया कि माइनिंग साइट्स से मटीरियल ले जाने की अनुमति केवल माइनिंग डिपार्टमेंट में रजिस्टर्ड टिपर को ही होगी। इन वाहनों पर वैध नंबर प्लेट, चालू GPS ट्रैकर और मटीरियल को ढकने के लिए तिरपाल होना अनिवार्य होगा। यदि बिना नंबर प्लेट वाला कोई वाहन साइट से बाहर निकलता है तो वहां तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।

प्रशासन ने वाहनों की क्षमता से अधिक वजन ले जाने पर भी सख्ती दिखाई है। किसी भी वाहन को उसकी रजिस्टर्ड क्षमता से अधिक वजन की वेट स्लिप या फॉर्म-J जारी नहीं किया जाएगा। सभी वाहनों को केवल मंजूर ट्रांसपोर्ट रूट पर ही चलने की अनुमति होगी। इसके लिए वाहनों की विंडस्क्रीन पर रूट मैप प्रदर्शित करना जरूरी होगा। इस्तेमाल होने वाली लिंक सड़कों की जानकारी संबंधित ग्राम पंचायतों को भी दी जाएगी।

डिप्टी कमिश्नर ने निर्देश दिए कि माइनिंग केवल मंजूर क्षेत्रों में और निर्धारित गहराई तक ही की जाए। इसके लिए प्रत्येक साइट पर पक्के बाउंड्री पिलर लगाए जाएंगे और उनके GPS कोऑर्डिनेट मैप किए जाएंगे। संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली माइनिंग साइट्स पर इन पिलरों की जांच और वेरिफिकेशन करेंगे।

इसके अलावा, हर माइनिंग साइट पर डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। इस पर ठेकेदार का विवरण, साइट का क्षेत्रफल, मंजूरी की अवधि और काम करने के निर्धारित घंटे दर्ज होंगे। काम के दौरान साइट पर माइनिंग सुपरवाइजर की मौजूदगी भी सुनिश्चित करनी होगी।

माइनिंग गतिविधियों के समय को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। माइनिंग केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही की जा सकेगी। हालांकि, लोडेड ट्रकों को सूर्यास्त के बाद अधिकतम एक घंटे का समय दिया जाएगा, ताकि वे गांवों की लिंक सड़कों से निकलकर नेशनल या स्टेट हाईवे तक पहुंच सकें। इसके बाद लिंक सड़कों पर वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी।

इन समय सीमाओं का सख्ती से पालन करवाने के लिए लुधियाना रूरल और खन्ना के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। वहीं, माइनिंग साइट्स के मुख्य प्रवेश और निकास रास्तों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नाइट-विजन ड्रोन के इस्तेमाल पर भी विचार किया जाएगा।

डिप्टी कमिश्नर ने सभी संबंधित विभागों को इन निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध माइनिंग, ओवरलोडिंग या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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