भारत पर्व 2026 में CCIC पवेलियन पहुंचे प्रधानमंत्री, भारतीय हस्तशिल्प को मिला बढ़ावा
भारत पर्व 2026 में प्रधानमंत्री ने सीसीआईसी पवेलियन का दौरा किया। एकता नगर में भारतीय हथकरघा, हस्तशिल्प और देशभर के कारीगरों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं।
गुजरात / सत्ता संदेश
वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के उपक्रम सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीसीआईसी) के लिए 30 अक्टूबर 2026 का दिन खास और यादगार रहा। गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित भारत पर्व 2026 के दौरान प्रधानमंत्री ने सीसीआईसी पवेलियन का दौरा किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री को भारत की समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प परंपरा, देशभर के कारीगरों और बुनकरों की कलात्मक प्रतिभा तथा पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से रूबरू होने का अवसर मिला।
सीसीआईसी का पवेलियन भारतीय पारंपरिक कला और शिल्प कौशल का आकर्षक प्रदर्शन कर रहा है। इसके माध्यम से निगम ने कारीगरों और बुनकरों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा उनकी आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रदर्शित किया है। सीसीआईसी अपनी विभिन्न पहलों के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने तथा ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने में योगदान दे रहा है।
इस अवसर पर सीसीआईसी के प्रबंध निदेशक श्री बिमल गोपालाचारी सहित निगम के अधिकारी, कारीगर और बुनकर भी मौजूद रहे। पवेलियन में देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कलाओं और शिल्प का प्रदर्शन किया जा रहा है। खासतौर पर गुजरात के कारीगरों द्वारा एगेट पत्थरों, अर्ध-कीमती पत्थरों और बारीक एप्लिक वर्क के माध्यम से तैयार की गई कलाकृतियां लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
सीसीआईसी का यह प्रयास भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कला रूपों को एक मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। प्रदर्शनी में हस्तनिर्मित और पारंपरिक उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई है, जो भारतीय कारीगरों की रचनात्मकता, मेहनत और पीढ़ियों से चली आ रही शिल्प परंपरा को दर्शाती है।
भारत पर्व 2026 में सीसीआईसी की भागीदारी न केवल देश की पारंपरिक कलाओं को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और बुनकरों को नए बाजारों से जोड़ने का अवसर भी प्रदान कर रही है। गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित यह प्रदर्शनी 15 नवंबर 2026 तक आगंतुकों के लिए खुली रहेगी।

