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गुरुद्वारे के बाहर फायरिंग का चौंकाने वाला खुलासा, पुलिस सुरक्षा के लिए चली थीं गोलियां!

लुधियाना के गांव गगरा स्थित गुरुद्वारा गोपालसर साहिब फायरिंग केस का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा पाने के लिए कथित साजिश के तहत फायरिंग की गई थी।

लुधियाना / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : बसंत सिंह रोड़िया

लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने गांव गगरा स्थित गुरुद्वारा गोपालसर साहिब के बाहर हुई फायरिंग की घटना को महज 48 घंटे में सुलझाने का दावा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवक बाबा अमरजीत सिंह को पुलिस सुरक्षा दिलाने के लिए उनके कथित कहने पर संदीप सिंह ने फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई देसी पिस्तौल और मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

लुधियाना ग्रामीण के एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता, आईपीएस ने बताया कि 26 और 27 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि गांव गगरा स्थित गुरुद्वारा गोपालसर साहिब के बाहर नकाबपोश व्यक्ति ने दो गोलियां चलाई थीं। इसके बाद आरोपी गुरुद्वारा साहिब के मुख्य गेट पर एक धमकी भरा पत्र फेंककर फरार हो गया था। इस पत्र में गुरुद्वारा साहिब के मुख्य प्रशासक बाबा अमरजीत सिंह को धमकी दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी (डी) राजन शर्मा, डीएसपी जगराओं जसविंदर सिंह ढींडसा और डीएसपी (डी) सागर बनाल के नेतृत्व में सीआईए स्टाफ जगराओं के इंचार्ज इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह तथा थाना सदर जगराओं के एसएचओ सब-इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह की टीमें गठित की गईं। पुलिस ने तकनीकी जांच, ह्यूमन इंटेलिजेंस और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान संदीप सिंह उर्फ सोनी पुत्र शिंदरपाल सिंह निवासी गांव कडियाल, जिला मोगा के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बाबा अमरजीत सिंह का भक्त है और गुरुद्वारा गोपालसर साहिब के पास रहता है। वह करीब एक साल पहले अपने गांव लौटा था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि बाबा अमरजीत सिंह को पुलिस सुरक्षा दिलाने के उद्देश्य से कथित तौर पर पहले से तय साजिश के तहत फायरिंग की गई थी। वारदात के दिन वह अपनी डिस्कवर मोटरसाइकिल पर अकेला गुरुद्वारा साहिब पहुंचा था। पहचान छिपाने के लिए उसने सिर पर परना बांधा और चेहरे को कपड़े से ढक रखा था। इसके अलावा अपनी शारीरिक बनावट छिपाने के लिए कमर पर कपड़ा बांधा हुआ था। गुरुद्वारा साहिब के बाहर दो गोलियां चलाने के बाद वह वापस अपने गांव चला गया।

पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि उसने करीब छह महीने पहले इलाहाबाद और मिर्जापुर के आसपास के इलाके से .32 बोर की देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस खरीदे थे। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई देसी पिस्तौल, मैगजीन और डिस्कवर मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।

पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब धमकी भरे पत्र के संबंध में जांच कर रही है और इस साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाने के लिए आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने कहा कि लुधियाना ग्रामीण पुलिस जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आम लोगों की जान-माल की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी क्षेत्र का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।