डेयरी उपभोक्ताओं को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ दूध के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पंजाब डेयरी डेवलपमेंट विभाग की ओर से ननकाना साहिब पब्लिक स्कूल, समराला में मिल्क कंज्यूमर अवेयरनेस (स्कूल) कैंप आयोजित किया गया। यह कैंप डायरेक्टर डेयरी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट पंजाब वरयाम सिंह गिल के निर्देशों पर डिप्टी डायरेक्टर डेयरी डेवलपमेंट, लुधियाना के नेतृत्व में लगाया गया।
कैंप के दौरान विद्यार्थियों को दूध और दूध से बने उत्पादों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्वस्थ आहार अपनाने, जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक्स से दूरी बनाए रखने तथा करियर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी विद्यार्थियों के साथ साझा की गई।
58 दूध के सैंपल किए गए टेस्ट
कैंप में विद्यार्थियों और शिक्षकों की ओर से लाए गए कुल 58 दूध के सैंपल की जांच की गई। इनमें से 43 सैंपल निर्धारित मानकों के अनुसार पाए गए, जबकि 15 सैंपल मानकों से कम पाए गए।
विभाग के अनुसार, जांच किए गए किसी भी दूध के सैंपल में हानिकारक तत्व नहीं पाए गए। अधिकारियों ने दूध की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर उपभोक्ताओं को जागरूक रहने की सलाह दी।
विद्यार्थियों को स्वस्थ खान-पान की दी जानकारी
कैंप के दौरान डेयरी डेवलपमेंट इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह, अंकित कपूर और अनुरागदीप कौर ने विद्यार्थियों को अपने-अपने विषयों से संबंधित जानकारी दी। KVK, PAU की असिस्टेंट प्रोफेसर सुखदीप कौर ने भी विद्यार्थियों को विशेष व्याख्यान दिया।
स्कूल प्रिंसिपल ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता कैंप विद्यार्थियों में स्वस्थ खान-पान की आदतें विकसित करने और उन्हें अपने भविष्य को लेकर जागरूक करने में उपयोगी साबित होते हैं।
क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को दिए पुरस्कार
कार्यक्रम के दौरान स्कूल के इंचार्ज को प्रशंसा स्वरूप टोकन प्रदान किया गया। विद्यार्थियों के लिए “मिल्क पियो और बर्फी” नाम से रिफ्रेशमेंट भी दिया गया।
इसके अलावा विभाग की ओर से आयोजित क्विज प्रतियोगिता में विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से दूध की गुणवत्ता, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता को और मजबूत करना रहा।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत पंजाब में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR-2026) का कार्य जारी है। इसके तहत फोटो वोटर लिस्ट का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अगस्त 2026 को किया जा चुका है। अब मतदाता 13 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
मतदाता ऑनलाइन माध्यम से वोटर्स.eci.gov.in और वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा ऑफलाइन माध्यम से संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से भी आवश्यक फॉर्म जमा किए जा सकते हैं।
फॉर्म नंबर 6, 6-A, 7 और 8 से कर सकते हैं आवेदन
SIR-2026 के दौरान मतदाता सूची से जुड़े अलग-अलग दावों और आपत्तियों के लिए फॉर्म नंबर 6, 6-A, 7 और 8 का इस्तेमाल किया जा सकता है। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर अपने वोटर रिकॉर्ड की जांच कर लें और किसी तरह की गलती या आपत्ति होने पर समय रहते आवेदन करें।
लुधियाना की विधानसभा सीटों के लिए नियुक्त किए गए वोटर लिस्ट ऑब्जर्वर
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पंजाब सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के IAS अधिकारी अर्शदीप सिंह थिंड को लुधियाना जिले की सात विधानसभा सीटों के लिए मतदाता सूची पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इनमें विधानसभा क्षेत्र 63-लुधियाना सेंट्रल, 64-लुधियाना पश्चिम, 65-लुधियाना उत्तर, 66-गिल, 68-दाखा, 69-रायकोट और 70-जगराओं शामिल हैं।
इन विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित मतदाता सुझाव या शिकायत के लिए अर्शदीप सिंह थिंड से 97800-08595 पर संपर्क कर सकते हैं।
इसी तरह पंजाब सरकार के परिवहन विभाग के वरुण रुजम को लुधियाना जिले के अन्य सात विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदाता सूची पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इनमें 57-खन्ना, 58-समराला, 59-साहनेवाल, 60-लुधियाना पूर्व, 61-लुधियाना दक्षिण, 62-आतम नगर और 67-पायल विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
इन क्षेत्रों से संबंधित मतदाता 94179-44155 पर वरुण रुजम से संपर्क कर सकते हैं।
6 सितंबर को होगी अहम बैठक
आम लोगों की जानकारी के लिए बताया गया है कि मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की ओर से 6 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे मीटिंग हॉल, बचत भवन, मिनी सचिवालय, लुधियाना में बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में जिला लुधियाना के मौजूदा सांसदों और विधायकों, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों के साथ SIR-2026 से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी फोटो वोटर लिस्ट में नाम और अन्य विवरण की जांच करें तथा किसी भी प्रकार की गलती, दावा या आपत्ति होने पर 12 सितंबर 2026 तक निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन जरूर करें।
जवाहर नवोदय विद्यालय, धनांसू में शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं में एडमिशन को लेकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। विद्यालय में खाली सीटों पर दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। योग्य विद्यार्थी 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जवाहर नवोदय विद्यालय, धनांसू की प्रिंसिपल निशि गोयल ने बताया कि कक्षा 9वीं और 11वीं में उपलब्ध खाली सीटों को भरने के लिए प्रवेश परीक्षा होगी। दोनों कक्षाओं के लिए परीक्षा की तारीख 10 अप्रैल 2027 निर्धारित की गई है।
कौन कर सकता है आवेदन?
कक्षा 9वीं और 11वीं में दाखिले के लिए विद्यार्थी का लुधियाना जिले का स्थायी निवासी होना जरूरी है। इसके अलावा विद्यार्थी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूल में क्रमशः कक्षा 8वीं या 10वीं में पढ़ रहा होना चाहिए।
कक्षा 9वीं में दाखिले के लिए विद्यार्थी का जन्म 1 मई 2012 से 31 जुलाई 2014 के बीच होना चाहिए।
वहीं कक्षा 11वीं में प्रवेश के लिए विद्यार्थी का जन्म 1 जून 2010 से 31 जुलाई 2012 के बीच होना जरूरी है।
इन वेबसाइटों से कर सकते हैं आवेदन
कक्षा 9वीं में एडमिशन के लिए इच्छुक विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
विद्यालय की प्रिंसिपल निशि गोयल ने योग्य विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार न करें और 30 सितंबर 2026 से पहले ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
प्रवेश परीक्षा 10 अप्रैल 2027 को आयोजित होगी। एडमिशन से संबंधित पात्रता और अन्य जरूरी शर्तों को ध्यान से पढ़ने के बाद ही विद्यार्थी आवेदन करें।
लुधियाना में होने वाली ARO लुधियाना अग्निवीर रिक्रूटमेंट रैली 2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन और सेना के अधिकारियों की अहम बैठक हुई। असिस्टेंट कमिश्नर (जनरल) लुधियाना पायल गोयल ने डायरेक्टर रिक्रूटमेंट, आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस (ARO) लुधियाना कर्नल प्रवीण कुमार और जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में 1 से 7 अक्टूबर 2026 तक लुधियाना में आयोजित होने वाली अग्निवीर भर्ती रैली की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
चार जिलों के CEE पास युवा ले सकेंगे हिस्सा
यह भर्ती रैली जोनल रिक्रूटमेंट ऑफिस, जालंधर की ओर से आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस, लुधियाना के तहत वज्र कोर के जवानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। रैली के माध्यम से भारतीय सेना में विभिन्न श्रेणियों के लिए अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी।
इस भर्ती रैली में लुधियाना, मोगा, रूपनगर और SAS नगर (मोहाली) जिलों के वे योग्य युवा हिस्सा ले सकेंगे, जिन्होंने कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन (CEE) पास किया है।
6 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों के पहुंचने की उम्मीद
डायरेक्टर रिक्रूटमेंट कर्नल प्रवीण कुमार ने बताया कि यह पंजाब में आयोजित होने वाली बड़ी भर्ती रैलियों में से एक है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारू और सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि रैली में 6,000 से अधिक उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने ARO लुधियाना भर्ती रैली को सिविल-मिलिट्री एकता का उदाहरण बताते हुए कहा कि वर्ष 2024 और 2025 में आयोजित अग्निवीर भर्ती रैलियों के दौरान भी इस तरह का समन्वय सफलतापूर्वक देखने को मिला था।
जिला प्रशासन करेगा हर संभव सहयोग
असिस्टेंट कमिश्नर (जनरल) पायल गोयल ने कहा कि जिला प्रशासन पंजाब के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भर्ती रैली को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए भारतीय सेना को सभी जरूरी प्रशासनिक और इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को भर्ती रैली के दौरान पीने के पानी, साफ-सफाई, सुरक्षा, ट्रांसपोर्टेशन, मेडिकल सुविधाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रशासन और सेना के बीच बेहतर समन्वय के साथ आयोजित होने वाली यह भर्ती रैली पंजाब के उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगी, जिन्होंने CEE परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है।
सरकारी ITI लुधियाना में अलग-अलग ट्रेड के लिए गेस्ट फैकल्टी कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर इंस्ट्रक्टर की भर्ती की जा रही है। जिला रोजगार एवं व्यवसाय ब्यूरो, लुधियाना की डिप्टी डायरेक्टर रूपिंदर कौर ने बताया कि इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट कमेटी (IMC), सरकारी ITI लुधियाना की ओर से यह भर्ती की जाएगी।
उन्होंने बताया कि भर्ती के तहत रेफ्रिजरेटर एवं एयर कंडीशनर, वायरमैन, इलेक्ट्रीशियन, ड्रोन टेक्नीशियन, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एवं डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन, मशीनिस्ट, फिटर, वेल्डर, टूल एंड डाई मेकर (प्रेस टूल, जिग एवं फिक्सचर), CNC मशीनिंग, मोटर मैकेनिक व्हीकल, सोलर टेक्नीशियन और मैकेनिक इलेक्ट्रिकल व्हीकल ट्रेड शामिल हैं।
15 हजार रुपये मासिक मिलेगा वेतन
डिप्टी डायरेक्टर रूपिंदर कौर ने बताया कि ये पद पूरी तरह अस्थायी आधार पर गेस्ट फैकल्टी कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर भरे जाएंगे। नियुक्ति शैक्षणिक सत्र 2026-27 तक के लिए होगी और चयनित उम्मीदवारों को 15,000 रुपये प्रति माह फिक्स्ड वेतन दिया जाएगा।
9 सितंबर को होगा इंटरव्यू
योग्य एवं इच्छुक उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए 9 सितंबर 2026 को सरकारी ITI, गिल रोड, लुधियाना में पहुंचना होगा। उम्मीदवारों को अपने मूल दस्तावेजों के साथ उनकी अटेस्टेड कॉपियां भी साथ लानी होंगी।
उम्मीदवार संबंधित ट्रेड के लिए शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और अन्य आवश्यक जानकारी DGT की CTS Details वेबसाइट पर देख सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार जिला रोजगार एवं व्यवसाय ब्यूरो, प्रताप चौक, संगीत सिनेमा के सामने, लुधियाना से भी संपर्क कर सकते हैं।
भर्ती का उद्देश्य सरकारी ITI में विभिन्न तकनीकी ट्रेडों के लिए प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों को बेहतर व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
Ludhiana News: NCC 3 पंजाब गर्ल्स बटालियन ने गवर्नमेंट कॉलेज गर्ल्स लुधियाना में गुरु नानक ब्लड सेंटर के सहयोग से ब्लड डोनेशन कैंप लगाया, 45 यूनिट रक्त एकत्र हुआ।
लुधियाना / सत्ता संदेश
लुधियाना, 2 सितंबर 2026: NCC ग्रुप हेडक्वार्टर लुधियाना के तहत NCC 3 पंजाब (गर्ल्स) बटालियन की ओर से गवर्नमेंट कॉलेज (गर्ल्स), लुधियाना में गुरु नानक ब्लड सेंटर के सहयोग से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किया गया। कैंप का उद्देश्य समाज सेवा के साथ-साथ लोगों में रक्तदान और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कैंप में कॉलेज कम्युनिटी के विभिन्न वर्गों ने उत्साह के साथ भाग लिया। दिनभर चले इस रक्तदान अभियान के दौरान कुल 45 यूनिट ब्लड एकत्र किया गया। इसमें NCC कैडेट्स, कॉलेज स्टूडेंट्स और सिविल स्टाफ सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
NCC कैडेट्स ने निभाई अहम भूमिका
ब्लड डोनेशन कैंप के दौरान NCC कैडेट्स ने मेडिकल टीमों का सहयोग किया और रक्तदाताओं को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। कैडेट्स के अनुशासन और बेहतर संगठनात्मक क्षमता की कमांडिंग ऑफिसर और स्टाफ ने सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं को प्रशंसा प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। अधिकारियों ने रक्तदाताओं के इस निस्वार्थ योगदान की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
‘एकता और अनुशासन’ का दिखा संदेश
कार्यक्रम स्थल NCC के आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन” से गूंज उठा। खाकी यूनिफॉर्म और हरी टोपी पहने NCC कैडेट्स ने पूरे कैंप के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई और साथी विद्यार्थियों को भी इस नेक कार्य में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
कैंप के समापन पर सभी रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां समाज सेवा की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करती हैं।
NCC 3 पंजाब (गर्ल्स) बटालियन की ओर से आयोजित यह रक्तदान शिविर सामाजिक कल्याण और जन स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
Ludhiana : DC हिमांशु जैन ने मिशन जीवनी के तहत हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की मॉनिटरिंग, फॉलो-अप और काउंसलिंग मजबूत करने के निर्देश दिए।
लुधियाना / सत्ता संदेश
लुधियाना जिले में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) के मामलों की पहचान, ट्रैकिंग और फॉलो-अप को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, IAS की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में मिशन जीवनी के स्पेशल इंटेंसिव कैंपेन के तहत दूसरी रिव्यू मीटिंग आयोजित की गई।
मीटिंग के दौरान 25 अगस्त 2026 को जारी निर्देशों के पालन की समीक्षा की गई। डिप्टी कमिश्नर ने हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित फॉलो-अप, ट्रैकिंग और काउंसलिंग सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
हाई-रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बनेगा मंथली ड्यूटी रोस्टर
डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने जिले के सभी सीनियर मेडिकल ऑफिसर्स (SMOs) को हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की निगरानी के लिए मंथली ड्यूटी रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ब्लॉक स्टैटिस्टिकल असिस्टेंट (BSA) की मदद से रोटेशनल टेलीफोन फॉलो-अप सुनिश्चित करने को कहा गया।
पिछले सप्ताह किए गए फॉलो-अप की संख्या को हर मंगलवार एक्शन टेकन रिपोर्ट के माध्यम से रिकॉर्ड किया जाएगा, ताकि HRP मामलों की निगरानी में किसी तरह की कमी न रहे।
लो-रिस्क से हाई-रिस्क होने पर तुरंत अपडेट होगा रिकॉर्ड
DC ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी गर्भवती महिला की पहली ANC जांच के दौरान स्थिति लो-रिस्क पाई जाती है, लेकिन बाद में वह हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की श्रेणी में आती है, तो उसके स्टेटस में हुए बदलाव को तुरंत फ्लैग किया जाए और HRP डेटा में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी ASHA वर्कर से ANM, फिर LHV और BSA तक समय पर पहुंचनी चाहिए, ताकि महिला को जरूरत के अनुसार आगे की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
HRP मामलों में काउंसलिंग पर भी जोर
हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों में काउंसलिंग को प्रभावी बनाने के लिए ANM को प्रत्येक मामले की रिपोर्ट संबंधित SMO को देने के निर्देश दिए गए। SMOs अपने-अपने क्षेत्रों में हर सप्ताह ASHA वर्कर्स और ANMs को संवेदनशील बनाएंगे तथा इसकी एक्शन रिपोर्ट भी जमा करेंगे।
प्रत्येक ब्लॉक से बेहतर प्रदर्शन करने वाली ASHA वर्कर का नाम भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों और नर्सिंग होम का निरीक्षण होगा
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि प्रत्येक HRP मरीज को इलाज करने वाले डॉक्टर की ओर से यह स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि आगे के बेहतर प्रबंधन और इलाज के लिए उसे किस स्वास्थ्य संस्थान में जाना है।
इसके अलावा SMOs को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अस्पतालों और नर्सिंग होम का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान कुम कलां और साहनेवाल ब्लॉक पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में स्पेशल ड्यूटी (अर्बन अफेयर्स) ऑफिसर डॉ. प्रगति वर्मा, IAS, सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर, डिस्ट्रिक्ट फैमिली प्लानिंग ऑफिसर डॉ. अमनप्रीत कौर, नोडल ऑफिसर जीवनदीप सिंह, CGO अंबर बंद्योपाध्याय सहित जिले के सभी SMOs मौजूद रहे।
सभी संबंधित अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट 8 सितंबर 2026 तक जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की समय पर पहचान कर गर्भवती महिलाओं को उचित निगरानी, काउंसलिंग और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), हरियाणा शाखा कार्यालय ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DFO), करनाल की ओर से मानेसर में आयोजित दो दिवसीय विद्युत वाहन (EV) कलपुर्जा विक्रेता विकास कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का आयोजन 1 और 2 सितंबर 2026 को आईसीएटी कन्वेंशन सेंटर-2, मानेसर, गुरुग्राम में किया गया।
इस कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), ऑटोमोबाइल उद्योग, इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों, नवोदित उद्यमों और विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में व्यावसायिक अवसरों, तकनीकी आवश्यकताओं, परीक्षण, प्रमाणन, गुणवत्ता मानकों और नियामक प्रावधानों को लेकर उद्योग जगत को जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
BIS ने लगाया जागरूकता स्टॉल
कार्यक्रम में BIS हरियाणा शाखा कार्यालय ने BIS फरीदाबाद शाखा कार्यालय के सहयोग से विशेष स्टॉल स्थापित किया। स्टॉल पर इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित भारतीय मानकों, शोध प्रकाशनों और अध्ययन सामग्री को प्रदर्शित किया गया। इनमें भारत का राष्ट्रीय विद्युत संहिता भी शामिल रही।
इसके अलावा BIS के प्रकाशन ‘विद्युत वाहन चार्जिंग अवसंरचना एवं मानक : एक अवलोकन’ को भी प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मानकों, सुरक्षा आवश्यकताओं और गुणवत्ता के महत्व को लेकर उद्योग प्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों को जानकारी दी गई।
BIS स्टॉल पर विभिन्न उद्योगों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर अधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने उत्पादों पर लागू भारतीय मानकों, BIS प्रमाणन और अनुरूपता मूल्यांकन से जुड़ी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी हासिल की।
MSME की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता पर चर्चा
MSME-DFO, करनाल के अपर विकास आयुक्त संजीव चावला ने भी अपने सहयोगियों के साथ BIS स्टॉल का दौरा किया। इस दौरान खास तौर पर तेजी से उभर रहे इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में काम कर रहे MSMEs की गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार में स्वीकार्यता को मजबूत करने में भारतीय मानकों तथा अनुरूपता मूल्यांकन की भूमिका पर चर्चा हुई।
EV मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों पर तकनीकी सत्र
कार्यक्रम के पहले दिन 1 सितंबर को BIS हरियाणा शाखा कार्यालय की ओर से ‘विद्युत वाहनों के लिए मानक एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में नवीनतम विकास’ विषय पर तकनीकी सत्र में भाग लिया गया।
इस सत्र में BIS के वैज्ञानिक-डी सौरभ चंद्र ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने MSMEs और अन्य हितधारकों को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े उत्पादों पर लागू भारतीय मानकों, अनिवार्य प्रमाणन आवश्यकताओं और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में हुए नवीनतम विकास की जानकारी दी।
प्रतिभागियों को इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जों और संबंधित उत्पादों के लिए लागू मानकों तथा प्रमाणन प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछने और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर भी मिला।
‘मानक बाधा नहीं, गुणवत्ता और सुरक्षा का माध्यम’
कार्यक्रम में ‘हरियाणा में विद्युत वाहन पारिस्थितिकी तंत्र की सुविधा’ विषय पर भी सत्र आयोजित किया गया। इसमें हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण/नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, हरियाणा सरकार के परियोजना अधिकारी सुख चैन सिंह ने भारतीय मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मानकों को किसी बाधा या समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मानक गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने तथा बेहतर भविष्य के निर्माण का माध्यम हैं। उन्होंने मानकों को व्यापक रूप से अपनाने को भारत को गुणवत्ता-सचेत राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। इनमें विक्रेता विकास, निवेश एवं संयुक्त उपक्रम के अवसर, ऊर्जा दक्षता, इलेक्ट्रिक वाहनों के परीक्षण की आवश्यकताएं और MSMEs के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाएं प्रमुख रहीं।
दूसरे दिन उद्योग और हितधारकों के साथ व्यापक संवाद
कार्यक्रम के दूसरे दिन 2 सितंबर को BIS अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक संवाद किया। इनमें शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों, स्टार्टअप्स, विनिर्माताओं और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
हितधारकों ने BIS प्रमाणन, लागू भारतीय मानकों, प्रमाणन प्राप्त करने की प्रक्रिया और विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादों के लिए अनुरूपता मूल्यांकन से संबंधित जानकारी हासिल की। BIS अधिकारियों ने प्रतिभागियों के सवालों और आवश्यकताओं के आधार पर मानकों तथा प्रमाणन प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस दौरान उपभोक्ता शिकायतों और उनकी रिपोर्टिंग प्रक्रिया को लेकर भी व्यावहारिक सवाल उठाए गए। विशेष रूप से ऐसे मामलों पर चर्चा हुई, जब BIS प्रमाणित उत्पाद में बाद में गुणवत्ता या प्रदर्शन से जुड़ी समस्या सामने आती है। अधिकारियों ने शिकायतों की रिपोर्टिंग और समाधान के लिए उपलब्ध माध्यमों की जानकारी दी।
66 प्रदर्शनी स्टॉल, 1,000 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा
दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रदर्शनी हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटोमोटिव इकोसिस्टम से जुड़े उत्पादों, तकनीकों, सेवाओं और पहलों को प्रदर्शित करने वाले करीब 66 स्टॉल लगाए गए।
प्रदर्शनी में 1,000 से अधिक आगंतुकों ने हिस्सा लिया। इनमें उद्योग प्रतिनिधि, MSMEs, स्टार्टअप्स, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और अन्य हितधारक शामिल रहे।
EV सेक्टर में गुणवत्ता और मानक जागरूकता को बढ़ावा
मानेसर में आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, MSMEs, स्टार्टअप्स, तकनीकी संस्थानों और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना। BIS की सहभागिता के माध्यम से भारतीय मानकों, अनुरूपता मूल्यांकन, प्रमाणन आवश्यकताओं, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और उपभोक्ता शिकायतों से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
विक्रेता विकास कार्यक्रम के माध्यम से BIS हरियाणा शाखा कार्यालय ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में गुणवत्ता, मानक जागरूकता और नियामक अनुपालन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही BIS और MSME-DFO, करनाल के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा उद्योगों को प्रासंगिक भारतीय मानकों और वैधानिक आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए मार्गदर्शन देने का अवसर भी मिला।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB), मोहाली ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूलों की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब कक्षा I से XII तक की पाठ्य-पुस्तकें भारतीय डाक के जरिए घर-घर पहुंचाई जाएंगी। इसके लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड और डाक विभाग, पंजाब परिमंडल, चंडीगढ़ के बीच 1 सितंबर 2026 को समझौता हुआ।
इस सुविधा के तहत विद्यार्थी, अभिभावक और स्कूल Pustak Portal के माध्यम से कक्षा 1 से 12 तक की पाठ्य-पुस्तकों को ऑनलाइन खरीद सकेंगे। ऑनलाइन ऑर्डर करने के बाद भारतीय डाक अपने व्यापक नेटवर्क के माध्यम से किताबों की घर तक डिलीवरी करेगा।
इससे पहले पुस्तक पोर्टल से किताबें खरीदने के बाद खरीदारों को उन्हें बोर्ड द्वारा निर्धारित जिला कार्यालयों से स्वयं जाकर लेना पड़ता था। नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया और आसान हो जाएगी। विद्यार्थी और अभिभावक घर बैठे किताबों का ऑर्डर कर सकेंगे और 15 प्रतिशत की छूट का लाभ भी उठा सकेंगे।
ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा फायदा
PSEB की यह पहल खास तौर पर पंजाब के ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों एवं स्कूलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब पाठ्य-पुस्तकों के लिए जिला कार्यालयों तक जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों के समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत होगी।
एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आवश्यक पाठ्य-पुस्तकों का ऑर्डर किया जा सकेगा और भारतीय डाक के माध्यम से किताबें घर बैठे प्राप्त की जा सकेंगी।
समझौते के अवसर पर डॉ. अमरपाल सिंह, IAS (Retd.), अध्यक्ष, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, मोहाली, श्री सकतर सिंह बल, सचिव, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, कुमार संजीव, IPoS, प्रवर अधीक्षक डाकघर, चंडीगढ़ मंडल, श्री किशोरी लाल, प्रभारी, बीपीसी चंडीगढ़ सहित दोनों विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
भारत सरकार के “जुग जुग जियो अभियान” के तहत नियंत्रक संचार लेखा (CCA), पंजाब, चंडीगढ़ कार्यालय में बुधवार को अंग एवं ऊतक दान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को अंगदान के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें इस मानवीय कार्य में योगदान देने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का आयोजन ROTTO North, PGIMER, Chandigarh के सहयोग से किया गया। इस दौरान ROTTO North की टीम ने अंग एवं ऊतक दान को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित करने के साथ-साथ अंगदान प्रतिज्ञा शिविर में भी सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम में ROTTO North, PGIMER की Consultant (IEC/Media) सरयू डी. मद्रा ने विस्तृत और जानकारीपूर्ण प्रस्तुति दी। उन्होंने अंग एवं ऊतक दान की आवश्यकता, इसके महत्व, अंगदान की प्रक्रिया और प्रतिज्ञा लेने के तरीके के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों और शंकाओं को दूर करने के लिए भी आवश्यक जानकारी साझा की।
इस अवसर पर नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब, विजेंद्र नारायण टंडन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने अंगदान को महान मानवीय कार्य बताते हुए कहा कि यह प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे जरूरतमंद लोगों के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकता है। उन्होंने कर्मचारियों से अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों के बीच भी अंग एवं ऊतक दान को लेकर जागरूकता फैलाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान ROTTO North की ओर से अंगदान प्रतिज्ञा शिविर भी लगाया गया। शिविर का संचालन सुश्री रितिका, श्री जगतार सिंह और Student Volunteer सुश्री आनंदी ने किया। कार्यक्रम में कर्मचारियों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। कुल 62 कर्मचारियों में से 30 कर्मचारियों ने मौके पर ही अंग एवं ऊतक दान की प्रतिज्ञा ली।
अंगदान की प्रतिज्ञा लेने वाले कर्मचारियों की सहभागिता ने अंग एवं ऊतक दान के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को जीवन का नया अवसर देने वाली महान मानवीय सेवा है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए ROTTO North की टीम के सदस्यों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं, सुश्री सरयू डी. मद्रा और ROTTO North टीम के सदस्यों का प्लांटर भेंट कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सरयू डी. मद्रा और ROTTO North, PGIMER की पूरी टीम का उनके बहुमूल्य समय, ज्ञानवर्धक प्रस्तुति और सक्रिय सहयोग के लिए धन्यवाद किया गया। कार्यक्रम ने अंग एवं ऊतक दान को लेकर जागरूकता बढ़ाने और समाज में इसके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।