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पंजाब में AAP का बड़ा डोर-टू-डोर अभियान, 20 सितंबर से घर-घर पहुंचेंगे 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य

पंजाब में AAP 20 सितंबर से राज्यव्यापी डोर-टू-डोर अभियान शुरू करेगी। मनीष सिसोदिया के मुताबिक 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर मान सरकार के काम और योजनाओं की जानकारी देंगे।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यव्यापी डोर-टू-डोर अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने 18 सितंबर को चंडीगढ़ में इसकी घोषणा की। अभियान की शुरुआत 20 सितंबर से होगी और पार्टी के अनुसार करीब 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर भगवंत मान सरकार के कामकाज, योजनाओं और नीतियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे।

इस अभियान में मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल होंगे। पार्टी के मुताबिक मान 20 सितंबर को अपनी विधानसभा सीट धुरी से डोर-टू-डोर अभियान में हिस्सा लेंगे। इसके बाद पार्टी के कार्यकर्ता, मंत्री और बूथ स्तर के पदाधिकारी राज्यभर में लोगों से संपर्क करेंगे।

मनीष सिसोदिया के मुताबिक अभियान का उद्देश्य सरकार के कार्यों और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी का सदस्यता अभियान भी शुरू किया जाएगा। पार्टी संगठन के स्तर पर नए लोगों को जोड़ने और बूथ स्तर पर अपनी पहुंच बढ़ाने पर भी जोर देगी।

19 सितंबर को लुधियाना में जारी होगा पैंफलेट

डोर-टू-डोर अभियान से एक दिन पहले, 19 सितंबर को लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान AAP के चुनावी अभियान का पैंफलेट जारी करेंगे। पार्टी के अनुसार इसमें अभियान की रूपरेखा और जनता तक पहुंचाए जाने वाले प्रमुख संदेशों की जानकारी होगी।

AAP का यह अभियान आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच शुरू किया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सरकार के कामकाज की जानकारी को संगठन के माध्यम से सीधे हर घर तक पहुंचाया जाएगा।

पंजाब सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत शुरू, DA समेत कई मांगों पर चर्चा

पंजाब मिनिस्ट्रियल यूनियन और मुख्यमंत्री के बीच कर्मचारियों की मांगों को लेकर बैठक हुई। DA, पे-स्केल, पुरानी पेंशन, 200 रुपये टैक्स और कंप्यूटर अध्यापकों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और मिनिस्ट्रियल यूनियन के बीच बातचीत का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद पंजाब मिनिस्ट्रियल यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह विक्र ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को सरकार के सामने रखा गया है और कई मुद्दों पर चर्चा हुई है।

DA को लेकर सरकार के फैसले का इंतजार

DA के मुद्दे पर गुरनाम सिंह विक्र ने कहा कि सरकार की ओर से जो फैसला लिया जाएगा, उसे लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 8 प्रतिशत DA से संबंधित दो पत्र जारी करने की बात कही है। इस मुद्दे पर अक्टूबर के पहले सप्ताह में अगली बैठक होने की बात भी सामने आई है।

2020 के कर्मचारियों के पे-स्केल की होगी जांच

बैठक में 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के पे-स्केल का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन के अनुसार मुख्यमंत्री ने इस पे-स्केल की जांच करवाने की बात कही है। इसके अलावा प्रोबेशन अवधि के दौरान तीन साल तक मिलने वाले 17 हजार और 19 हजार रुपये के वेतन से जुड़े मुद्दे पर भी विचार करने की बात कही गई।

पुरानी पेंशन योजना पर भी चर्चा

पुरानी पेंशन योजना को लेकर भी कर्मचारियों ने अपनी मांग सरकार के सामने रखी। यूनियन के मुताबिक सरकार ने इस मुद्दे पर विचार करने की बात कही है। इसके साथ ही कर्मचारियों पर लगाए गए 200 रुपये टैक्स को हटाने की मांग भी बैठक में रखी गई।

कच्चे कर्मचारियों के भत्तों का मुद्दा उठा

कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग के साथ-साथ कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों को पूरी तनख्वाह के साथ देने का मुद्दा भी सरकार के सामने रखा गया।

कंप्यूटर अध्यापकों को विभाग में लेने की मांग

कंप्यूटर अध्यापकों से संबंधित मुद्दे पर यूनियन ने कहा कि उन्हें सोसायटी के तहत काम करने से हटाकर नियमित करने की दिशा में कदम उठाया गया है, लेकिन उन्हें संबंधित विभाग में शामिल करने की मांग अभी बाकी है। इस मुद्दे को भी बैठक में उठाया गया।

अमन अरोड़ा बोले- अच्छे माहौल में हुई बातचीत

पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच आज अच्छे माहौल में बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की गई है और विभिन्न मुद्दों को हल करने के लिए उनके तकनीकी पहलुओं को भी समझा जाएगा।

DA को लेकर अमन अरोड़ा ने कहा कि 8 प्रतिशत DA अक्टूबर से लागू करने को लेकर फैसला हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है।

अमन अरोड़ा के अनुसार सरकार ने कर्मचारियों की सभी मांगों को खुले दिल से सुना है। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों पर तकनीकी पहलुओं की जरूरत है, उन पर आगे चर्चा की जाएगी।

बैठक में दोनों पक्षों के बीच इस बात पर भी सहमति बनी कि संबंधित मामले को लेकर सरकार और कर्मचारी पक्ष अदालत का रुख नहीं करेंगे और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

सुनाम में अमन अरोड़ा के आवास के बाहर काला झंडा लेकर पहुंचे दामन बाजवा,

सुनाम / सत्ता संदेश

सिख युवक मोहनजीत सिंह पर हुए कथित अत्याचार के विरोध में सुनाम में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष दामन बाजवा ने कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के आवास के बाहर काला झंडा लेकर प्रदर्शन किया। मोहनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया था। इसी मामले को लेकर भाजपा ने पंजाब सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

दामन बाजवा के अचानक मंत्री के आवास के बाहर पहुंचने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान बाजवा ने पुलिस प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि यदि प्रशासन में हिम्मत है तो उनके खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करे। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहनजीत सिंह के साथ अमानवीय अत्याचार किया गया है।

बाजवा ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से रोष प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय अपनी आवाज उठाने वाले लोगों को दबाने का प्रयास कर रही है।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार चाहे तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर जेल भेज सकती है, लेकिन वे किसी भी तरह की धमकी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने मोहनजीत सिंह के मामले में सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।

वहीं, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और राजनीतिक दल को अपनी बात रखने तथा प्रदर्शन करने का अधिकार है। हालांकि उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक पार्टियां इस संवेदनशील मामले को लेकर केवल राजनीति कर रही हैं।

प्रदर्शन के दौरान हरमनदेव सिंह बाजवा भी मौजूद रहे। मामले को लेकर भाजपा और पंजाब सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

हरसिमरत कौर बादल हिरासत में, CM आवास की ओर बढ़ रही अकाली महिलाओं को पुलिस ने रोक

Chandigarh Protest: डॉ. गुरप्रीत कौर पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के विरोध में अकाली दल की महिला इकाई ने रोष मार्च निकाला। हरसिमरत कौर बादल को पुलिस ने हिरासत में लिया।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शनिवार को चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल की महिला इकाई ने रोष मार्च निकाला। सांसद हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अकाली महिला कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस ने सांसद हरसिमरत कौर बादल को हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं सड़क पर बैठ गईं और धरना शुरू कर दिया।

अकाली दल की महिला कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी और बैरिकेडिंग की गई थी।

पांच करोड़ रुपये के कथित आरोपों की जांच की मांग

शिरोमणि अकाली दल का आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर पांच करोड़ रुपये मांगने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्टी की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सच्चाई सामने लाई जाए।

अकाली दल इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सत्ता में बैठे लोगों से जुड़े ऐसे आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है।

NHRC ने मांगी जांच रिपोर्ट

मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के संज्ञान का भी अकाली दल की ओर से हवाला दिया गया है। पार्टी के अनुसार, NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से मामले में जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

हालांकि, डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

परनीत कौर ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

दूसरी ओर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता परनीत कौर ने भी मामले को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

परनीत कौर के मुताबिक, सत्ता में बैठे लोगों पर लगे आरोपों को केवल राजनीतिक मामला बताकर खारिज करने के बजाय जांच एजेंसियों को मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए।

शनिवार को चंडीगढ़ में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा। फिलहाल प्रदर्शनकारी महिलाएं सड़क पर धरने पर बैठी रहीं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं।

लुधियाना में फिर चली गोली! घंटाघर इलाके में युवक की हत्या, एक घायल

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना में गोलीबारी की एक और वारदात सामने आई है। शहर के मेन घंटाघर इलाके में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि इस घटना में एक अन्य युवक के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है। मृतक वीडियो फोटोग्राफर और वीडियो मिक्सिंग का काम करता था।

जानकारी के मुताबिक, मृतक अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी में शामिल होने गया था। पार्टी के बाद वह कार से वापस लौट रहा था। इसी दौरान घंटाघर के बीचों-बीच उस पर गोली चला दी गई। घटना के बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार को फोन पर मिली हादसे की जानकारी

परिजनों के मुताबिक, उन्हें फोन आया कि युवक घायल हो गया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार जब अस्पताल पहुंचा तो उन्हें उसकी मौत की जानकारी मिली। बाद में पता चला कि युवक को गोली मारी गई थी।

परिवार का कहना है कि मृतक की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वह फोटोग्राफर और वीडियो मिक्सर के तौर पर काम करता था और अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।

दो छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक की पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के दो छोटे बच्चे भी पिता की मौत के बाद बेसहारा हो गए हैं।

परिवार ने पुलिस और प्रशासन से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

मां ने CM भगवंत मान से लगाई इंसाफ की गुहार

मृतक की मां ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है। उन्होंने घटना में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है।

परिवार का कहना है कि युवक दोस्तों के साथ बर्थडे पार्टी में गया था और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वह कभी वापस नहीं लौटेगा।

फिलहाल गोलीबारी की इस वारदात को लेकर पुलिस की जांच जारी है। घटना के कारणों और आरोपियों की पहचान को लेकर पुलिस की ओर से जानकारी जुटाई जा रही है।

पंजाब विधानसभा में ई-20 के खिलाफ प्रस्ताव पास: सीएम मान बोले-अमेरिका जो कहता है, वो ही करते हैं

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

सीएम मान ने अपने भाषण में कहा कि पता नहीं ट्रंप के पास कौन सी फाइल है, वो जो कहते हैं वो करवा रहे हैं। तेल कहां से खरीदना है, यह भी बता रहा है। ट्रंप के आगे घुटने टेक दिए हैं। लोगों की गाड़ियां खराब हो रही है। 2030 से इसे लागू करना था लेकिन अब 2026 में ही लागू किया जा रहा है। सदन पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की अधिक मात्रा में मिश्रण की अनुमति करने की निंदा करता है। राज्य सरकारों और हितधारकों से इसकी अनुमति लेनी चाहिए थी। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री और नीति आयोग के उप प्रधान को विचार के लिए प्रस्ताव की कॉपी भेजी जाएगी।

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा, कि आज अरविंद केजरीवाल देश भर के लाखों लोगों के हस्ताक्षर वाली अर्जियां लेकर प्रधानमंत्री आवास जा रहे हैं। मुझे लगता है कि ई-20 एक तरह से देश की संप्रभुता पर हमला है। ऐसा लगता है कि यह अमेरिका के कहने पर, डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर किया जा रहा है। पहले, जब कोई गांव में किसी से बदला लेना चाहता था, तो वे उसके पानी की टंकी में चीनी डाल देते थे। इथेनॉल भी गन्ने से ही बनता है। यह भारत के लोगों से बदला लेने जैसा काम है। 

पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट के खिलाफ विधानसभा में वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने कहा कि वाहनों की एवरेज कम हो रही है और वाहन खराब हो रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत ने कहा कि इथेनॉल की मिलावट के हिसाब से पेट्रोल को ई 20 या ई 10 कह सकते हैं। यह चेक करवाया जाना चाहिए कि इथेनॉल को पेट्रोल को मिलावट किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इथेनॉल और पेट्रोल का आपस में कोई संबंध में नहीं, इसलिए धक्केशाही से इसे मिलाया जा रहा है।

कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि सरकार को इसका विकल्प देना चाहिए। जिस गरीब व्यक्ति ने मोटरसाइकिल या कार ली है तो उसके लिए मुश्किल है। पंजाब सरकार को भी कोई विकल्प ढूंढना चाहिए कि पेट्रोल पंप पर उसे विकल्प मिले। उन्होंने कहा कि चर्चा होनी चाहिए कि इसमें से तो क्या पता कुछ अच्छा भी हो रहा हो। इस पर वैट कम कर देना चाहिए।

‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के 500 दिन पूरे, 70 हजार ड्रग तस्कर गिरफ्तार: CM मान

हमारी सरकार की ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब नशा-मुक्त नहीं हो जाता: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

  • ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम के 500 दिन पूरे; अब तक 70,000 नशा तस्कर गिरफ्तार: सीएम मान
  • विलेज डिफेंस कमेटियों का एक साल पूरा; 1.25 लाख वॉलंटियर ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ की ताकत बने: सीएम मान
  • अकाली दल ने नशे लाए, कांग्रेस ने उनको संरक्षण दिया; ‘आप’ सरकार इस कलंक को खत्म कर रही है: सीएम मान
  • पंजाब का हर गाँव और शहर नशों के विरुद्ध सरकार की जंग में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है:सीएम मान
  • इलाज, पुनर्वास और जन जागरूकता अभियानों के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई: सीएम मान
  • विपक्ष का दावा था कि नशे कभी खत्म नहीं हो सकते, पर लोगों के सहयोग ने इस कलंक की रीढ़ तोड़ने में हमारी मदद की है : भगवंत सिंह मान
  • भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस ने पंजाब को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं किया; वे सिर्फ राज्य को लूटने के लिए सत्ता चाहते हैं : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक राज्य से नशों की जड़ से सफाई नहीं हो जाती। उन्होंने घोषणा की कि ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ की शानदार सफलता लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव हुई है। लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटी (वी.डी.सी.) के वॉलंटियरों (गाँवों के पहरेदारों) से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुहिम के 500 दिन पूरे हो गए हैं, जिस दौरान 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 13,000 गाँवों में 1.25 लाख वॉलंटियर इस आंदोलन की रीढ़ बनकर उभरे हैं।

पिछली सरकारों पर तीखा हमला करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल ने नशे लाए और कांग्रेस ने इस कलंक को संरक्षण दिया, जबकि आप सरकार ने तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, पीड़ितों के इलाज व पुनर्वास और बेमिसाल जन जागरूकता अभियान के जरिए इसकी रीढ़ तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि कभी ‘उड़दा पंजाब’ के रूप में बदनाम किया गया राज्य अब ‘पढ़दा और तंदरुस्त पंजाब’ में बदल रहा है, जो स्कूली शिक्षा में राज्य की रैंकिंग, जे.ई.ई. और नीट में रिकॉर्ड सफलता और योग्यता-आधारित रोजगार से स्पष्ट होता है। उन्होंने दोहराया कि नशों के खिलाफ जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब पूरी तरह नशा-मुक्त नहीं हो जाता।

इस कार्यक्रम के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटियों के वॉलंटियरों से मुलाकात की। नशों के खिलाफ हमारी मुहिम ने पिछले 500 से अधिक दिनों में शानदार नतीजे दिए हैं। पंजाब पुलिस और हमारे वॉलंटियरों के संयुक्त प्रयासों से 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे नशा तस्करी की रीढ़ टूट गई है। जिस राज्य को कभी ‘उड़दा पंजाब’ कहा जाता था, वह अब ‘पढ़दा और तंदरुस्त पंजाब’ में बदल रहा है। स्कूली शिक्षा में पंजाब का पहला स्थान, 882 विद्यार्थियों का नीट क्वालीफाई करना और 68,500 से अधिक सरकारी नौकरियाँ इस बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। यह जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब से नशों का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता। आओ सब मिलकर ‘रंगला पंजाब’ बनाएँ। इंकलाब जिंदाबाद।”

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ के 500 दिन पूरे हो गए हैं और हमारी विलेज डिफेंस कमेटियों ने एक साल पूरा कर लिया है। मैं पंजाब के लोगों का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने इन दोनों पहलों को जन आंदोलन में बदल दिया। वह दिन दूर नहीं, जब ये दोनों लहरें मिलकर पंजाब में से नशों के कलंक का पूरी तरह खात्मा कर देंगी।”

सभा का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सच्ची भावना से पंजाब की सेवा करने वाले सभी लोगों के ऋणी हैं। उन्होंने कहा कि हमारा दृढ़ संकल्प साबित करता है कि संयुक्त प्रयासों से कोई भी बड़ी से बड़ी चुनौती पर काबू पाया जा सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो समस्या कभी असंभव लगती थी, वह 500 दिनों के भीतर-भीतर धीरे-धीरे खत्म हो रही है। बहुत से लोगों का मानना था कि इस कोढ़ को कभी खत्म नहीं किया जा सकता, पर लोगों के सक्रिय सहयोग से हमने इस समस्या की कमर तोड़ दी है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार ने नशों के दलदल में फँसे लोगों को नशा-छुड़ाऊ और पुनर्वास केंद्रों में ले जाकर उनका इलाज सुनिश्चित किया है ताकि वे गरिमा और स्वाभिमान से जी सकें। उन्होंने कहा, “हमने पिछले 500 दिनों में 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। 13,000 गाँवों में लगभग 1.25 लाख वॉलंटियर नशों के खात्मे के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध एक ईमानदार सरकार ही ऐसा ठोस कदम उठा सकती थी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल ने पंजाब में ‘चिट्टा’ लाया और कांग्रेस ने इसे आगे बढ़ाया और इसको संरक्षण दिया। ये दोनों पार्टियाँ राज्य में बुरे शासन के लिए जिम्मेदार थीं। उन्होंने आगे कहा, “आज हमारी सरकार ने राज्य से नशों की सफाई कर दी है। किसी को नशा छुड़ाने में मदद करना उस व्यक्ति को तीर्थ यात्रा पर ले जाने के बराबर है। मुझे इस बात की बहुत संतुष्टि है कि हमारी सरकार ने शिक्षा क्रांति के जरिए पंजाब के इतिहास को ‘उड़दा पंजाब’ से ‘पढ़दा पंजाब’ में बदल दिया है।”

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पिछले चार वर्षों के दौरान राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण पंजाब प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊँचा किया है, समग्र ढाँचे को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण सुनिश्चित किया है। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक नीति आयोग द्वारा जारी किए गए ताजा आँकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि पंजाब अब इस क्षेत्र में देश में पहले नंबर पर है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, पढ़ाने के आधुनिक तरीकों और स्मार्ट क्लासरूमों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके कारण पंजाब अब शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने आगे कहा, “पहले केरल पहले नंबर पर था, पर आज पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल कर लिया है। हम आने वाले वर्षों में और भी बड़े प्रयास जारी रखेंगे क्योंकि शिक्षा वह प्रकाश है, जो जीवन के अंधेरे को दूर करता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार ने पदभार संभाला था तो पंजाब स्कूली शिक्षा में 27वें नंबर पर था, पर आज राज्य पहले नंबर पर पहुँच गया है। उन्होंने आगे बताया कि जहाँ 2021 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, वहाँ 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 विद्यार्थी हो गई है, जो पंजाब के सरकारी स्कूलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए संयुक्त प्रयास कर रही है ताकि आम परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के वही अवसर मिल सकें, जो बाकियों को मिलते हैं।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की कि केंद्र सरकार एक भी नीट परीक्षा पारदर्शी ढंग से कराने में असफल रही है, जिसमें परीक्षा के पेपर बार-बार लीक हो रहे हैं और विद्यार्थियों में निराशा फैल रही है। उन्होंने आगे कहा, “इसके विपरीत हमारी सरकार ने पंजाब में एक भी पेपर लीक हुए बिना साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। कुछ दिन पहले फार्मेसी परीक्षा के दौरान नकल का मामला सामने आया था और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करवाने के लिए इस समय पंजाब भर में 1,090 आम आदमी क्लीनिक चल रहे हैं और जल्द ही यह संख्या 1,400 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ये क्लीनिक सुगम स्वास्थ्य सेवाओं का आधार बन चुके हैं, जिनमें अब तक पाँच करोड़ से अधिक ओ.पी.डी. हो चुकी है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर नागरिक के लिए व्यापक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। उन्होंने कहा, “यह योजना पंजाब के हर निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस मुफ्त इलाज प्रदान करती है। पंजाब भारत का पहला राज्य है, जो इतनी व्यापक स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान कर रहा है। इससे लोगों पर वित्तीय बोझ काफी घटा है और मानक इलाज सुनिश्चित हुआ है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य राज्य के हर परिवार को स्वास्थ्य देखभाल कवरेज देना है। उन्होंने बताया कि लोग इस योजना के तहत 937 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज करवा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पंजाब के सभी जिलों में कुल 3,100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “नौजवानों को नशों के कलंक से दूर करने के लिए खेल सबसे कारगर हथियार हैं। आप सरकार सफलतापूर्वक ‘खेड़ाँ वतन पंजाब दियाँ’ करवा रही है, जिसमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियाँ – दादा-दादी से लेकर पोते-पोतियाँ तक – एक साथ भाग लेती हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाबी खिलाड़ी देश की बड़ी खेल टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम, भारतीय महिला क्रिकेट टीम और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान पंजाबी हैं।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब की छवि को दागदार किया था, जबकि मौजूदा सरकार इस दिखने को फिर से साफ कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहले पिछली सरकारों के समय सरकारी गाड़ियों में नशे की सप्लाई होती थी। आज नशा तस्कर जेल की सलाखों के पीछे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं किया और अब सिर्फ राज्य को लूटने के लिए सत्ता चाहते हैं। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों ने पंजाब के साथ धोखा किया है और बार-बार इसके लोगों के हितों की अनदेखी की है। पंजाब सरकार ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य भर में 43,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करवा रही है। ये सड़क परियोजनाएँ बनाने वाले ठेकेदार ही इनके रख-रखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत ही गर्व की बात है कि पंजाब सरकार ने नौजवानों को 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी हैं। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में पैसे लेकर नौकरियाँ देने और सिफारिशों का दौर खत्म हो गया है। आज सरकारी नौकरियाँ पूरी तरह योग्यता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं। हर सरकारी नियुक्ति मेरिट पर पारदर्शी ढंग से की गई है, जिस कारण एक भी भर्ती को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और अनुकूल औद्योगिक माहौल के कारण देश के बड़े उद्योगपति राज्य में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं। “सनातन टेक्सटाइल, नेस्ले, क्लास, फ्रेडनबर्ग, कारगिल, वर्बियो, डैनोन और कई अन्य प्रमुख कंपनियों ने पंजाब में अपना कामकाज शुरू कर दिया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे बताया कि टाटा स्टील ने 3,200 करोड़ रुपये के निवेश से जमशेदपुर के बाद अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट पंजाब में स्थापित किया है, जबकि जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आईची भी राज्य में निवेश कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार की कोशिश रोजगार के अवसर पैदा करके नौजवानों के हाथों में ‘सिरिंजों’ की बजाय टिफिन थमाना है क्योंकि खाली मन शैतान का घर होता है। हमारी सरकार नौजवानों के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि वे सामाजिक बुराइयों का शिकार न हों। बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है और हम इसे खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, तरुनप्रीत सिंह सौंद और डॉ. बलबीर सिंह, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और कई अन्य हस्तियाँ भी उपस्थित थीं।

पंजाब स्कूल शिक्षा में देश का अग्रणी राज्य बना: सीएम मान

लुधियाना / सत्ता संदेश

  • सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की नीट, जे.ई.ई. और टैलेंट सर्च परीक्षा में सफलता हमारी सरकार के शिक्षा सुधारों की झलक है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • गरीबी खत्म करने और समाज में बदलाव लाने के लिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • वर्धमान टेक्सटाइल समूह के सहयोग से सरकारी प्राथमिक स्कूल में पाँच करोड़ रुपये की लागत से बने नए ब्लॉक का मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किया उद्घाटन

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि उनकी सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों को मजबूत करने, शिक्षा के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और शिक्षकों के प्रशिक्षण में लगातार किए जा रहे निवेश ने राज्य को स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे अग्रणी राज्य बना दिया है।

यहाँ सरकारी प्राथमिक स्कूल, लोहारा में पाँच करोड़ रुपये की लागत से बने ‘वर्धमान ब्लॉक’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट, जे.ई.ई. और पंजाब राज्य टैलेंट सर्च परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की शानदार सफलता सरकार के शिक्षा सुधारों के दूरगामी प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने दोहराया कि गरीबी समाप्त करने और आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा ही सबसे शक्तिशाली साधन है।

सरकारी प्राथमिक स्कूल में नए ब्लॉक का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह नया ब्लॉक पाँच करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसका पूरा खर्च वर्धमान टेक्सटाइल समूह ने वहन किया है, जिसके लिए मैं समूह के नेतृत्व का तहेदिल से धन्यवाद करता हूँ। इस नए ब्लॉक में विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर सहित 18 कक्षाएँ तथा शिक्षकों के लिए तीन कमरे बनाए गए हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “वर्धमान टेक्सटाइल समूह विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस समूह ने लोहारा, ग्यासपुरा, कासाबाद, लाडोवाल, सेखेवाल और अन्य सरकारी स्कूलों में भी भवनों का निर्माण कराया है। कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत राज्य से गरीबी अथवा अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकती, बल्कि शिक्षा ही वह कुंजी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाकर उन्हें गरीबी के दलदल से बाहर निकाल सकती है।”

उन्होंने कहा, “सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर पहुँच गया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाया है, व्यवस्था को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रहा है और भारत सरकार की प्रमुख संस्था नीति आयोग द्वारा जारी नवीनतम आँकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूम पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है और आज पंजाब शीर्ष पर खड़ा है। पहले केरल पहले स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से नंबर एक का दर्जा हासिल किया है। आने वाले समय में भी ऐसे और प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर दुनिया को रोशन करता है, इसलिए राज्य सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है।”

मुख्यमंत्री ने बताया, “लुधियाना जिले के सरकारी स्कूलों में लगभग तीन लाख विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जहाँ 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस हैं। मिलरगंज और डिवीजन नंबर-3, लुधियाना में दो अन्य स्कूल ऑफ एमिनेंस बनकर तैयार हो चुके हैं और शीघ्र ही जनता को समर्पित किए जाएंगे। 146 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा, 33 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन परीक्षा, 9 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. एडवांस्ड परीक्षा तथा 47 विद्यार्थियों ने पी.एस.टी.एस.ई. परीक्षा उत्तीर्ण की है।

लुधियाना में वर्धमान-आइची स्टील फोर्जिंग प्लांट की आधारशिला, 500 युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार: CM भगवंत मान
  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत के अपनी तरह के पहले 1,116 करोड़ रुपए की लागत वाले वर्धमान-आईची स्टील फोर्जिंग प्लांट का नींव पत्थर रखा, 500 युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार
  • अगली वर्धमान-आईची स्टील यूनिट 2,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • पंजाब के अनुकूल औद्योगिक माहौल को देखते हुए शुरुआती 500 करोड़ रुपए के समझौते के बावजूद वर्धमान-आईची ने निवेश बढ़ाकर 1,116 करोड़ रुपए किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • प्लांट में तैयार किए जाने वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स भारत और अन्य देशों में निर्यात किए जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नई औद्योगिक नीति के तहत पंजाब अब ‘सिंगल-विंडो, सिंगल-पेन’ के माध्यम से 45 दिनों के अंदर सभी मंजूरियां प्रदान करता है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान की आईची स्टील की भागीदारी के साथ वर्धमान स्पेशल स्टील्स द्वारा स्थापित किए जा रहे देश के अपनी तरह के पहले 1,116 करोड़ रुपए के फोर्जिंग और मशीनिंग यूनिट का नींव पत्थर रखा। उन्होंने इसे पंजाब के औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में बड़ा प्रोत्साहन बताया। यह प्रोजेक्ट 500 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि वर्धमान-आईची के प्रोजेक्ट के भविष्य के विस्तार से अन्य 2,000 लोगों के लिए नौकरियों के अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनियों द्वारा पंजाब के अनुकूल औद्योगिक माहौल को देखते हुए निवेश को 500 करोड़ रुपए के शुरुआती समझौते से बढ़ाकर 1,116 करोड़ रुपए किया गया है, जो राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। यह प्लांट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए उच्च-मूल्य वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स का निर्माण करेगा, जबकि पंजाब की नई औद्योगिक नीति ‘सिंगल-विंडो, सिंगल-पेन’ प्रणाली के माध्यम से 45 दिनों के अंदर सभी मंजूरियों को सुनिश्चित करती है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह प्रोजेक्ट पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र के लिए नए युग की शुरुआत है। यह राज्य के आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ 500 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार प्रदान करेगा। वर्धमान न केवल अग्रणी औद्योगिक समूह है, बल्कि पंजाब की विकास गाथा का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है, जो लगभग चार दशकों से राज्य में काम कर रहा है। वर्धमान और आईची स्टील के बीच भागीदारी भरोसे, प्रौद्योगिकी और लंबे समय के दृष्टिकोण पर आधारित है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “आईची स्टील मान्यता प्राप्त जापानी कंपनी है और टोयोटा ग्रुप की महत्वपूर्ण सप्लायर है। दिसंबर 2025 में हमारी जापान यात्रा के दौरान हमने नागोया में आईची स्टील की लीडरशिप से मुलाकात की थी। उस समय वर्धमान और आईची स्टील ने पंजाब में लगभग 500 करोड़ रुपए के निवेश के साथ मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने की संभावनाओं के लिए समझौता किया था। आज कुछ ही महीनों के अंदर इस समझौते को अमली रूप दे दिया गया है। यह नीति को अमल में लाने और प्रतिबद्धता को हकीकत में बदलने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। दो चरणों में लगभग 1,100 करोड़ रुपए का नियोजित निवेश किया जाना है।”

प्रोजेक्ट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह प्रोजेक्ट पंजाब में जापानी आधुनिक फोर्जिंग प्रौद्योगिकी लाएगा और भारत के साथ-साथ यूरोप, आसियान देशों, अफ्रीका और मेक्सिको के बाजारों के लिए उच्च-मूल्य वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स का निर्माण करेगा। पंजाब न केवल विशेष स्टील का उत्पादन करेगा बल्कि तैयार पार्ट्स का निर्माण भी करेगा। यह बुनियादी निर्माण से उच्च-मूल्य वाले निर्माण की ओर महत्वपूर्ण बदलाव है और इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के मुख्य केंद्र के रूप में लुधियाना की स्थिति को और मजबूत करेगा।”

राज्य के औद्योगिक ढांचे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह निवेश पंजाब के कुशल श्रमिकों, वर्क कल्चर और औद्योगिक क्षमता में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के विश्वास को दर्शाता है। ‘पंजाब इंडस्ट्रियल एंड ट्रेड डेवलपमेंट पॉलिसी 2026’ 24 क्षेत्रीय नीतियों के माध्यम से सहायता प्रदान करती है और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात, प्रौद्योगिकी, रोजगार और टिकाऊ औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करती है। निवेशकों को उनके प्रोजेक्ट्स के दौरान स्पष्ट नीतियां, तुरंत फैसले और पूर्ण सहयोग मिलना चाहिए।”

उन्होंने बताया, “पंजाब ने वन-ऑफिस, वन पोर्टल, ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ और सिंगल-पॉइंट रिस्पांसिबिलिटी की एक विशिष्ट प्रणाली स्थापित की है। ‘इन्वेस्ट पंजाब’ शुरुआत से लेकर मंजूरियों, निर्माण, उत्पादन और भविष्य के विस्तार तक निवेशकों के लिए संपर्क का एकमात्र केंद्र के रूप में काम करता है। ‘फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल’ के माध्यम से निवेशक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, फीस का भुगतान कर सकते हैं और मंजूरियों की स्थिति देख सकते हैं। यह पोर्टल 200 से अधिक कारोबारी सेवाएं और लगभग 50 मुख्य रेगुलेटरी मंजूरियां प्रदान करता है।”

कारोबार करने की आसानी पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मंजूरियां निर्धारित समय में दी जाती हैं और आवेदनों पर अधिकतम 45 कार्यदिवसों के अंदर फैसला किया जाता है। जहां कहीं ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ सिस्टम लागू होता है, वहां ऑटो-डीम्ड मंजूरी का प्रावधान होता है। हमारा उद्देश्य अनावश्यक देरी को समाप्त करना और प्रशासन को पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाना है। पंजाब पहले ही लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित कर चुका है, जिससे लगभग छह लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा होगा। यह निवेश उद्योगपतियों के पंजाब के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है और पंजाब भी उद्योगों के साथ मजबूती से खड़ा है।”

जापान में राज्य सरकार की गतिविधियों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा जापान दौरा महज एक विदेशी दौरा नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य पंजाब में निवेश, प्रौद्योगिकी, हुनर और विश्वव्यापी अवसर आकर्षित करना था। हमने टोक्यो, नागोया और ओसाका में प्रमुख जापानी कंपनियों और संस्थानों से बातचीत की और आज का यह प्रोजेक्ट उस मिशन के सबसे महत्वपूर्ण परिणामों में से एक है। पंजाब सरकार इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए वर्धमान और आईची स्टील को पूरा सहयोग देगी।”

पंजाब के औद्योगिक माहौल में आई प्रगतिशील तब्दीली पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण पिछले चार वर्षों के दौरान दूसरे राज्यों से कई उद्योगों ने अपने कारोबार पंजाब में स्थानांतरित किए हैं। हमें एक ऐसा सिस्टम विरासत में मिला था जहां पिछली सरकारों के समय फिरौती और हिस्सेदारी सिस्टम से तंग आकर उद्योग पंजाब से भाग रहे थे। निरंतर प्रयासों के माध्यम से हमने उद्योगों का विश्वास बहाल किया है और पंजाब को औद्योगिक विकास में अग्रणी बनाया है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “वे दिन बीत चुके हैं जब निवेशकों पर अनुचित लाभ या उनके उद्यमों में हिस्सेदारी के लिए दबाव डाला जाता था। आज पंजाब सरकार सिर्फ पंजाब और पंजाबियों की भलाई के लिए काम करती है। टाटा स्टील ने पहले ही 3,200 करोड़ रुपए के निवेश के साथ पंजाब में जमशेदपुर के बाद अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट स्थापित किया है। यह भी बहुत गर्व की बात है कि सनातन टेक्सटाइल, नेस्ले, क्लास, फ्रायडेनबर्ग, कारगिल, वर्बियो और डेनोन जैसी अग्रणी कंपनियों ने राज्य में अपना कारोबार शुरू कर दिया है।”

रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारा उद्देश्य हमारे युवाओं को रोजगार प्रदान करना है ताकि वे नशे की लानत से दूर रहें। खाली दिमाग शैतान का घर होता है और बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है। इसलिए पंजाब सरकार अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि हमारे युवा सम्मानजनक नौकरियों के माध्यम से एक खुशहाल भविष्य का निर्माण करें।”

MLA ग्रेवाल ने 5 करोड़ रुपये के स्पोर्ट्स स्टेडियम का उद्घाटन किया
  • अधिकारियों को तय समय में प्रोजेक्ट पूरा करने के निर्देश दिए
  • बच्चों को फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल के अलावा हर तरह के स्पोर्ट्स के लिए बड़ी सौगात मिलेगी
  • स्कूली बच्चों के अलावा युवाओं को स्पोर्ट्स से जोड़ने के लिए सरकार हर तरह की कोशिश कर रही है – MLA ग्रेवाल

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के MLA दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला ने आज भामियां रोड फुटबॉल ग्राउंड में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्टेडियम का उद्घाटन किया।

इस मौके पर क्षेत्र के लोगों को संबोधित करते हुए MLA ग्रेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के लोगों को दी गई सभी गारंटी को 100 प्रतिशत पूरा करके राज्य में एक नया इतिहास रचा है। इसी कड़ी के तहत ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में करीब 90 प्रतिशत विकास कार्य पहले ही पूरे हो चुके हैं।

MLA ग्रेवाल ने अधिकारियों को साफ किया कि प्रोजेक्ट को तय समय में पूरा किया जाए ताकि खिलाड़ियों को इसका फायदा मिल सके। MLA ग्रेवाल ने कहा कि विकास के कामों की सीरीज़ को आगे बढ़ाते हुए आज ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के भामिया रोड फुटबॉल ग्राउंड में एक नया स्टेडियम बनाने का काम शुरू किया गया है, जिस पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे और इस स्टेडियम के बन जाने से बच्चों, स्टूडेंट्स और दूसरे युवाओं को भी खेलों में अपना हुनर ​​दिखाने के मौके मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि नए स्टेडियम के बनने से फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, इनडोर जिम, क्रिकेट ग्राउंड के अलावा एक लाइब्रेरी भी बनेगी, जिसके बनने से खेलों में दिलचस्पी रखने वाले स्टूडेंट्स के साथ-साथ युवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। MLA ग्रेवाल ने कहा कि ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में विकास के मामले में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं है और आने वाले दिनों में नए और दूसरे विकास प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।

इस मौके पर अंकुर गुलाटी, पार्षद अश्वनी शर्मा, पार्षद जसपाल ग्रेवाल, पार्षद सुखमेल ग्रेवाल, राज ग्रेवाल कुलविंदर ग्रेवाल, राजू ग्रेवाल, मनवीर संधू, परविंदर गिंद्रा, लखविंदर लाखा, नसीब सिंह, अमनिंदर ग्रेवाल, काका, चिराग गुलाटी, करनप्रीत सिंह, भिंदा, रिंकू, मनोहर सूद, मोहन लाल, नंद किशोर, अमनदीप, आशा, मनवीर गांधी, महावीर सिंह, महादीप, आशा, मनवीर सिंह, सुरेश जी, नीरज, जगबीर, करनप्रीत सिंह, गोविंद, वरुण शर्मा, मनमोहन सिंह, तरलोचन सिंह, सुखविंदर सुखा, बाज सिद्धू, अमित सिंगला, बलदेव सिंह, सुभाष बिश्नोई, पवन शर्मा, एमडी यूसुफ, नन्नू, हरजिंदर सिंह, सिंरन कोहली, लव के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी वर्कर व इलाका निवासी मौजूद थे।