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”यह मात्र प्रदर्शनी नहीं, बल्कि गरिमा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का उत्सव है” — डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने चंडीगढ़ में 29वें दिव्य कला मेले का उद्घाटन किया

चंडीगढ़, : “यह मात्र प्रदर्शनी नहीं, बल्कि गरिमा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का उत्सव है।” इन प्रभावशाली शब्दों के साथ डॉ. वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, ने आज चंडीगढ़ के एग्ज़ीबिशन ग्राउंड में 29वें दिव्य कला मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने इस मेले को एक परिवर्तनकारी अभियान बताते हुए कहा कि यह देशभर के दिव्यांगजनों के जीवन में आशा की नई किरण बनकर उभरा है और समावेशी विकास तथा समान अवसर के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

साल 2014 के बाद सशक्तिकरण की यात्रा का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपमानजनक शब्दावली से हटकर “दिव्यांग” जैसे सम्मानजनक शब्द का प्रयोग केवल भाषा का परिवर्तन नहीं, बल्कि दृष्टिकोण का परिवर्तन था। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का लागू होना, दिव्यांगता की श्रेणियों का विस्तार तथा ‘सुगम्य भारत अभियान’ के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों को सुलभ बनाने के प्रयासों ने गरिमा, पहुंच और सहभागिता की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चा सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता से सुनिश्चित होता है। दिव्य कला मेला इसी सोच का साकार रूप है, जो दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों की प्रतिभा को सीधे बाजार से जोड़ता है।

श्री सतनाम सिंह संधू,  माननीय राज्यसभा सांसद, ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुरूप दिव्यांगजनों को सम्मान देना एक ऐतिहासिक कदम है। हालांकि उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सम्मान के साथ सशक्तिकरण आवश्यक है। “रोजगार और आत्मनिर्भरता के बिना गरिमा अधूरी है,” उन्होंने कहा और दिव्य कला मेला जैसे मंचों की सराहना की, जो विशेषकर दूर-दराज़ के दिव्यांग युवाओं को अपने उत्पाद प्रदर्शित और विपणन करने का अवसर प्रदान करते हैं।

श्री सौरभ जोशी, चंडीगढ़ के महापौर, ने इस अवसर को प्रतिभा, आत्मविश्वास और मानवीय क्षमता का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में दिव्य कला मेला, दिव्य कला शक्ति और रोजगार मेले का आयोजन समावेशन के प्रति शहर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह संदेश देता है कि दिव्यांगता कोई सीमा नहीं, बल्कि विशिष्ट क्षमता की पहचान है।

अपने स्वागत भाषण में श्री राजीव शर्मा संयुक्त सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD), ने इस पहल के ठोस आर्थिक प्रभाव को रेखांकित किया। पिछले तीन वर्षों में विभिन्न शहरों में आयोजित दिव्य कला मेलों के माध्यम से ₹2366.43 लाख का उल्लेखनीय व्यापार दर्ज किया गया है, जो दिव्यांग उत्पादों की बढ़ती बाजार स्वीकृति और उद्यमशीलता की क्षमता को प्रमाणित करता है। उन्होंने कहा कि ये मेले केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि आर्थिक समावेशन और आत्मनिर्भरता के सशक्त माध्यम हैं।

चंडीगढ़ में आयोजित 29वें दिव्य कला मेले में श्रीमती अनुराधा एस. चगती, सचिव, सामाजिक कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़; श्री विनीत राणा, मुख्य महाप्रबंधक, NDFDC; श्री एम. के. साहू, सहायक महाप्रबंधक, NDFDC सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अब तक देश के 28 स्थानों पर दिव्य कला मेलों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें लगभग 2,362 दिव्यांग उद्यमियों ने भाग लिया और सामूहिक रूप से ₹23 करोड़ से अधिक की आय अर्जित की — जो समावेशी उद्यमिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इन मेलों के माध्यम से सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने हेतु ₹20 करोड़ से अधिक के ऋण भी स्वीकृत किए हैं। साथ ही आयोजित रोजगार मेलों में अब तक 3,131 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 1,007 प्रतिभागियों को शॉर्टलिस्ट किया गया और 313 से अधिक को रोजगार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

चंडीगढ़ मेले में लगभग 75 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें दिव्यांग उद्यमियों के साथ-साथ भारत सरकार की संस्थाओं और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी है। 19 फरवरी 2026 को दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। आगंतुक ALIMCO स्टॉल पर सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण कर सकते हैं, जबकि विभिन्न संस्थाएँ सशक्तिकरण से संबंधित नवाचार और नई पहलों का प्रदर्शन कर रही हैं। बोच्चिया, ब्लाइंड क्रिकेट जैसे समावेशी खेलों तथा प्रतिदिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मेला जीवंत बना हुआ है। 21 फरवरी 2026 को “दिव्य कला शक्ति” शीर्षक से विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति भी आयोजित की जाएगी।

चंडीगढ़ में आयोजित यह मेला केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एक सशक्त आंदोलन है — जो यह संदेश देता है कि जब दिव्यांगजन आर्थिक रूप से सशक्त होते हैं, तो वे परिवार, समाज और राष्ट्र को भी सशक्त बनाते हैं। दिव्य कला मेला एक समावेशी भारत की दिशा में निरंतर अग्रसर है, जहाँ गरिमा, अवसर और आत्मनिर्भरता साथ-साथ चलते हैं।

जरखड़ खेलों के फाइनल में आज 7 व्यक्तित्वों का विशेष सम्मान होगा

लुधियाना, 15 फरवरी (सत्ता संदेश) — माता साहिब कौर स्पोर्ट्स चैरिटेबल ट्रस्ट, गांव जरखड़ द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली जीएसटी ट्रक परमिट, एवॉन साइकिल, 38वीं मॉडर्न पेंडू मिनी ओलंपिक जरखड़ खेलों के फाइनल मुकाबले आज 15 फरवरी 2026 को होंगे।

इस अवसर पर फाइनल समारोह में 15 फरवरी को दोपहर 1 बजे पंजाब के पूर्व डीजीपी एवं खेल समर्थक अधिकारी श्री चंद्रशेखर को “खेल प्रमोटर अमरजीत ग्रेवाल अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। श्री चंद्रशेखर, जो चंडीगढ़ हॉकी एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, ने हॉकी को फलने-फूलने में मूल्यवान योगदान दिया है।

पद्म श्री बलदेव सिंह को “भगत पूरण सिंह अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अपनी कोचिंग के तहत 200 से अधिक ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों (पुरुष एवं महिला) को तैयार किया है। उनके कोचिंग कौशल के कारण ही शाहाबाद मारकंडा हॉकी सेंटर भारत की हॉकी की राजधानी बन गया है।

प्रभदीप सिंह नथोवाल, डिप्टी डायरेक्टर, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग को “पंजाब का मान अवॉर्ड” प्रदान किया जाएगा। प्रभदीप सिंह एक बहुमुखी प्रतिभाशाली व्यक्तित्व हैं। उनका लेखन कौशल और मंच पर विचार प्रस्तुत करने की कला सराहनीय है।

श्रीमती सिमरनजीत कौर गिल, प्रो वाइस चांसलर, सीटी यूनिवर्सिटी, लुधियाना को “पंजाब की धियों का मान अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। सिमरनजीत कौर गिल का शिक्षा क्षेत्र में मूल्यवान योगदान है।

पत्रकार दविंदरपाल सिंह चंडीगढ़ को “पंजाब की पत्रकारिता का मान अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। पत्रकार दविंदरपाल सिंह की अखबारी लेखनियां और टीवी चैनलों पर राजनीतिक एवं सामाजिक विषयों पर गहन स्टोरीज़ अत्यंत प्रशंसनीय हैं।

उभरते साइक्लिस्ट हरश्वीर सिंह सेखों को “ओलंपियन सुरजीत सिंह रंधावा अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। हरश्वीर सिंह भारतीय साइक्लिंग के भविष्य के उत्तराधिकारी हैं और आगामी एशियाई खेलों में उनसे पदक जीतने की बड़ी उम्मीद है।

वेटरन हॉकी खिलाड़ी करमजीत सिंह ग्रेवाल (यूएसए) को “ओलंपियन प्रिथीपाल सिंह अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। करमजीत सिंह ग्रेवाल जितने उत्कृष्ट खिलाड़ी रहे, उससे कहीं बेहतर खेल प्रशासक हैं; उनका जीवन हमेशा खेलों के प्रति समर्पित रहा है।

कल 15 फरवरी को फाइनल समारोह में इन व्यक्तित्वों को विभिन्न खेल अवॉर्ड्स, स्मृति चिन्ह और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर के बाद दोपहर 3 बजे प्रसिद्ध लोक गायिकाओं सतविंदर बिट्टी, जसवंत संदीला, नीतू विर्क, गुरजान आदि अन्य गायकों का खुला अखाड़ा भी लगेगा।

पंजाब के विभिन्न जिलों में गुरु रविदास जी पर सेमिनार आयोजित करने का फैसला  

पहला सेमिनार 22 मार्च 2026 को लुधियाना में होगा: जतिवाल  

लुधियाना, 14 फरवरी –
गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं शताब्दी के अवसर पर देश-दुनिया में गुरु रविदास जी की बाणी और जीवन पर विचार-चर्चा, विभिन्न प्रकार के समागम तथा नगर कीर्तन आदि कार्यक्रम विभिन्न संस्थाओं और संगतों द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं।  

इसी क्रम में पंजाब में गुरु रविदास जी के प्रेमियों ने ‘बाणी विचार चेतना मंच’ के बैनर तले पूरे पंजाब में गुरु रविदास जी से संबंधित अकादमिक और आध्यात्मिकता के समन्वय पर विचार-चर्चा के लिए सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया है।  

इस बारे में जानकारी देते हुए बाणी विचार चेतना मंच के संरक्षक बलविंदर सिंह जतिवाल (पूर्व जीएम मिल्कफेड पंजाब) ने बताया कि ये सेमिनार पंजाब के विभिन्न जिलों में आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत पहला सेमिनार लुधियाना में 22 मार्च को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। यह सेमिनार पूर्ण रूप से श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज गुरु रविदास जी की बाणी और उनके जीवन पर आधारित होगा।  

इस सेमिनार के आयोजन के लिए लुधियाना के प्रेम नगर की घुमार मंडी में एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें गुरनाम सिंह अकीदा (पटियाला), सोम नाथ चौधरी (पटियाला), पूर्व सरपंच भिंदर सिंह रतनहेड़ी (खन्ना), प्रसिद्ध दलित चिंतक प्रो. डॉ. गुरमीत कल्लर माजरी, स्वर्ण सिंह (पीएयू लुधियाना), बलबीर सिंह खालसा (लुधियाना), जसवीर सिंह पमाली, एससी बीसी टीचर यूनियन पंजाब के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह सलाना आदि ने भाग लिया।  

इस बैठक में फैसला लिया गया कि लुधियाना में होने वाले पहले सेमिनार में दो मुख्य पर्चे पढ़े जाएंगे, जिन पर विचार-चर्चा शुरू की जाएगी, तथा पेपर और चर्चा को समापन देने के लिए दो छोटे पेपर पढ़े जाएंगे। इसके अलावा प्रश्नोत्तर सत्र भी होगा।  

इस सेमिनार के मुख्य अतिथि डॉ. सुरजीत सिंह (जनरल मैनेजर, कैटल फीड वेरका प्लांट, खन्ना) और विशेष अतिथि दलजीत सिंह (जीएम वेरका मिल्क प्लांट, लुधियाना) होंगे।  

इस सेमिनार में इन मूल्यवान विचारों को सुनने के लिए हर धर्म और हर जाति का व्यक्ति शामिल हो सकता है।  

फोटो: लुधियाना के प्रेम नगर की घुमियार मंडी में आयोजित विशेष बैठक का दृश्य।

बठिंडा में युवती की हत्या के मामले में एक व्यक्ति गिरफ्तार

बठिंडा, 14 फरवरी (भाषा) पंजाब के बठिंडा-फाजिल्का राजमार्ग पर बहमन दीवाना के पास एक सूटकेस में आधा जला शव मिलने के मामले में 35 वर्षीय व्यक्ति को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
मृतक की पहचान मोगा जिले के बाघापुराना की सपना उर्फ मलिका के रूप में हुई है। वह कुछ समय से बठिंडा में रह रही थी, उसका शव 11 फरवरी को बरामद किया गया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रिंस कुमार ने नौ फरवरी को सुरखपीर रोड पर स्थित अपने घर पर कथित तौर पर सपना की चाकू मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने कहा कि पता चला है कि दोनों के बीच दोस्ती थी और हत्या के बाद आरोपी ने दो दिन तक शव को अपने घर में रखकर उसे ठिकाने लगाने की कोशिश की।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी ने शव को जलाने का प्रयास किया, लेकिन बाद में आधा जला शव सूटकेस में भर दिया।
उन्होंने कहा कि 10 और 11 फरवरी की दरम्यानी रात वह अपनी कार में सूटकेस लेकर राजमार्ग पर गया और वहां फेंक दिया।
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू और शव ले जाने में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली है।
बठिंडा की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ज्योति यादव बैंस ने बताया कि आरोपी अकेला रहता था और प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उसने अकेले यह वारदात की। हालांकि, हत्या के पीछे के मकसद का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
जांच के दौरान पुलिस ने परसराम नगर क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें सात फरवरी को युवती आरोपी के साथ दिखाई दी थी।
इसके अलावा, युवती के फोन रिकॉर्ड के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने 15 लोगों से पूछताछ की, जिसके बाद संदेह आरोपी प्रिंस कुमार पर केंद्रित हुआ। मामले की जांच जारी है।

सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता का मानसा में प्रदर्शन: गानों की रॉयल्टी में हेरफेर का आरोप, इंसाफ के लिए सड़क पर बैठे

पंजाब डेस्क: दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता, बलकौर सिंह और चरण कौर, बुधवार को मानसा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। मूसेवाला की हत्या के करीब चार साल बाद भी उनका परिवार अब उनके संगीत की रॉयल्टी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।

रॉयल्टी में धोखाधड़ी का आरोप: सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता ने एक संगीत निर्माता और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनके बेटे के गानों की रॉयल्टी में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। बलकौर सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जून 2025 में पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय में शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है।

सड़क पर बैठने को हुए मजबूर: दिवंगत गायक की मां, चरण कौर ने पुलिस की निष्क्रियता पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि न तो पुलिस उनकी शिकायत पर कार्रवाई कर रही है और न ही उसे वापस लौटा रही है। इसी नाराजगी के चलते उन्हें अपने छोटे बेटे के साथ एसएसपी दफ्तर के बाहर जमीन पर बैठकर प्रदर्शन करना पड़ा।

राजनीतिक समर्थन और पुलिस की प्रतिक्रिया: कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस मामले में पुलिस की चुप्पी की निंदा की और कहा कि हर नागरिक को शिकायत दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है।

प्रदर्शन के बढ़ते दबाव के बाद, पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG – बठिंडा) हरजीत सिंह ने मूसेवाला के माता-पिता को बैठक के लिए बुलाया है।गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई सहित 26 अन्य के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं।

फगवाड़ा-लुधियाना हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: LPU के तीन छात्रों की दर्दनाक मौत, कार के उड़े परखच्चे

पंजाब डैस्क: पंजाब के फगवाड़ा-लुधियाना हाईवे पर गांव चाचोकी के पास मंगलवार को एक रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन होनहार छात्रों की जान चली गई। यह हादसा एक तेज रफ्तार कार और ट्रक (टाटा 407) के बीच आमने-सामने की टक्कर के कारण हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसके चिथड़े उड़ गए।

मृतकों की पहचान: हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवक फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के छात्र थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

साहिल मोहम्मद (23), निवासी फिल्लौर, जालंधर।

दलजीत भट्टी (20), निवासी फिल्लौर, जालंधर।

अरमान मेहमी (17), निवासी फिल्लौर, जालंधर।

कैसे हुआ हादसा? सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) के अनुसार, तीनों छात्र अपनी इटियोस कार (PB 10 DS 5210) में फगवाड़ा से फिल्लौर की तरफ जा रहे थे। कार की रफ्तार बहुत अधिक थी, जिस कारण वह अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलटियां खाती हुई हाईवे के दूसरी तरफ से आ रहे एक ट्रक से जा भिड़ी। इस हादसे में ट्रक चालक विजय कुमार भी घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हाईवे पर लगा लंबा जाम: इस भयानक हादसे के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाहनों को रास्ते से हटवाया और यातायात सुचारू किया। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए फगवाड़ा के सिविल अस्पताल भेज दिया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा प्रधानमंत्री को हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपील

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से मोहाली हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय संपर्क में और विस्तार करने की अपील की

भगवंत मान सरकार गुरुओं और शहीदों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध

पंजाब के हवाई अड्डों का नाम गुरुओं और शहीदों के नाम पर रखना उनकी विरासत के प्रति गहन सम्मान का प्रतीक है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

जल्द ही, पंजाब के चारों हवाई अड्डे हमारे गुरुओं और शहीदों के नामों से जाने जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब सरकार राज्य की आध्यात्मिक और क्रांतिकारी विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना के हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन के उद्घाटन समारोह में की शिरक्त

लुधियाना, 1 फरवरी 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लुधियाना के हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन के उद्घाटन के अवसर पर भारत सरकार से हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपनी मांग दोहराई और कहा कि यह कदम भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे कम उम्र के नायकों में से एक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से मोहाली हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में वृद्धि करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब लगातार उस मोड़ की ओर बढ़ रहा है जहाँ इसके चारों हवाई अड्डों के नाम राज्य के महान गुरुओं और शहीदों के नाम पर रखे जाएंगे, जो आधुनिक बुनियादी ढांचे को राज्य की आध्यात्मिक और क्रांतिकारी विरासत से जोड़ेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हवाई अड्डे के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू की उपस्थिति में यह मुद्दा उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘शहीद करतार सिंह सराभा ने मात्र 19 वर्ष की उम्र में मातृभूमि के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उनके महान बलिदान ने लाखों लोगों को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया और शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी उन्हें अपना रोल मॉडल मानते थे।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखना इस महान शहीद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी जो इस क्षेत्र से जुड़े थे और एविएशन में करियर बनाने के लिए बर्कले यूनिवर्सिटी गए थे, लेकिन वापस आने के बजाय उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के लिए अपना जीवन समर्पित करने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, ‘पंजाब महान गुरुओं, पैगंबरों, संतों, पीरों और शहीदों की धरती है। इस पवित्र मिट्टी के कण-कण से उनकी कुर्बानियों की महक आती है।’

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाता है तो पंजाब के चार हवाई अड्डों में से दो का नाम सम्माननीय गुरुओं के नाम पर और दो का नाम शहीदों के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अमृतसर और श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा, आदमपुर का नाम गुरुओं के नाम पर रखा गया है, जबकि शहीद भगत सिंह हवाई अड्डा, मोहाली और शहीद करतार सिंह सराभा हवाई अड्डा, हलवारा हमारे शहीदों की याद को समर्पित होगा।’

गुरु रविदास के प्रकाश पर्व पर लोगों को बधाई देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि आदमपुर हवाई अड्डे का नाम भक्ति आंदोलन के महान समर्थक के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘श्री गुरु रविदास महाराज जी द्वारा समानतावादी समाज की रचना के लिए दिखाया गया मार्ग हमारी सरकार की जनता की सेवा करने की प्रतिबद्धता का मुख्य आधार है।’ उन्होंने कहा कि यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा क्योंकि प्रधानमंत्री ने इस शुभ अवसर पर दो हवाई अड्डों को जनता को समर्पित किया।

हलवारा हवाई अड्डे की रणनीतिक महत्ता को उजागर करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हवाई अड्डे ने वर्षों दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और महत्वपूर्ण अभियानों के दौरान सशस्त्र सेनाओं द्वारा इसका उपयोग किया जाता रहा है। उन्होंने हलवारा में टर्मिनल, जिसे अब जनता को समर्पित कर दिया गया है, विकसित करने में योगदान के लिए भारतीय सशस्त्र सेनाओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार आने वाले दिनों में इस हवाई अड्डे से संपर्क बढ़ाने के लिए भारत सरकार के साथ विचार-विमर्श करेगी।’

पहले किए गए प्रयासों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 22 मार्च, 2023 को पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें भारत सरकार से इंडियन एयर फोर्स स्टेशन, हलवारा, लुधियाना में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा, ‘गदर पार्टी के एक सक्रिय नेता के रूप में, शहीद करतार सिंह सराभा ने पहले विदेशों में और फिर देश के अंदर भारत की आजादी के लिए अथक मेहनत की। हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखना उनके बेमिसाल योगदान को एक विनम्र श्रद्धांजलि होगी।’

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम पहले ही शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जा चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘हमारे महान शहीदों के नाम पर हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों का नामकरण हमारी सरकार के महान शहीदों की विरासत को संरक्षित करने और युवाओं को देश की निस्वार्थ सेवा के लिए समर्पित करने के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग है।’

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा प्रधानमंत्री को हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपील

लुधियाना, 1 फरवरी 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लुधियाना के हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन के उद्घाटन के अवसर पर भारत सरकार से हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपनी मांग दोहराई और कहा कि यह कदम भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे कम उम्र के नायकों में से एक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

MLA सिद्धू के जन्मदिन पर मेले जैसा माहौल

मेरा दिल समाज का कर्जदार है – MLA कुलवंत सिंह सिद्धू

मैं आखिरी सांस तक इलाके के लोगों की सेवा करूंगा – सिद्धू

लुधियाना, 01 फरवरी ()
आजकल के समय में अपना जन्मदिन या कोई भी खुशी का पल अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ शेयर करना आम बात है, लेकिन जब किसी इंसान के जन्मदिन पर लोग केक लेकर उसकी खुशी में शामिल होने आगे आते हैं, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि समाज में ऐसे इंसान की क्या पर्सनैलिटी होगी। आत्म नगर इलाके के MLA कुलवंत सिंह सिद्धू की पर्सनैलिटी ऐसी ही शानदार है। दरवेश पॉलिटिशियन MLA कुलवंत सिंह सिद्धू जब मिलते हैं तो बहुत अच्छे और अच्छे नेचर के होते हैं, यही वजह है कि इलाके के लोग MLA सिद्धू को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। आज MLA सिद्धू के जन्मदिन पर हर साल की तरह भारी भीड़ उमड़ी, जिस तरह इलाके के लोग MLA सिद्धू को केक और फूलों के गुलदस्ते लेकर उनके जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे, ऐसा लगा जैसे किसी मेले में भारी भीड़ जमा हो गई हो। MLA सिद्धू के जन्मदिन पर आए लोगों का प्यार देखकर ऐसा लगा जैसे लोगों ने MLA सिद्धू को 2027 में फिर से MLA बनाने का मन बना लिया हो। कार्यक्रम में आए लोगों, पदाधिकारियों और वॉलंटियर्स की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए MLA सिद्धू ने कहा कि वे हलके के लोगों के इस प्यार के लिए हमेशा संगत के कर्जदार रहेंगे और बाबा दीप सिंह जी की कृपा से वे आखिरी सांस तक हलके के लोगों की सेवा करते रहेंगे। इस समय उन्हें बधाई देने आए लोगों में सभी विंग के जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, वार्ड अध्यक्ष, महिला विंग, यूथ विंग, AC विंग, BC विंग, हलका कोऑर्डिनेटर, सभी पार्षद, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुख, पत्रकार समुदाय और MLA सिद्धू के ऑफिस के सभी पदाधिकारी शामिल थे।