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डॉ. आतमजीत और गुरभजन गिल द्वारा संपादित पुस्तक “पंजाबी भाषा, रमज़ान, थरदाँ ते राह” का पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला में विद्वानों द्वारा विमोचन किया गया।

विश्व पंजाबी सभा (टोरंटो) कनाडा, पंजाबी भाषा की विरासत, वर्तमान और भविष्य पर प्रसिद्ध पंजाबी लेखकों डॉ. अतमजीत और गुहभजन गिल द्वारा लिखित एक बड़े प्रारूप की पुस्तक, “पंजाबी बोली-रमजान, रुकवतां ते राह” का विमोचन पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के पुस्तक मेले और साहित्यिक महोत्सव के अवसर पर प्रमुख विद्वानों कुलपति डॉ. जगदीप सिंह, डॉ. रघुबीर सिंह सिरजाना, डॉ. वरयाम सिंह संधू, जंग बहादुर की उपस्थिति में किया गया। गोयल, डॉ. राजवंत कौर पंजाबी, पंजाबी विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग की प्रमुख डॉ. बलविंदर कौर सिद्धू, भाषा विभाग की डीन डॉ. सुरजीत, हरविंदरपाल कौर, भाषाविज्ञान और पंजाबी शब्दकोश विभाग की प्रमुख डॉ. गुरसेवक सिंह लम्बा और अन्य लोग पुस्तक मेले में उपस्थित थे। टोरंटो स्थित विश्व पंजाबी सभा द्वारा प्रकाशित यह महत्वपूर्ण पुस्तक “पंजाबी भाषा: पहेलियाँ, बाधाएँ और रास्ते” सभी पुस्तक बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध है। इसके वितरण अधिकार सिंह ब्रदर्स, सिटी सेंटर अमृतसर, चेतना प्रकाशन पंजाबी भवन लुधियाना, नवचेतन बुक डिपो बरनाला, पंजाब बुक सेंटर चंडीगढ़ को दिए गए हैं। यह प्रकाशन विश्व पंजाबी सभा टोरंटो के अध्यक्ष डॉ. दलबीर सिंह कथूरिया के संरक्षण में तैयार किया गया है। पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला में उपस्थित विद्वानों ने कहा कि यह पुस्तक देश और विदेश में निश्चित रूप से नई चर्चाओं को जन्म देगी।

डॉ. सुरजीत ने पुस्तक के बारे में बताया कि इसमें भारत, पाकिस्तान, कनाडा, इटली, ब्रिटेन आदि देशों के पंजाबी भाषा के विद्वान विद्वानों के लेख शामिल हैं। डॉ. आतमजीत ने इसे बड़े साहस से संपादित किया है। यह पुस्तक अमेज़न पर भी उपलब्ध है। कार्यक्रम के बाद पहुंचे डॉ. वारयाम सिंह संधू ने डॉ. आतमजीत जी की अथक लगन और समर्पित साधना को सलाम किया और डॉ. दलबीर सिंह कथूरिया को उनकी पुस्तक के प्रकाशन को संरक्षण देने के लिए बधाई दी।

गुरभजन गिल ने कहा कि प्रारंभिक समन्वय में प्रोफेसर जागीर सिंह कहलों की सेवाएं भी सराहनीय रही हैं।

पंजाब में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम तेज: उद्योगों को मिलेगी राहत, साल भर में ₹1800 की बचत

चंडीगढ़/लुधियाना: पंजाब सरकार ने राज्य में उद्योगों को गैस की किल्लत से बचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने के काम को तेज करने का निर्णय लिया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि राज्य में रिहायशी इलाकों में गैस की कमी नहीं है, लेकिन उद्योगों को एलपीजी के विकल्प के रूप में नेचुरल गैस (PNG) से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।

इंडस्ट्री को राहत: पाइपलाइन दोराहा तक पहुँच चुकी है और जल्द ही लुधियाना और जालंधर की इंडस्ट्री को इससे जोड़ा जाएगा।

बड़ा लक्ष्य: सरकार ने इस साल 39 लाख PNG कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 1.3 लाख कनेक्शन पहले ही दिए जा चुके हैं।

बचत का गणित: घरेलू स्तर पर PNG का उपयोग करने से 12 एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले साल भर में करीब 1800 रुपये की बचत होगी। तकनीकी तौर पर एक एलपीजी सिलेंडर के बदले लगभग 16-17 SCM पीएनजी की खपत होती है, जो आर्थिक रूप से काफी सस्ती पड़ती है।

कनेक्शन की प्रक्रिया: उपभोक्ता ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। फुल पेमेंट स्कीम के तहत खर्च करीब 7090 रुपये है, जबकि 1090 रुपये देकर ईएमआई (EMI) सुविधा का लाभ भी उठाया जा सकता है।

लुधियाना के डीसी हिमांशु जैन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और अगले एक हफ्ते में बुकिंग और डिलीवरी सिस्टम पूरी तरह सामान्य हो जाएगा। सरकार इंडस्ट्री को पीएनजी पर 70% तक की छूट देने की गाइडलाइंस भी जल्द लागू करने वाली है।

आयकर विभाग ने चंडीगढ़ में शहीदी दिवस का आयोजन किया, शहीदों के परिजनों का सम्मान; सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दी गई

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र, श्री अशोक कुमार सरोहा के संरक्षण में आयकर विभाग द्वारा एनआईटीटीटीआर सभागार, सेक्टर-26, चंडीगढ़ में शहीदी दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया।इस अवसर पर विभाग द्वारा क्षेत्र के उन शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मेजर अनुज राजपूत, कैप्टन सतीश चंद्र सहगल, कैप्टन रमेश चंदर शर्मा, लांस नायक हरचंद तथा लांस नायक विक्रम सिंह के अदम्य साहस एवं बलिदान को गहरी श्रद्धा एवं कृतज्ञता के साथ स्मरण किया गया।

कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य आयकर आयुक्त, पंचकूला एवं शिमला, सुश्री विदिशा कालरा, आई.आर.एस.; महानिदेशक आयकर (अन्वेषण), सुश्री वत्सला झा, आई.आर.एस.; मुख्य आयकर आयुक्त, अमृतसर, डॉ. जी. एस. फणी किशोर, आई.आर.एस.; तथा मुख्य आयकर आयुक्त (ओएसडी), सुश्री कोमल जोगपाल, आई.आर.एस. शामिल थीं।

शहीदों के परिजनों को विभाग की ओर से सम्मान एवं कृतज्ञता के प्रतीक स्वरूप विशेष रूप से निर्मित स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत सतलुज पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा देशभक्ति गीतों की समूह एवं एकल प्रस्तुतियाँ दी गईं। इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ के प्रख्यात नाट्य समूह “मंथन” द्वारा भगत सिंह एवं अन्य स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

इस अवसर को चिह्नित करते हुए, पूर्वाह्न में आयकर भवन, चंडीगढ़ एवं पंचकूला में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। ये शिविर पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़, नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (निफा), श्री राकेश कुमार सांगड़ के नेतृत्व में, तथा श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित किए गए।

कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री पूनम राय, आई.आर.एस. द्वारा किया गया तथा इसमें विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। यह आयोजन राष्ट्रभक्ति एवं बलिदान की भावना को समर्पित एक गरिमामय एवं स्मरणीय श्रद्धांजलि के रूप में संपन्न हुआ।

डीएम आत्महत्या मामला: पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर पर गिरी गाज; अमृतसर में FIR दर्ज, पिता और PA भी नामजद

पंजाब डेस्क: अमृतसर में पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मंत्री पद से इस्तीफे के बाद अब अमृतसर पुलिस ने भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला? डीएम गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार रात जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिसके बाद शनिवार सुबह अस्पताल में उनकी मौत हो गई। खुदकुशी से पहले उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसमें उन्होंने पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।

गंभीर आरोप: परिजनों की शिकायत और मृतक के वीडियो के अनुसार, मंत्री द्वारा रंधावा पर अपने पिता के नाम टेंडर दिलवाने का भारी मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। आरोपों के अनुसार, जब रंधावा टेंडर दिलवाने में असफल रहे, तो उन्हें घर बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई और उसका वीडियो बनाया गया। इसके अलावा, उन पर 10 लाख रुपये रिश्वत लेने का एक फर्जी वीडियो तैयार करने और उनके परिवार को गैंगस्टरों से मरवाने की धमकियां देने के भी आरोप हैं।

मुख्यमंत्री की कार्रवाई: वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लालजीत भुल्लर से इस्तीफा ले लिया था और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। फिलहाल पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और साजिश रचने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।

पंजाब सरकार में हड़कंप: मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफा; अफसर ने वीडियो बना दी जान, जाने किया है पूरा मामला

पंजाब डेस्क: पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह घटना अमृतसर में वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा द्वारा शनिवार सुबह जहर खाकर आत्महत्या करने के बाद सामने आई है।

सुसाइड से पहले 12 सेकंड का वीडियो: मरने से पहले गगनदीप रंधावा ने एक 12 सेकंड का वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से सल्फास खाकर अपनी जान दे रहे हैं। घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भुल्लर से इस्तीफा ले लिया और मामले की जांच चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा को सौंप दी है। हालांकि, भुल्लर ने इन आरोपों को झूठा बताया है और कहा है कि उन्होंने पद इसलिए छोड़ा ताकि जांच प्रभावित न हो।

टेंडर विवाद और मारपीट की ‘इनसाइड स्टोरी‘: वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के एक वेयरहाउस टेंडर को लेकर यह विवाद शुरू हुआ था। मजीठिया का दावा है कि जब मंत्री भुल्लर के पिता को टेंडर नहीं मिला, तो मंत्री ने रंधावा को घर बुलाकर उनके साथ मारपीट की, उन्हें नंगा करके वीडियो बनाई और उनके परिवार को गैंगस्टरों से मरवाने की धमकी दी,।

विपक्ष का भारी विरोध: इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और बिक्रम मजीठिया समेत कई दिग्गज नेता अमृतसर के रंजीत एवेन्यू थाने पहुंचे और भुल्लर के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की। विपक्ष ने ऐलान किया है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। फिलहाल, रंधावा का परिवार अस्पताल से शव उठाने को तैयार नहीं है और न्याय की मांग कर रहा है।

रूस की सेना में जबरन भर्ती किए गए लुधियाना के युवक का अंतिम संस्कार; करियर बनाने गया था मॉस्को, ड्रोन हमले में हुई मौत

लुधियाना: रूस-यूक्रेन युद्ध की आग ने पंजाब के एक और परिवार का चिराग बुझा दिया है। लुधियाना के 21 वर्षीय युवक समरजीत सिंह का शव गुरुवार को रूस से उनके पैतृक शहर पहुँचा, जहाँ गमगीन माहौल में डबा श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। समरजीत अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

धोखे से भर्ती: समरजीत जुलाई 2024 में एक्स-रे तकनीशियन के रूप में करियर बनाने और रूसी भाषा सीखने के लिए मॉस्को गया था। उसके परिजनों का आरोप है कि उसे वहां जबरन और धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया। शुरू में उसे बताया गया कि वह सेना के डॉक्टर के साथ सहायक के रूप में काम करेगा, लेकिन बाद में उसे युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया।

ड्रोन हमले में मौत: समरजीत की मौत 10 सितंबर 2024 को एक ड्रोन हमले के दौरान हुई थी। उसकी पहचान रूसी सेना के एक टोकन के जरिए की गई।अंतिम बातचीत: समरजीत ने आखिरी बार 8 सितंबर को अपने पिता चरनजीत सिंह से वीडियो कॉल पर बात की थी। वह कॉल सिर्फ 7-8 सेकंड की थी जिसमें उसने कहा था, “मैं ठीक हूँ, अपना और मम्मी का ध्यान रखना”।

कर्ज का बोझ: परिवार ने समरजीत को विदेश भेजने के लिए अपना घर गिरवी रखकर 7 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उसके पिता लुधियाना में एक छोटी सी दुकान चलाते हैं।समरजीत का पार्थिव शरीर गुरुवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुँचा, जहाँ से परिजन उसे लुधियाना लेकर आए। इस घटना ने रूस में फंसे अन्य भारतीय युवकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चश्मा खरीदने रुके शख्स की चमकी किस्मत: अचानक खरीदी टिकट से निकले 3 करोड़; मोगा का महेंद्र सिंह बना करोड़पति

पंजाब डेस्क: पंजाब के मोगा जिले के निहाल सिंह वाला के रहने वाले महेंद्र सिंह की किस्मत रातों-रात बदल गई है.ल। महेंद्र सिंह ने 3 करोड़ रुपये का लॉटरी इनाम जीता है. हैरानी की बात यह है कि उनका लॉटरी टिकट खरीदने का कोई पूर्व इरादा नहीं था और यह सब महज एक इत्तेफाक था।

चश्मा खरीदने के लिए रुके और बदल गई तकदीर: महेंद्र सिंह गुरुग्राम के एक मंदिर में दर्शन करने के बाद वापस लौट रहे थे। रास्ते में पातड़ां के बाजार में उन्होंने चश्मा खरीदने के लिए रुकने का फैसला किया. वहीं चश्मे की दुकान के पास एक लॉटरी स्टाल पर उनकी नजर पड़ी और उन्होंने टिकट नंबर- 736121 खरीद लिया। यह ‘नागालैंड स्टेट लॉटरी’ का महा शिवरात्रि बंपर 2026 था, जिसमें उनका पहला इनाम निकला है।

समाज सेवा में खर्च करेंगे इनामी राशि : अपनी एक छोटी सी वर्कशॉप चलाकर रोजी-रोटी कमाने वाले महेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने टिकट खरीदते समय सपने में भी नहीं सोचा था कि वह विजेता बनेंगे। उन्होंने इस इनामी राशि को समाज सेवा और अच्छे कामों में लगाने का संकल्प लिया है. इस उपलब्धि पर लुधियाना के मुख्य लॉटरी वितरक द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया।

जालंधर के खंडहर से निकला 105 साल पुराना ‘खजाना’, 1.25 करोड़ में बिका विंटेज ट्रैक्टर; जानें क्या है इसकी खासियत

पंजाब डेस्क : पंजाब के जालंधर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पुरानी खंडहर हो चुकी इमारत में दशकों से खड़ा ‘लंज बुलडॉग’ (Lanz Bulldog) मॉडल का एक विंटेज ट्रैक्टर हाल ही में 1.25 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कीमत पर बिका है। साल 1921 में जर्मनी में बने इस ऐतिहासिक ट्रैक्टर को अब अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एक मशहूर म्यूजियम में प्रदर्शित किया जाएगा।

कबाड़ समझी जाने वाली मशीन निकली अनमोल विरासत : जालंधर के भगत सिंह चौक के पास एक जर्जर इमारत में यह ट्रैक्टर सालों से धूल फांक रहा था, जिसे स्थानीय लोग महज लोहे का कबाड़ समझ रहे थे। यह कोई आम मशीन नहीं थी, बल्कि 1921 में जर्मनी में तैयार किया गया ‘लंज बुलडॉग HL-12’ मॉडल था। विशेषज्ञों के अनुसार, विंटेज वाहनों की दुनिया में इस ट्रैक्टर की अहमियत बहुत ज्यादा है।

लाखों से शुरू हुई बोली करोड़ों तक पहुंची : इस ट्रैक्टर को खरीदने की प्रक्रिया काफी दिलचस्प रही। सबसे पहले मुंबई की एक कंपनी ने इसके लिए मात्र 2 लाख रुपये की पेशकश की थी, जो चर्चा बढ़ने के साथ 28 लाख रुपये तक जा पहुंची। हालांकि, इसके मालिक ने इन सभी छोटी पेशकशों को ठुकरा दिया। अंत में, एक विदेशी कंपनी ने इसकी ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए इसे 1.25 करोड़ रुपये की मोटी रकम में खरीद लिया। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद, इस ऐतिहासिक मशीन को सावधानी से ट्रक में लोड कर दिया गया है, जो अब कैलिफोर्निया के म्यूजियम की शोभा बढ़ाएगी।

क्यों खास है यह ‘लंज बुलडॉग’ ट्रैक्टर? यह अपनी विलक्षण और अनोखी तकनीक के लिए दुनिया भर में जाना जाता है:

इंजन: इसमें सिंगल सिलेंडर ‘हॉट-बल्ब’ (Hot-bulb) इंजन लगा हुआ है।

स्टार्ट करने का तरीका: इसे स्टार्ट करने से पहले इसके इंजन को काफी गर्म करना पड़ता था।

ताकत: एक बार शुरू होने के बाद, यह बहुत कम गति पर भी जबरदस्त ताकत (टॉर्क) पैदा करने की क्षमता रखता था।

इतिहास: पुराने समय में इसका उपयोग सिर्फ खेती तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे पानी के पंप चलाने और अनाज पीसने वाली चक्की जैसे कामों में भी इस्तेमाल किया जाता था।

पंजाबी फिल्मों ने हमारी संस्कृति को बचाए रखने और फैलाने में अहम भूमिका निभाई है – कृष्ण कुमार बावा


सनी की हिंदी फिल्म माता-पिता के सम्मान का संदेश देती है – मलकीत सिंह दाखा
लुधियाना: 19 फरवरी – (सत्ता संदेश) आज यहां प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार लवली और चेयरमैन गुरनाम सिंह धालीवाल के नेतृत्व में पंजाबी फिल्म ‘सनी दी हनी’ के कलाकारों के लिए एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए पंजाब के पूर्व मंत्री मलकीत सिंह दाखा ने कहा कि सनी की फिल्म माता-पिता का सम्मान करने के बारे में है। यह एक संदेश देती है, इसलिए हमें युवा पीढ़ी के लिए इस प्रेरणादायक फिल्म के कलाकारों को बधाई देनी चाहिए। श्री दाखा ने कहा कि पंजाब के कलाकारों ने आज पूरी दुनिया में नाम कमाया है, जब हम हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों का इस्तेमाल करते हैं, तो कई कलाकार पंजाब और पंजाबी मिट्टी से आए हैं। मालवा सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष कृष्ण कुमार बावा ने कहा कि पंजाबी फिल्मों ने हमारी संस्कृति को बचाए रखने और संदेश को फैलाने में अहम भूमिका निभाई है, इसी तरह यह फिल्म ‘सनी दी हनी’ एक सार्थक संदेश देने में सफल रही है। श्री बावा ने कहा कि इस फिल्म के नायक बीन जौजा और नायिका मुग्धा ने अपने अभिनय से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया है। मोੋਹੇ ਹਨ । इस भावी अवसर पर फिल्म के निर्देशक मनजिंदर सिंह के साथ-साथ फिल्म के नायक ‘बीन जौजा’ और अभिनेता रूपिंदर रूपी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर फिल्म ‘सनी दी हनी’ का एक विशेष शो भी दिखाया गया। इस शो के बाद फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार लवली ने सभी का स्वागत किया और कहा कि हमें अच्छे सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों की जरूरत है। इसीलिए हम सनी की हिंदी फिल्म को जी आए कहते हैं। श्री लवली फिल्म के निर्माता, निर्देशक और निर्देशक हैं। कलाकारों की कड़ी मेहनत की प्रशंसा की और कहा कि यह फिल्म युवा पीढ़ी को अपने माता-पिता का सम्मान करना सिखाती है। एक संदेश देती है। महान लोक गायक श्री मुहम्मद सादिक और कनाडा से विशेष रूप से आए लोक गायक सतिंदरपाल सिंह सिधवां प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन गुरनाम सिंह धालीवाल ने कहा कि फाउंडेशन कलाकारों को शुरू से ही बढ़ावा देता है क्योंकि स. जगदेव सिंह जस्सोवाल ने पंजाबी की स्थापना की थी। हमेशा साहित्य और कलाकारों को संरक्षण दिया है। इस मौके पर उन्होंने मलकीत सिंह दाखा, मुहम्मद सादिक, कृष्ण कुमार बावा और कला प्रेमियों के एक ग्रुप से मुलाकात की। धन्यवाद दिया।
तस्वीर: प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान सनी की हिंदी फिल्म आनंद का आनंद लेते हुए। श्री मुहम्मद सादिक, राजीव कुमार लवली, मलकीत सिंह दाखा, कृष्ण कुमार बावा और कला को सम्मानित करते हुए।

लुधियाना: यूनिवर्सिटी में दर्दनाक हादसा, दूसरी मंजिल की रेलिंग से गिरकर छात्रा की मौत, लिफ्ट का कर रही थी इंतज़ार

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं में स्थित सीटी यूनिवर्सिटी (CT University) में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक छात्रा की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरी यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया।

संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा : मृतक छात्रा की पहचान शबनम खातून के रूप में हुई है, जो लुधियाना की रहने वाली थी और यूनिवर्सिटी में बीबीए (BBA) प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, शबनम अपनी सहेलियों के साथ दूसरी मंजिल पर लिफ्ट का इंतज़ार कर रही थी।

इंतज़ार के दौरान वह लिफ्ट के पास वाली सीढ़ियों की स्टील रेलिंग पर बैठी थी। जैसे ही लिफ्ट आई, छात्रा ने अपना संतुलन खो दिया और वह अपनी पीठ के बल पीछे की ओर सीधे बेसमेंट में जा गिरी।

इलाज के दौरान तोड़ा दम: हादसे में छात्रा को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद यूनिवर्सिटी स्टाफ ने उसे तुरंत लुधियाना के एक अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, जख्मों की ताव न सहते हुए उसने दम तोड़ दिया। सदर थाना प्रभारी सुरजीत सिंह ने घटना की पुष्टि की है।

पुलिस जांच और परिवार का हाल: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और डीएसपी जसविंदर सिंह ढींडसा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। मृतका के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने फिलहाल इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।