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पंजाब में निकाय चुनाव का ऐलान, 26 मई को वोटिंग, 29 को आएंगे नतीजे

पंजाब / सत्ता संदेश


पंजाब में आठ नगर निगमों समेत 105 स्थानीय निकायों के लिए मतदान 26 मई को होगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजकमल चौधरी ने सोमवार को यह घोषणा की। जानकारी के मुताबिक इस चुनाव की मतगणना 29 मई को होगी। राजकमल चौधरी ने मीडिया को चुनावों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ये चुनाव मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट स्थित आठ नगर निगमों में होंगे।
76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के लिए चुनाव
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजकमल चौधरी ने बताया कि इसके अलावा 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के लिए चुनाव होंगे, जिससे 105 नगर निकायों के अंतर्गत कुल 2,019 वार्ड में मतदान होगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चौधरी ने बताया कि इन नगर निकायों के लिए 36,72,932 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 17,73,716 महिलाएं हैं।
सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होगा मतदान
बताया जा रहा है कि मतदान 3,977 केंद्रों पर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होगा। चौधरी ने बताया कि नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 13 मई से शुरू होगी और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 मई है। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच 18 मई को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 19 मई है। उन्होंने कहा कि चुनावों के मद्देनजर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंजाब पुलिस के 35 हजार से अधिक कर्मियों को तैनात किया जायेगा।

थाना जमालपुर पुलिस ने 200 ग्राम हैरोइन सहित दो नशा तस्कर किये गिरफ्तार।

सत्ता सन्देश / संजय भाटिया
लुधियाना, 11 मई : पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस लुधियाना के थाना जमालपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 200 ग्राम हेरोइन, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा तथा नशा पैक करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 20 खाली पारदर्शी पाउच बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रगट सिंह निवासी बसंत नगर, लुधियाना तथा पृथ्वीराज सिंह उर्फ प्रिथी निवासी अटारी, जिला अमृतसर के रूप में हुई है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए थाना जमालपुर के एस.एच.ओ. सब इंस्पेक्टर दलबीर सिंह ने बताया कि एएसआई गुरमीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस द्वारा सरपंच कॉलोनी के पीछे ब्लाइंड स्कूल के पास नाकाबंदी और चेकिंग की जा रही थी।

उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रगट सिंह निवासी बसंत नगर, लुधियाना और पृथ्वीराज सिंह उर्फ प्रिथी निवासी अटारी, जिला अमृतसर नशा बेचने का धंधा करते हैं और अपने ग्राहकों को हेरोइन सप्लाई करने के लिए जमालपुर इलाके की तरफ आ रहे हैं।

सूचना के आधार पर नाकाबंदी कर दोनों आरोपियों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान प्रगट सिंह के पास से 195 ग्राम हेरोइन तथा पृथ्वीराज सिंह उर्फ प्रिथी के पास से 5 ग्राम हेरोइन, एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक कांटा और 20 खाली पारदर्शी पाउच बरामद कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना जमालपुर में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा तथा रिमांड के दौरान गहन पूछताछ कर नशा तस्करी से जुड़े अन्य लिंक के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।

पंजाब विजिलेंस मुख्यालय पर सीबीआई का छापा: 20 लाख की रिश्वत के मामले में बिचौलिया गिरफ्तार, रीडर पर एफआईआर

पंजाब डेस्क : पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने वाली एजेंसी, विजिलेंस ब्यूरो, खुद भ्रष्टाचार के घेरे में आ गई है। सीबीआई (CBI) की टीम ने मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर पर बड़ी छापेमारी की है,। यह कार्रवाई सोमवार देर रात शुरू हुई और मंगलवार सुबह भी टीम विजिलेंस चीफ के दफ्तर में जांच के लिए पहुंची।

चंडीगढ़ के फाइव स्टार होटल में पकड़ी गई डील:मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने से जुड़ी है। सीबीआई ने चंडीगढ़ के एक पांच सितारा होटल में जाल बिछाया था, जहां एक सीनियर विजिलेंस अधिकारी का रीडर ओपी राणा और बिचौलिया राघव गोयल एक शिकायतकर्ता के साथ सौदा कर रहे थे। डील 20 लाख रुपये की थी, लेकिन शिकायतकर्ता 13 लाख रुपये लेकर पहुंचा था, जिसे सीबीआई ने मौके से बरामद कर लिया।

बिचौलिया गिरफ्तार, रीडर के खिलाफ मामला दर्ज:सीबीआई ने इस मामले में राघव गोयल को गिरफ्तार कर लिया है, जो मलोट का निवासी है और उसे पंजाब सरकार की ओर से पुलिस सुरक्षा भी मिली हुई थी। इसके साथ ही राघव के पिता विकास गोयल को भी हिरासत में लिया गया है। वहीं, विजिलेंस अधिकारी के रीडर ओपी राणा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। छापेमारी के दौरान राणा मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

सिस्टम पर उठे सवाल:जिस विभाग पर राज्य में भ्रष्टाचार रोकने की जिम्मेदारी है, उसी के दफ्तर में सीबीआई की रेड ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीबीआई अब इस बात की जांच कर रही है कि इस भ्रष्टाचार नेटवर्क में और कौन-कौन से अधिकारी या बिचौलिए शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कुछ बड़े अधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

पंजाब किंग्स की लगातार चौथी हार: कप्तान श्रेयस अय्यर का फूटा गुस्सा, चहल को ओवर न देने पर दी सफाई

स्पोर्टस डेस्क : आईपीएल 2026 के 55वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (PBKS) को दिल्ली कैपिटल्स के हाथों 3 विकेट से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। यह पंजाब किंग्स की टूर्नामेंट में लगातार चौथी हार है, जिससे कप्तान श्रेयस अय्यर काफी नाराज नजर आए। शुरुआती सात मैचों में 13 अंक हासिल करने वाली पंजाब की टीम अब जीत के लिए संघर्ष कर रही है।

210 रन बनाकर भी हारा पंजाब: धर्मशाला के मैदान पर पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि उनके हिसाब से यह स्कोर पर्याप्त था, बल्कि उन्हें लगा कि बोर्ड पर 30 रन अतिरिक्त ही थे।

हालांकि, दिल्ली कैपिटल्स ने 6 गेंद शेष रहते ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया और पंजाब की प्लेऑफ की उम्मीदों को झटका दिया। गौरतलब है कि धर्मशाला के इस स्टेडियम में आईपीएल इतिहास में पहली बार 200 से अधिक रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज किया गया है।

युजवेंद्र चहल को क्यों नहीं दी गेंदबाजी?: मैच के दौरान सबसे चौंकाने वाला फैसला युजवेंद्र चहल से एक भी ओवर न कराना रहा। इस पर सफाई देते हुए कप्तान अय्यर ने बताया कि उनके मन में चहल को गेंदबाजी देने का विचार जरूर आया था, लेकिन पिच पर गेंद जिस तरह से सीम कर रही थी और तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी, उसे देखते हुए उन्होंने स्पिनर को नहीं लगाया।

तेज गेंदबाजों से नाराज दिखे कप्तान:श्रेयस अय्यर ने अपनी टीम के पेसर्स की लाइन और लेंथ पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगर तेज गेंदबाजों ने सही दिशा में गेंदबाजी की होती, तो विकेट निकाले जा सकते थे और मैच का नतीजा कुछ और होता। खराब गेंदबाजी का खामियाजा टीम को लगातार चौथी हार के रूप में भुगतना पड़ा है।

मामा के घर आए बच्चों के लिए काल बना तरबूज, 15 साल के किशोर की मौत, 3 अन्य गंभीर

नेशनल डेस्क: : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के घुरकोट गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां तरबूज खाने के बाद एक 15 साल के लड़के की जान चली गई और तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं।

पूरी घटना: मामा के घर आए थे बच्चेमृतक की पहचान 15 वर्षीय अखिलेश धीवर के रूप में हुई है, जो अपने परिजनों के साथ मामा के घर घूमने आया था। रविवार शाम को घर में रखा तरबूज खाने के बाद अखिलेश और तीन अन्य बच्चों—श्री धीवर (4), पिंटू धीवर (12) और हितेश धीवर (13)—की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें उल्टी, दस्त और सांस लेने में तकलीफ होने लगी।सोमवार को जब हालत ज्यादा बिगड़ी, तो उन्हें एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अखिलेश को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीनों बच्चों का इलाज फिलहाल जिला अस्पताल में जारी है।

डॉक्टरों की चेतावनी: कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एस कुजूर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। उन्होंने एक बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करते हुए कहा कि बच्चों ने सुबह का कटा हुआ तरबूज कई घंटों बाद शाम को खाया था।डॉक्टर के अनुसार, फल को काटकर लंबे समय तक रखने से उसमें संक्रमण (infection) होने की आशंका बढ़ जाती है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

जांच जारी:प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और विसरा के नमूने सुरक्षित रखे गए हैं। साथ ही, घर में रखे दूसरे तरबूज को प्रयोगशाला जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को भेजा गया है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

चंदौली: 26 घंटे में 3 कत्ल करने वाले ‘साइको किलर’ का अंत, पुलिस एनकाउंटर में ढेर

नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश के चंदौली और वाराणसी जिलों में 26 घंटे के भीतर तीन निर्दोष लोगों की जान लेने वाले साइको किलर गुरप्रीत सिंह का अंत हो गया है। सोमवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में वह मारा गया। सेना का पूर्व जवान रहा गुरप्रीत सिंह अजनबियों को बिना किसी रंजिश के अपना निशाना बना रहा था।

कनपटी पर गोली मारने का था खौफनाक पैटर्न: गुरप्रीत सिंह की हत्या करने का तरीका (Modus Operandi) बिल्कुल एक जैसा था। वह अपने शिकार की कनपटी पर सटाकर गोली मारता था। उसने रविवार सुबह से सोमवार सुबह के बीच तीन वारदातों को अंजाम दिया:

पहली हत्या: रविवार सुबह पैसेंजर ट्रेन में मामूली कहासुनी के बाद मंगरू (34) की हत्या की और शव ट्रेन से नीचे फेंक दिया।

दूसरी हत्या: रविवार रात जम्मू-तवी एक्सप्रेस में दिनेश साहू (42) को बाथरूम के पास गोली मार दी।

तीसरी हत्या: सोमवार सुबह चंदौली के एक निजी अस्पताल में बेड पर सो रही 55 वर्षीय महिला लक्ष्मीना देवी की हत्या कर दी।

साहसी ऑटो ड्राइवर ने पकड़ा, पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत:सोमवार सुबह अस्पताल में तीसरी हत्या के बाद भाग रहे गुरप्रीत को ऑटो चालक विनोद दुबे ने अदम्य साहस दिखाते हुए दबोच लिया, जिसके बाद भीड़ ने उसकी पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया।सोमवार देर रात जब पुलिस की टीम उसे साक्ष्य जुटाने के लिए क्राइम सीन रिक्रिएशन पर ले गई, तो गुरप्रीत ने एक अधिकारी की सरकारी पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसे दो गोलियां लगीं और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।

“मैं अपने मन का राजा हूं“:45 वर्षीय गुरप्रीत अमृतसर का रहने वाला था और 2021 में सेना से रिटायर हुआ था। पूछताछ में उसने बिना किसी पछतावे के पुलिस से कहा, “मैं अपने मन का राजा हूं। शराब पीने के बाद जो मन में आता है करता हूं”।

पुलिस के अनुसार, वह अपनी शराब की लत और नौकरी जाने के कारण भारी आक्रोश में था और केवल अपना गुस्सा शांत करने के लिए राह चलते लोगों का खून बहा रहा था।

मुख्यमंत्री बनते ही थलापति विजय का बड़ा एक्शन: तमिलनाडु में बंद होंगी 700 से ज्यादा शराब की दुकानें

नेशनल डेस्क : तमिलनाडु के नवनियुक्त मुख्यमंत्री जोसेफ विजय (थलापति विजय) ने पद संभालते ही राज्य में जनहित को ध्यान में रखते हुए एक कड़ा फैसला लिया है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा संचालित 717 शराब की खुदरा दुकानों को दो सप्ताह के भीतर बंद करने का आदेश जारी किया है।

धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों के पास कार्रवाई:मुख्यमंत्री के आदेश के अनुसार, अब पूजा स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और बस स्टैंडों के 500 मीटर के दायरे में कोई भी सरकारी शराब की दुकान संचालित नहीं होगी। सीएम विजय ने कार्यभार संभालते ही अधिकारियों को ऐसे इलाकों का निरीक्षण और पहचान करने का निर्देश दिया था।

कहां कितनी दुकानें होंगी बंद?तमिलनाडु राज्य वाणिज्य एवं उद्योग चैंबर (TASMAC) द्वारा वर्तमान में कुल 4,765 शराब की दुकानें चलाई जा रही हैं। निरीक्षण के बाद चिन्हित की गई 717 दुकानों का विवरण इस प्रकार है:

-पूजा स्थलों के पास: 276 दुकानें-शैक्षणिक संस्थानों के पास: 186 दुकानें

-बस स्टैंडों के पास: 255 दुकानेंमुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय जनहित (Public Interest) को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया है। प्रशासन को इन दुकानों को बंद करने की प्रक्रिया 14 दिनों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।