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EPFO अलर्ट: पीएफ खाते में ये दो गलतियां पड़ सकती हैं भारी; रुक सकती है पेंशन और ब्याज, तुरंत ऐसे करें सुधार

बिजनेस डेस्क: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। अगर आप नौकरीपेशा हैं और आपका पीएफ (PF) कटता है, तो आपको तुरंत अपने खाते में दर्ज ‘डेट ऑफ जॉइनिंग’ (Date of Joining) और ‘डेट ऑफ एग्जिट’ (Date of Exit) की जांच करनी चाहिए। इन जानकारियों में एक छोटी सी चूक भी आपके भविष्य की जमा पूंजी और पेंशन पर भारी पड़ सकती है।

क्यों जरूरी है ये डिटेल्स: आपकी सेवा की कुल अवधि और पेंशन की पात्रता इन्हीं तारीखों के आधार पर तय होती है। यदि ये गलत हैं, तो आपको मिलने वाली पेंशन कम हो सकती है या पीएफ निकालने के समय आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। इसके अलावा, आपके जमा पैसे पर मिलने वाले ब्याज की गणना भी इन्हीं तारीखों पर निर्भर करती है।

सुधार करने का आसान तरीका: यदि आपका UAN (Universal Account Number) आधार से लिंक और वेरिफाइड है, तो आप नाम, जन्मतिथि और जॉइनिंग/एग्जिट डेट जैसी जानकारियां ऑनलाइन पोर्टल पर खुद अपडेट कर सकते हैं। कई मामलों में इसके लिए किसी दस्तावेज की भी जरूरत नहीं पड़ती, बशर्ते बदलाव आपके योगदान रिकॉर्ड से मेल खाते हों।

यदि कंपनी बंद हो गई हो: अगर आपकी पुरानी कंपनी बंद हो गई है या नियोक्ता (Employer) सहयोग नहीं कर रहा है, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। आप एक जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर उसे किसी अधिकृत अधिकारी से सत्यापित करवाकर सीधे ईपीएफओ कार्यालय में जमा कर सकते हैं।

नियोक्ता की भूमिका: जिन सदस्यों का यूएन पूरी तरह वेरिफाइड नहीं है, उन्हें सुधार के लिए अपने नियोक्ता की मदद लेनी होगी। इसके लिए ऑनलाइन जॉइंट डिक्लेरेशन देना होता है जिसे कंपनी द्वारा मंजूर किया जाना अनिवार्य है।

ईपीएफओ ने सलाह दी है कि भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी परेशानी से बचने के लिए अभी यूएन पोर्टल पर लॉगिन करें और अपनी सभी जानकारियों को ध्यान से जांचें।

पंजाब-चंडीगढ़ में थमा बारिश का दौर: 24 घंटे में पारा 7.2°C गिरा, मोगा और फाजिल्का में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश; जानें 14 अप्रैल तक का पूर्वानुमान

पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब मौसम साफ होने लगा है,। मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण तापमान में 7.2 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है,। मौसम विभाग के अनुसार, अब 14 अप्रैल 2026 तक राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

रिकॉर्ड तोड़ बारिश: पिछले 24 घंटों में पंजाब में औसतन 13.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य (3.4 मिमी) से 297 प्रतिशत अधिक है। सबसे अधिक औसत बारिश मोगा में 40 मिमी दर्ज की गई, जबकि व्यक्तिगत रूप से रूपनगर के कोटला और भरतगढ़ में 50 मिमी (5 सेंटीमीटर) बारिश हुई।

फाजिल्का और मोगा में भारी बढ़ोतरी: अप्रैल के पहले सप्ताह में ही फाजिल्का में सामान्य से 4636% और मोगा में 1726% अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

तापमान में बढ़ोतरी के आसार: चंडीगढ़ मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

नया पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय है। इसके अलावा, 11 अप्रैल 2026 से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे मौसम में फिर से बदलाव आने की संभावना है।

आज का पूर्वानुमान: आज पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली जैसे जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि अन्य जिलों में छिटपुट वर्षा के आसार हैं।कुल मिलाकर, आने वाले एक सप्ताह तक चंडीगढ़ और पंजाब के अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रहेगी और आंधी-तूफान का कोई नया अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

लोकतंत्र का महापर्व: असम, केरल और पुदुचेरी में मतदान शुरू; बीजेपी की ‘हैट्रिक’ पर नजर, नतीजे 4 मई को

नेशनल डेस्क: आज यानी 9 अप्रैल 2026 को देश के तीन राज्यों—असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी—में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान हो रहा है। इन चुनावों में सत्ता पक्ष अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, वहीं विपक्ष सत्ता में वापसी के लिए पूरा जोर लगा रहा है।

असम में बीजेपी की हैट्रिक की उम्मीद: असम की 126 सीटों पर मतदान हो रहा है। यहाँ बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, गौरव गोगोई और बदरुद्दीन अजमल जैसे दिग्गजों की साख दांव पर है। राज्य के 35 जिलों में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा, जिसमें लगभग 2.50 करोड़ मतदाता हिस्सा ले रहे हैं।

केरल में कड़ा मुकाबला: केरल की 140 सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है। यहाँ मुख्य मुकाबला वामपंथी गठबंधन (LDF) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के बीच है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में LDF लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रहा है, जबकि UDF भ्रष्टाचार और सत्ता विरोधी लहर के मुद्दों पर वापसी की उम्मीद कर रहा है।

पुदुचेरी का सियासी समीकरण: पुदुचेरी में सत्ताधारी NDA (AINRC, BJP और AIADMK) और विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन (कांग्रेस और DMK) के बीच सीधा मुकाबला है। यहाँ के नतीजे यह तय करेंगे कि क्या कांग्रेस अपनी पकड़ बनाए रखती है या बीजेपी अपनी स्थिति और मजबूत करेगी।

मतदान से पहले के बड़े घटनाक्रम: वोटिंग से ठीक एक दिन पहले असम में कांग्रेस के एक उम्मीदवार ने पार्टी छोड़ दी, जो विपक्ष के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं, पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के काफिले की गाड़ी को ट्रक ने टक्कर मार दी, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।

नतीजों का इंतजार: इन तीनों राज्यों में डाले जा रहे वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा 4 मई 2026 को की जाएगी।प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की है।

IPL 2026: मैदान पर खिलाड़ियों की ‘फालतू’ आवाजाही पर BCCI ने लगाया बैन; अब बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को रहना होगा सावधान

स्पोर्ट्स डेस्क: आईपीएल 2026 के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने प्लेइंग कंडीशंस (Match Playing Conditions) में एक बड़ा और सख्त बदलाव किया है। यह नया नियम विशेष रूप से उन खिलाड़ियों के लिए है जो मैच की ‘प्लेइंग 11’ का हिस्सा नहीं होते हैं।

मैदान पर घूमने पर पाबंदी: अब मैच के दौरान बेंच पर बैठे खिलाड़ी (जो प्लेइंग 11 में नहीं हैं) बाउंड्री लाइन और एलईडी एडवरटाइजिंग बोर्ड्स के बीच बेवजह नहीं घूम सकेंगे,। उन्हें डगआउट में ही बैठना होगा।

ड्रिंक्स और मैसेज ले जाने के नियम: बीसीसीआई ने साफ किया है कि अब सिर्फ मैच के लिए टीम शीट में नामित 16 खिलाड़ी ही जरूरी काम जैसे ड्रिंक्स ले जाना, बल्ला बदलना या मैसेज देना कर सकेंगे,। पहले अक्सर देखा जाता था कि रिजर्व प्लेयर्स भी मैदान में आ जाते थे, जिस पर अब पूरी तरह बैन लगा दिया गया है।

बाउंड्री पर खिलाड़ियों की संख्या: नए नियमों के मुताबिक, बाउंड्री रोप के आसपास एक समय में ज्यादा से ज्यादा 5 खिलाड़ी ही रह सकेंगे। ये पांचों खिलाड़ी भी उन्हीं 16 खिलाड़ियों में से होने चाहिए जिनका नाम मैच की टीम शीट में दिया गया है।

नियमों में सख्ती: यह बदलाव मौजूदा मैच प्लेइंग कंडीशंस (MPC) की धारा 11.5.2 और 24.1.4 को और अधिक सख्त बनाने के लिए किया गया है। इन धाराओं में ड्रिंक्स ले जाने और बिब (Bib) पहनकर मैदान में रहने के नियम पहले से थे, लेकिन अब इन्हें कड़ाई से लागू किया जा रहा है।

हो सकती है कार्रवाई: बीसीसीआई ने सभी टीमों को इन निर्देशों की जानकारी दे दी है और स्पष्ट किया है कि यदि कोई खिलाड़ी इन गाइडलाइंस का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा सकता है।आमतौर पर एक आईपीएल टीम के पास 25 खिलाड़ियों का स्क्वाड होता है, लेकिन अब मैच के दिन केवल टीम शीट वाले 16 खिलाड़ियों को ही सक्रिय भूमिका निभाने की अनुमति होगी।

कनाडा में भारतीय छात्रों की बढ़ी टेंशन: 21 दिनों के भीतर मांगे ‘दुर्लभ’ दस्तावेज; चूकने पर खत्म हो सकता है रेजिडेंट स्टेटस

इंटरनेशनल डेस्क: कनाडा सरकार ने एक नया फरमान जारी कर वहां रह रहे सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कनाडा के इमिग्रेशन विभाग (IRCC) ने छात्रों को नोटिस भेजकर उनके स्टडी परमिट नियमों के पालन की पुष्टि करने के लिए दस्तावेज मांगे हैं और इसके लिए महज 21 दिनों की डेडलाइन तय की है ।

क्यों की जा रही कार्रवाई: यह कदम कनाडा के ऑडिटर जनरल केरेन होगन की उस रिपोर्ट के बाद उठाया गया है, जिसमें इंटरनेशनल स्टूडेंट प्रोग्राम की विश्वसनीयता और बढ़ते फ्रॉड (धोखाधड़ी) पर गंभीर चिंता जताई गई थी।

कौन से दस्तावेज हैं जरूरी: नोटिस के अनुसार, छात्रों को अपने डिज़ाइनेटेड लर्निंग इंस्टीट्यूशन (DLI) से एक आधिकारिक पत्र जमा करना होगा, जो उनके वर्तमान नामांकन (Enrollment) की पुष्टि करे। इसके अलावा, उन्हें अपने वर्तमान और पिछले संस्थानों की ट्रांसक्रिप्ट्स (मार्कशीट) भी देनी होंगी।

दर्ज है सख्त चेतावनी: विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगे गए दस्तावेज 21 दिनों के भीतर जमा नहीं किए गए, तो छात्र का कनाडा में अस्थायी निवासी स्टेटस (Temporary Resident Status) समाप्त किया जा सकता है।

सैकड़ों भारतीय लपेटे में: पिछले कुछ हफ्तों में कई भारतीय छात्रों को ये नोटिस मिले हैं, जिससे छात्रों और उनके परिवारों में हड़कंप मच गया है।

विशेषज्ञों की राय: इमिग्रेशन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई काफी देरी से की गई है, क्योंकि पिछले साल बढ़े फ्रॉड के मामलों वाले कई छात्र अब अपना कोर्स पूरा कर चुके हैं। अब IRCC को हर महीने की 15 तारीख तक इस जांच की रिपोर्ट स्टैंडिंग कमिटी को सौंपनी होगी।

ईरान सीजफायर के बाद नाटो पर बरसे डोनाल्ड ट्रंप: “जब जरूरत थी तब साथ नहीं था NATO”; अब फिर छेड़ा ‘ग्रीनलैंड’ का पुराना विवाद

इंटरनेशनल डेस्क: ईरान के साथ युद्धविराम (Ceasefire) होने के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नाटो (NATO) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। व्हाइट हाउस में नाटो सेक्रेटरी जनरल मार्क रूट के साथ हुई एक निजी मुलाकात के बाद ट्रंप ने गठबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

नाटो की कड़ी आलोचना: ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “जब हमें उनकी जरूरत थी, तब नाटो वहां नहीं था और अगर हमें उनकी दोबारा जरूरत पड़ी तो वे वहां नहीं होंगे”। ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान नाटो देशों ने होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने में अमेरिका की मदद करने की उनकी अपील का विरोध किया था।

गठबंधन छोड़ने की धमकी: सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने इस ट्रांस-अटलांटिक सैन्य गठबंधन को छोड़ने के बारे में भी विचार किया था, क्योंकि कई यूरोपीय देश अमेरिकी हमलों का सीधे तौर पर विरोध कर रहे थे। नाटो सेक्रेटरी जनरल मार्क रूट ने इस मीटिंग को ‘ईमानदार’ बताया, हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कई मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच गहरी असहमति थी।

ग्रीनलैंड चैप्टर फिर खुला: ईरान युद्ध की सुर्खियों के बीच ट्रंप ने अचानक ग्रीनलैंड का मुद्दा फिर से उठाकर सबको चौंका दिया है। उन्होंने ग्रीनलैंड को “बड़ा, खराब तरीके से चलाया गया, बर्फ का टुकड़ा” करार दिया।

बता दें कि डेनमार्क के इस आर्कटिक इलाके पर ट्रंप का प्लान पहले भी नाटो के लिए बड़ा सिरदर्द रहा है और इसका फिर से जिक्र होना संकेत देता है कि यह मामला अभी खत्म नहीं हुआ है।

तनाव का कारण: ट्रंप के बार-बार आह्वान के बावजूद कई यूरोपीय देश वैश्विक तेल की कीमतों को कम करने के लिए सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से बचते रहे, जिसे ट्रंप ने भरोसे की कमी माना है।